Old Testament
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यिर्मयाह 17:1 यिर्मयाह 17:2 यिर्मयाह 17:3 यिर्मयाह 17:4 यिर्मयाह 17:5 यिर्मयाह 17:6 यिर्मयाह 17:7 यिर्मयाह 17:8 यिर्मयाह 17:9 यिर्मयाह 17:10 यिर्मयाह 17:11 यिर्मयाह 17:12 यिर्मयाह 17:13 यिर्मयाह 17:14 यिर्मयाह 17:15 यिर्मयाह 17:16 यिर्मयाह 17:17 यिर्मयाह 17:18 यिर्मयाह 17:19 यिर्मयाह 17:20 यिर्मयाह 17:21 यिर्मयाह 17:22 यिर्मयाह 17:23 यिर्मयाह 17:24 यिर्मयाह 17:25 यिर्मयाह 17:26 यिर्मयाह 17:27



यिर्मयाह 17:16 पर Hindi Commentary (HINIRV)
सीधे अर्थ की दिशा: इस आयत में יिर्मयाह कहता है कि उसने परमेश्वर के संदेश के अनुरोध पर अपनी निष्ठा नहीं छोड़ी, बल्कि पीछे चलकर चरवाहे के काम को स्थिरता के साथ किया और आनेवाली विपत्ति के दिन उसकी लालसा नहीं की। यह बताता है कि भविष्यवक्ता की भूमिका धैर्यमय सेवा और परमेश्वर के प्रेरित संदेश के प्रति अडिग आस्था की मांग करती है, न कि राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ की खोज।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यिर्मयाह के समय इब्रानी जाति में अत्यधिक संकट और विरोध था। भविष्यवक्ता यिर्मयाह को स्थानीय शासकों और जनसमुदाय के विरोध का सामना करना पड़ा, परन्तु उसने ईश्वर के बुलावे पर स्थिरता बनाए रखी। इस पद में वह कहता है कि उसने पीछे चलकर “चरवाहे का काम” किया—यानी उसने परमेश्वर के चरवाहे के नुस्खे के अनुसार शिकार नहीं किया, बल्कि लोगों को सही मार्ग दिखाने का दायित्व निभाया। आनेवाली विपत्ति के दिन की लालसा न कर उसने अपनी निष्ठा वास्तविक सच के पक्ष में रखी।
महत्वपूर्ण विश्लेषण
कथित cross-references (संक्षेप व्याख्या)
• परमेश्वर के बुलावे पर स्थिरता: दृढ़ता बरकरार रखने के लिए 1 कुरिन्थियों 15:58 का सिद्धांत दिखता है—परिक्षण के बीच भी दृढ़ न रहें।
• सत्य के संदेश के लिए बलिदान: यशायाह 6 और मत्ती 10 के संदर्भ में देखते हैं कि सत्य के लिए दमन सहना पड़ता है, परन्तु परमेश्वर के साथ स्थायित्व लाभदायक है।
• भविष्य के विश्वासी दृष्टिकोण: रोम 8:28 जैसी उम्मीद कि सभी चीजें परमेश्वर की योजना के अनुसार मिलकर भलाई में बदली जाती हैं, यदि वफादारी बनी रहे।
Insightful observations (संक्षिप्त)
- यिर्मयाह की पंक्ति चेतावनी नहीं, बल्कि एक याद दिलानेवाली प्रेरणा है: परमेश्वर के कार्य में निरंतरता आवश्यक है, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों।
- “परन्तु तू मेरा हाल जानता है” का शब्द समूह भगवान के ज्ञान और निष्ठा के बीच के intimate सम्बन्ध को दर्शाता है—ईश्वर हर दिल की हालत को जानता है और उसी अनुसार पुरस्कार देता है।
संक्षिप्त practical takeaway
उद्धरण (public-domain commentary से)
प्रकाशनयोग्य विचार: “चरवाहे का काम नहीं छोड़ा”—यह विचार Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के समकालीन दृष्टिकोणों में समान ताने-बाने से मिलते हैं कि एक दयालु, धैर्यवान और सत्य-प्रवचन-प्रधान जीवन ही परमेश्वर के बुलावे के अनुरूप है। यदि संक्षेप उद्धरण उपलब्ध हो, तो इन विद्वानों के छोटे-छोटे स्पष्ट उद्धरण नीचे उद्धृत किए जा सकते हैं:
Matthew Henry: "He stood still and continued in the work..."
Albert Barnes: "He did not abandon his charge, but labored faithfully..."
Adam Clarke: "He kept to his duty,—not seeking the day of trouble..."
नोट: यह सार सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के प्रवचनों के संक्षिप्त, सामान्य सार पर आधारित है; विशिष्ट वाक्यों के पूर्ण उद्धरण क्लासिक टिप्पणियों के भीतर पाए जा सकते हैं।