Old Testament
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आमोस 5:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जो सभा में उलाहना देता है उससे वे बैर रखते हैं, और खरी बात बोलनेवाले से घृणा करते हैं। (गला. 4:16)
आमोस 5:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 5:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 राजाओं 22:8 (HINIRV) »
इस्राएल के राजा ने यहोशापात से कहा, “हाँ, यिम्ला का पुत्र मीकायाह एक पुरुष और है जिसके द्वारा हम यहोवा से पूछ सकते हैं? परन्तु मैं उससे घृणा रखता हूँ, क्योंकि वह मेरे विषय कल्याण की नहीं वरन् हानि ही की भविष्यद्वाणी करता है।”

यशायाह 29:21 (HINIRV) »
जो मनुष्यों को बातों में फँसाते हैं, और जो सभा में उलाहना देते उनके लिये फंदा लगाते, और धर्म को व्यर्थ बात के द्वारा बिगाड़ देते हैं, वे सब मिट जाएँगे।

यिर्मयाह 17:16 (HINIRV) »
परन्तु तू मेरा हाल जानता है, मैंने तेरे पीछे चलते हुए उतावली करके चरवाहे का काम नहीं छोड़ा; न मैंने उस आनेवाली विपत्ति के दिन की लालसा की है; जो कुछ मैं बोला वह तुझ पर प्रगट था।
आ Amos 5:10 का संदर्भ और अर्थ
पंक्तियाँ दिखाती हैं कि न्याय के साथ व्यवहार करने वाले लोगों को ऊँचे दर्जे और निष्पक्षता की माँग करनी चाहिए। यहाँ Amos के समय सामाजिक और कानूनी प्रयोग अनुचित इतिहास से जूझ रहे थे: लोग सभा में उलाहना देते हैं, खरी बात कहने वाले से घृणा करते हैं, और सही बात सुनने का साहस कम कर देते हैं। पवित्रता और सामाजिक न्याय के लिए यह संकेत है कि ईश्वर सत्य और ईमानदारी से बोलने वालों की सुरक्षा करते हैं, भले ही उन्हें विरोध का सामना करना पड़े।
मुख्य अर्थ
यह पद स्पष्ट करता है कि समाज में सत्य बोलना और अन्याय के विरुद्ध उठकर बोलना कभी-भी अच्छी स्वीकृति नहीं पाता; उलाहना और सच बोलने वाले से घृणा की जा सकती है। इसका उद्देश्य यह है कि न्यायप्रिय लोग भी कठोर आलोचना और दबाव का सामना कर सकते हैं, पर ईश्वर उनके साथ है।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबद्ध बाइबल संदर्भ
यूहन्ना 7:24 - सही निर्णय पर विचार करें, दूसरों के दिखावे के बजाय सत्य की आत्मा से जाँच करें।
गलातियों 4:16 – “क्या मैंने फिर भी तुम्हे कुटिल धुंधला किया, कि मैं तुम्हे सच बताने से पीछे हट जाऊँ?” जैसी उत्सुकता से न देखने की कोशिश का संकेत।
व्यावहारिक विवेचना
- सत्य बोलना समाज में कमजोरी नहीं, बल्कि नैतिक ताकत है। - आलोचनात्मक आवाज़ें ईश्वर के सामने सुरक्षित रहती हैं जब वे परिशुद्ध और संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत हों। - हर समुदाय को ऐसे लोगों की कदर करनी चाहिए जो अन्याय के विरुद्ध चुप नहीं रहते।
संक्षिप्त निष्कर्ष
Amos 5:10 हमें याद दिलाता है कि सच और न्याय के लिए बोलना कभी भी निष्क्रिय नहीं होना चाहिए। उलाहना देने वालों के सामने सत्य की आवाज़ को रोकना नहीं चाहिए; ईश्वर सत्य बोलने वालों के साथ है और वे खरी बात बोलते हुए भी सम्मान पा सकते हैं।
क्लोजिंग संकेत
जगह-जगह जुड़ाव के लिए यह स्पष्ट है कि एक समाज का स्वास्थ्य सत्य-आधारित संवाद पर निर्भर करता है—जिसमें सत्य बोलना और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना दोनों एक साथ सहायक बनते हैं।