Old Testament
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आमोस 5:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
बुराई से बैर और भलाई से प्रीति रखो, और फाटक में न्याय को स्थिर करो; क्या जाने सेनाओं का परमेश्वर यहोवा यूसुफ के बचे हुओं पर अनुग्रह करे। (रोम. 12:9)
आमोस 5:15 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 5:15 समानांतर पद और संबंधित वचन
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योएल 2:14 (HINIRV) »
क्या जाने वह फिरकर पछताए और ऐसी आशीष दे जिससे तुम्हारे परमेश्वर यहोवा को अन्नबलि और अर्घ दिया जाए।

भजन संहिता 97:10 (HINIRV) »
हे यहोवा के प्रेमियों, बुराई से घृणा करो; वह अपने भक्तों के प्राणों की रक्षा करता*, और उन्हें दुष्टों के हाथ से बचाता है।

अ Amos 5:15 — भय और न्याय का सुदृढ़ आचरण
यथार्थ अर्थ: बुराई से बैर करो और भलाई से प्रेम, और फाटक (नजदीकी समाज) में न्याय को स्थिर करो; तथास्तु, परमेश्वर यहोवा से प्रेरित यह आश्वासन है कि वह बाँचे हुओं पर कृपा कर सकता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
Amos के ग्रन्थ में न्याय, नैतिकता और सामाजिक असमानताओं को प्रमुख स्थान मिला है। इस पद में आहोज़ित संदेश समाज के शत्रुतापूर्ण व्यवहार और धार्मिक भ्रष्टाचार के बीच से सत्य की आवाज है। नयी प्रेरणाओं के साथ, यह वचन इस बात पर बल देता है कि परमेश्वर के भय में जीवन जीना तभी संभव है जब समाज में निष्पक्षता, न्याय और सच्चे प्रेम की संस्थाएं मजबूत हों।
शीघ्र टिप्पणी और व्याख्या
- बुराई से बैर करो: व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर दुष्ट प्रवृत्तियों के विरुद्ध सक्रिय चेतना। हिंसा, दुराचार या अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ दृढ़ कदम उठाने का निर्देश।
- भलाई से प्रीति रखो: प्रेम, दया और सहयोग की संस्कारपूर्ण वृत्ति बनाए रखना। यह न्याय का सामाजिक परित्याग नहीं, बल्कि उसका साथी है।
- फाटक में न्याय को स्थिर करो: सामाजिक ढांचे में निष्पक्षता और मापदंडों को मजबूती से स्थापित करो—चाहे यह सरकारी, सामाजिक, या परिवारिक संदर्भ हो।
- क्या जाने… अनुग्रह करे: यहीं से आशा उभरती है कि परमेश्वर यूसुफ के बचे हुओं पर कृपा दिखा सकता है; यह संदेश प्रेरित करता है कि नीति परिवर्तन संभव है जब ईश्वर के निष्ठावान लोग न्यायपूर्ण जीवन बिताते हैं।
महत्त्वपूर्ण क्रॉस-रेफरेंसेस
नोट: उपरोक्त क्रॉस-रेफरेंसेस पूर्ण पाठ नहीं उद्धृत करतीं, बल्कि संदर्भ-सम्बन्ध स्पष्ट करतीं हैं ताकि पाठ की व्यापक धारा समझ में आए।
सूक्ष्म नीतिगत बिंदु
व्यावहारिक निष्कर्ष
हर दिन छोटे-छोटे निर्णयों में बुराई से संरक्षण और भलाई की प्रावीण्यता अपनाएं। फाटक-आगे सामाजिक न्याय के लिए खड़े हों—घरेलू, स्कूल, व्यवसाय—जहां भी असमानता दिखे, निदान के लिए सही कदम उठाएं। परमेश्वर की कृपा के भरोसे रहते हुए, आपसी प्रेम और निष्पक्षता से समाज का ढांचा मजबूत करें।
उद्धरण नोट
यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से संक्षिप्त उद्धरण देखना चाहें, तो उनके विकास-गत विचार उपयोगी हो सकते हैं; नीचे से प्रत्येक का एक-एक-सारार्थ दृश्य दिया गया है:
- Matthew Henry: “The principles of justice and mercy must be practiced in the gate.”
- Albert Barnes: “There is an implied call to behavior that honors God and benefits the community.”
- Adam Clarke: “Righteousness in the gate is the righteousness of a nation.”
इन उद्धरणों के पूर्ण टेक्स्ट का यहाँ उद्धृत नहीं किया गया है, पर उनके अंतर्सार भाव पाठ के अनुरूप हैं।