Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीआमोस 5:3 बाइबल पद की व्याख्या
आमोस 5:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि परमेश्वर यहोवा यह कहता है, “जिस नगर से हजार निकलते थे, उसमें इस्राएल के घराने के सौ ही बचे रहेंगे, और जिससे सौ निकलते थे, उसमें दस बचे रहेंगे।”
आमोस 5:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
आमोस 5:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 6:13 (HINIRV) »
चाहे उसके निवासियों का दसवाँ अंश भी रह जाए, तो भी वह नाश किया जाएगा, परन्तु जैसे छोटे या बड़े बांज वृक्ष को काट डालने पर भी उसका ठूँठ बना रहता है, वैसे ही पवित्र वंश उसका ठूँठ ठहरेगा।”

व्यवस्थाविवरण 4:27 (HINIRV) »
और यहोवा तुमको देश-देश के लोगों में तितर-बितर करेगा, और जिन जातियों के बीच यहोवा तुमको पहुँचाएगा उनमें तुम थोड़े ही से रह जाओगे।

व्यवस्थाविवरण 28:62 (HINIRV) »
और तू जो अपने परमेश्वर यहोवा की न मानेगा, इस कारण आकाश के तारों के समान अनगिनत होने के बदले तुझमें से थोड़े ही मनुष्य रह जाएँगे।
आमोस 5:3 पर टिप्पणी — एक संक्षिप्त स्पष्टीकरण
अर्थ: परमेश्वर यहोवा कहता है कि यस्राएल के नगरों में भीषण कारण से बहुधा होने वाला विनाश घटित होगा—"जिस नगर से हजार निकलते थे, उसमें इस्राएल के घराने के सौ ही बचे रहेंगे, और जिससे सौ निकलते थे, उसमें दस बचे रहेंगे"। यहाँ बचेपन का भाग्य भी भाग-भाग कर है; जातीय प्रभाव से नहीं, बल्कि विवेकपूर्ण न्याय से यह नश्वरता आ रही है।
प्रसंग-परिप्रेक्ष्य
हम आमोस की पुस्तक के संदर्भ में यह पंक्ति सुनते हैं, जब यहोवा का संदेश इज़्रायली समाज के ऊपर न्यायपूर्ण क्रोध के रूप में आता है। सामाजिक भ्रष्टाचार, असमानता, और उपास्यताओं के कारण धर्मत्याग छाया बन चुका था। यह वचन यह दिखाता है कि व्यापक विनाश भी कभी-कभी केवल कुछ ही बचे रहने के साथ क्रमिक रूप से प्रकट होता है—न्याय की कठोरता और दया के अनुशासन का सम्मिलन।
व्याख्यात्मक संकेत
- नगर-स्तर पर विनाश की मात्रा को लेकर शब्द "हजार", "सौ", और "दस" क्रमशः दुर्बल वर्गों में घटने वाले संकुचन के संकेत हैं। यह बताता है कि बड़े समुदायों में भी पतन के समय एक-एक व्यक्ति का महत्व रहता है।
- उद्धार और दया की संभावना यहां नकारात्मक नहीं, बल्कि नियत न्याय के साथ है—ईश्वर का निर्णय स्पष्ट और सुसंगत है, जीवन के हर क्षेत्र पर लागू।
मुख्य विचार
संबद्ध पाठ
1) अन्यायपूर्ण व्यवहार के विरुद्ध चेतावनी देता गया संदेश—जिसका प्रस्तर-निर्णय सामाजिक रीति-रिवाजों पर प्रभाव डालता है; यहlysninger विवरणों में कुछ समानता दिखाता है जो भविष्य में न्याय के लिए तैयार करता है।
2) मानवीय सुरक्षा के क्षणों में भी परमेश्वर की योजना की संभावना बनी रहती है—निराशा के बीच आशा के संकेत मिलते हैं।
3) धार्मिक आचरण के पुनर्निर्धारण की आवश्यकता उजागर होती है—कठोरता के साथ करुणा भी आवश्यक है ताकि समाज सुधरे।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम अपने समय के लिए यह सीख लेते हैं कि असमानता और भ्रष्टाचार के बीच भी धार्मिक नैतिकता और सामाजिक सत्य के प्रति निष्ठा चाहिए। न केवल बड़े कुलों की सुरक्षा, बल्कि छोटे-छोटे समूहों में भी ईश्वर के नियमों के अनुरुप जीवन जीना प्रेरित करता है—अब भी न्याय और करुणा एक साथ चलते हैं।
क्रॉस-रेफरेन्स (संक्षेप रूप)
1) समान चेतावनी देता स्वयंभू परिणामों के बारे में—जिनसे समाज के भीतर नैतिकता का पुनर्निर्माण संभव हो।
2) न्याय-केन्द्रित verses जो समाज में स्थिरता और सद्भाव के लिए दायित्व दर्शाते हैं।
3) दया के साथ न्याय के संतुलन पर विचार—परमेश्वर की योजनाओं में मानव आचरण की भूमिका स्पष्ट है।
नोट: नीचे उद्धरण विशिष्ट पूर्व-ग्रंथ टिप्पणीकारों के स्पष्ट शब्दों के लिए संदर्भित हैं, यदि उपलब्ध हों।
उद्धरण (संयोजन): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के स्थिर-रूप से प्रकट विचारों के छोटे-छोटे संदर्भ यहां संक्षेप में सम्मिलित हैं; स्पष्ट उद्धरण उपलब्ध होने पर ही उद्धृत शब्द यहाँ उपलब्ध होंगे।