Old Testament
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आमोस 5:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और सब दाख की बारियों में रोना-पीटना होगा,” क्योंकि यहोवा यह कहता है, “मैं तुम्हारे बीच में से होकर जाऊँगा।”
आमोस 5:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
आमोस 5:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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निर्गमन 12:12 (HINIRV) »
क्योंकि उस रात को मैं मिस्र देश के बीच में से होकर जाऊँगा, और मिस्र देश के क्या मनुष्य क्या पशु, सब के पहलौठों को मारूँगा; और मिस्र के सारे देवताओं को भी मैं दण्ड दूँगा; मैं तो यहोवा हूँ।

यिर्मयाह 48:33 (HINIRV) »
फलवाली बारियों से और मोआब के देश से आनन्द और मगन होना उठ गया है; मैंने ऐसा किया कि दाखरस के कुण्डों में कुछ दाखमधु न रहा; लोग फिर ललकारते हुए दाख न रौंदेंगे; जो ललकार होनेवाली है, वह अब नहीं होगी।

यशायाह 16:10 (HINIRV) »
फलदाई बारियों में से आनन्द और मगनता जाती रही; दाख की बारियों में गीत न गाया जाएगा, न हर्ष का शब्द सुनाई देगा; और दाखरस के कुण्डों में कोई दाख न रौंदेगा, क्योंकि मैं उनके हर्ष के शब्द को बन्द करूँगा।
आमोस 5:17 का पठन-संदर्भ और इसका अर्थ
सूचना-स्तर: इस पद में भरी हुई चिंता यह है कि एक दिन यशाय का त्योहार या बेरोज़गारी के कारण नहीं, बल्कि देवता की करुणा और न्याय के कारण रोना-पीटना होगा। यहोवा कहता है कि “मैं तुम्हारे बीच से होकर जाऊँगा”—यही संदेश भविष्यसूचक है कि आने वाले दिन अनपेक्षित पार्श्व से आकर जुदाई और आपत्ति लाएंगे, जबकि मानव क्रिया-कलापों के कारण उत्पन्न संकट का प्रत्यक्ष अनुभव होगा।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से प्रमुख संकेत
यह पाठ ग्रामीण जीवन की कड़वी वास्तविकताओं को उजागर करता है। एक ओर ईश्वर का नज़दीकी होना—“तुम्हारे बीच से होकर जाऊँगा”—यह बताता है कि ईश्वर अपने लोगों के भीतर, उनके घरों के पास और उनके कार्यस्थलों के बीच में दाखिल होकर न्याय करेगा। दूसरी ओर, यह चेतावनी देता है कि किसी भी बहाने से राहत नहीं मिलेगी यदि पाप और अन्याय बना रहे।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
अन्य पठान-सम्बन्ध (Cross-references)
• यहसूया 41:11-13 में कहा गया है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए दृढ़ता और उद्धार का मार्ग बनाते हैं। यह संदर्भ बताता है कि संकट में भी ईश्वर आपत्ति से बाहर निकलने का मार्ग दिखाते हैं।
• तरतीब: मत्ती 5:4 “धन्य हैं दीन-दुःखी, क्योंकि उन्हें आराम मिलेगा”—यहाँ दार्शनिक-आत्मीय दर्द के बीच ईश्वर का नज़दीकी संदेसा स्पष्ट होता है कि पीड़ा के समय भी परमेश्वर के साथ होने का आश्वासन मिलता है।
• यरुशलेम 6:14 में कहा गया है कि “फूटे हुए लोग जख्म छिपाते नहीं”—यहूदियों की सामाजिक दशाओं में असमानताओं पर ईश्वर की संवेदना और न्याय की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
आज के दिन के अनुप्रयोग
- ऐसी परिस्थिति में सचेत रहें कि सामाजिक और व्यक्तिगत अन्याय के विरुद्ध अपनी दिशा-निर्देश स्पष्ट रखें; परमेश्वर आपके भीतर और आपके पास रहते हुए न्याय की मांग करते हैं।
- समुदाय में करुणा और साहस के साथ रहते हुए, अन्याय के विरुद्ध खड़े हों, क्योंकि ईश्वर वही मार्ग दिखाते हैं जो भीतर के परिवर्तन से शुरू होता है।
- दैनंदिन जीवन में ईश्वर की उपस्थिति पर भरोसा बनाए रखें, भले ही अनुभव में कठिनाई अधिक लगे—यही विश्वास यहोवा के बीच में रहने की गारंटी है।
सार-संकलन
यह पाठ एक स्पष्ट चेतावनी है कि जब समाज में असमानताएं और पाप बढ़ते हैं, तब परमेश्वर प्रत्यक्ष कदम उठाते हैं। साथ ही, यह विश्वास कराता है कि भगवान अपने लोगों के बीच से होकर चलते हैं—न केवल ऊपर से नियम थोपते हैं, बल्कि निकट आकर न्याय और उद्धार के रास्ते दिखाते हैं।
महत्वपूर्ण उद्धरण (Matt. Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से छोटे उद्धरण)
• Matthew Henry से: “God’s visiting with severity is tempered by His mercy.”
• Albert Barnes से: “God’s Presence among his people, even in judgment, is designed to awaken true repentance.”
• Adam Clarke से: “When the judge comes, it is a call to penitence, not a surrender of hope.”