Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
दानिय्येल 5:1 दानिय्येल 5:2 दानिय्येल 5:3 दानिय्येल 5:4 दानिय्येल 5:5 दानिय्येल 5:6 दानिय्येल 5:7 दानिय्येल 5:8 दानिय्येल 5:9 दानिय्येल 5:10 दानिय्येल 5:11 दानिय्येल 5:12 दानिय्येल 5:13 दानिय्येल 5:14 दानिय्येल 5:15 दानिय्येल 5:16 दानिय्येल 5:17 दानिय्येल 5:18 दानिय्येल 5:19 दानिय्येल 5:20 दानिय्येल 5:21 दानिय्येल 5:22 दानिय्येल 5:23 दानिय्येल 5:24 दानिय्येल 5:25 दानिय्येल 5:26 दानिय्येल 5:27 दानिय्येल 5:28 दानिय्येल 5:29 दानिय्येल 5:30 दानिय्येल 5:31

दानिय्येल 5:24 पर टिप्पणी — एक समेकित व्याख्या
यह पद बबलण के कथा परिसर में है जहाँ बेबीलोन के नायकों के दिन-प्रतिदिन के प्रभुत्व और परमेश्वर की सत्ता के बीच संघर्ष सामने आता है। निबद्ध शब्दों में यह युवराज बेलशज़र के समय का भाग्य बताने वाले लेखे-हाथ के संदेश का हिस्सा है, जो दानिय्येल की कहानी के महान धर्म-नैतिक पाठ को पुनः उजागर करता है।
पद का परिचय और अध्याय के संदर्भ
दानिय्येल 5 अध्याय में, बेबीलोन के भोज समारोह के दौरान एक अद्भुत घटना घटती है: एक हाथ का भाग लिपि पर प्रकट होता है और राजा बेलशज़र के राज्य-प्रभुता के अंत की भविष्यवाणी लिख दी जाती है। यह संदेश—“मेनेई मेनेई तेकेल उफासिन”—राजा के पितृ-परंपरा और शासन की क्षणभंगुरता का प्रमाण बन जाता है। दानिय्येल, जिसे दिव्य ज्ञान और समझ प्राप्त है, वह इस लेखे को पढ़कर समझाते हैं कि परमेश्वर ने राजाओं की बाहु-बल की यात्रा को मापा है और सत्ता के स्तंभों को पल भर में बदल सकता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
यह verses शासक के क्रूरता और अहंकार के विपरीत परमेश्वर की नियति को स्थापित करने की प्रकृति को दिखाते हैं। एक हाथ के लेखे में दिया गया संदेश कहता है कि सत्ता सहित सब कुछ दायरे से बाहर नहीं है; परमेश्वर की योजना बातचीत के साथ चलती है। पाठक को यह स्मरण मिलता है कि व्यवहारिक जीवन में भी मानव अधिकारिता, धन-वैभव और शौर्य की पराकाष्ठा तब तक अस्थिर रहती है जब तक परमेश्वर के निर्देश उनके साथ नहीं होते।
अन्य शास्त्रों के साथ समन्वय
इन क्रॉस-रेफरेंसों में दिखती धुरी है—परमेश्वर के अधिकार का तात्कालिक प्रभाव और मानव सत्ता की सीमाएं।
कड़ियों की तुलना से पाठ की गहराई
दानिय्येल 5:24 का संदेश—“कथा के भाग” के रूप में—हमें दिखाता है कि लेखन और चेतावनी कैसे एक क्षण में सामने आ जाते हैं, और राजा के अडिग अभिमान के बाद भी परमेश्वर की न्याय-योजना क्रमबद्ध रहती है। यह विचार भाग-भाग के रूप में यह भी संकेत करता है कि परमेश्वर मानव इतिहास के मंच पर लेखे के द्वारा अपना न्यायनिष्ठ निर्णय प्रकट करते हैं, ताकि भविष्य के पाठक उनकी कृतियों के पीछे के उद्देश्य को समझ सकें।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
संक्षेप
दानिय्येल 5:24 हमें यह याद दिलाता है कि मानव सत्ता कितनी भी प्रभावी क्यों न हो, परमेश्वर की योजना उससे ऊँची है। लेखा-पत्र का यह भाग न सिर्फ तत्काल भविष्य के बारे में चेतावनी देता है, बल्कि हमें धैर्य, विनम्रता, और परमेश्वर के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
हिमायत—अगर आप चाहें, तो नीचे दिये गए क्रॉस-रेफरेंसेस में से एक-दो पाठ को खोलकर देखें कि कैसे अन्य प्रत्यक्ष घटनाक्रम भी इसी धारा में परमेश्वर के शासन की गवाही देते हैं।
कठिन शब्दों या दार्शनिक तर्कों के बजाय, यह अध्याय हमें प्रत्यक्ष परमेश्वर की सत्ता और मानवीय निर्भरता के संतुलन को सरल और सहज तरीके से समझाता है।
उद्धरण नोट: इस हिंदी टिप्पणी मेंMatthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke की सीधे उद्धरणों के संGrab उपलब्ध होने पर ही उल्लेख किया गया है; उनके समान विचारों को समन्वित रूप में है ताकि पाठक को एक संयुक्त निष्कर्ष मिले।