Old Testament
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आमोस 5:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे न्याय के बिगाड़नेवालों और धर्म को मिट्टी में मिलानेवालो!
आमोस 5:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
आमोस 5:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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आमोस 6:12 (HINIRV) »
क्या घोड़े चट्टान पर दौड़ें? क्या कोई ऐसे स्थान में बैलों से जोते जहाँ तुम लोगों ने न्याय को विष से, और धर्म के फल को कड़वे फल में बदल डाला है?

सपन्याह 1:6 (HINIRV) »
और जो यहोवा के पीछे चलने से लौट गए हैं, और जिन्होंने न तो यहोवा को ढूँढ़ा, और न उसकी खोज में लगे, उनको भी मैं सत्यानाश कर डालूँगा।”

होशे 10:4 (HINIRV) »
वे बातें बनाते और झूठी शपथ खाकर वाचा बाँधते हैं; इस कारण खेत की रेघारियों में धतूरे के समान दण्ड फूले फलेगा।
अर्थ का सीधा सार
यहोवा कहता है कि जो लोग न्याय को बिगाड़ते हैं और धर्म को मिट्टी में मिलाते हैं, वे अपने धर्मी निर्णयों और सत्य के मूल्यों के विरुद्ध गम्भीर गिरावट करते हैं। पवित्र व्यवस्था के मूल extracting पालन के बिना, समाज में धारणा और नीति दोनों दिग्भ्रमित हो जाते हैं; इसलिए परमेश्वर इन असंतुलनों की कड़ी आलोचना करता है और न्याय-निष्ठा की फिर से स्थापना की आवश्यकता पर बल देता है।
पृष्ठभूमि और प्रसंग
आमोस के समय इज़राइल के उत्तर के समुदायों में सामाजिक असमानता और धार्मिक आडंबर चरम पर था। लोग औपचारिकता के पीछे ढाल बनाकर न्यायिक निर्णयों को अपने हित के अनुसार मोड़ते थे। Amos 5 पूरे अध्याय में न्याय और धर्म के सही क्रम की पुकार करता है, जिसमें दुष्कर्म और शोषण के विरुद्ध आह्वान शामिल है। संदर्भ में यह वाक्य उन लोगों के बारे में है जो धार्मिक आडंबर से न्याय को छिपाते हैं और समाज में ध्वंसकारी प्रभाव डालते हैं।
विचारोचित विश्लेषण
चिड़ी-चयनित संदर्भ (Cross-references)
- व्यावहारिक निष्कर्ष के रूप में पूर्व की धार्मिक-नैतिक मानक को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता के लिए: प्रसिद्ध दूत-उद्धरणों के कारण अन्याय से बचना। उद्धरण संदर्भ नहीं पूर्ण पंक्तियाँ।
- अन्यायपूर्ण व्यवहार के विरुद्ध सामाजिक चेतना के लिए: पवित्रता की खोज और सही न्याय के लिए समुदाय का जागरूक होना आवश्यक है।
- धर्मिक आडंबर की विफलता पर रोकथाम के लिए: आंतरिक परिवर्तन से ही वास्तविक धर्म स्थापित होता है।
नोट: यहाँ हमने स्पष्ट उद्धरण नहीं दिए हैं क्योंकि इन स्रोतों के पूर्ण पाठ उद्धृत करने की अनुमति नहीं है; परन्तु Matthew Henry, Albert Barnes तथा Adam Clarke के टेस्टेमेन्ट-इनसाइट्स से मिलने वाले संकेतों को एक संयुक्त, संक्षिप्त ढंग से जोड़ा गया है।
छोटे thematic बिंदु
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम सभी को यह याद रखना चाहिए कि सत्य और धर्म का मूल हमारे दैनिक निर्णयों में प्रकट होता है—चाहे वह व्यापार हो, सत्ता-प्रभाव, या व्यक्तिगत जीवन के छोटे-छोटे कदम। ईश्वर की इच्छा है कि हम न्यायप्रिय बनें और अपने धर्म को धारण करते हुए समाज की वास्तविक भलाई करें।