व्यवस्थाविवरण 32:36 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि जब यहोवा देखेगा कि मेरी प्रजा की शक्ति जाती रही, और क्या बन्धुआ और क्या स्वाधीन, उनमें कोई बचा नहीं रहा, तब यहोवा अपने लोगों का न्याय करेगा, और अपने दासों के विषय में तरस खाएगा।

व्यवस्थाविवरण 32:36 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे तौर पर अर्थ

व्यवस्थाविवरण 32:36 में कहा गया है कि जब יהוה यहोवा देखेगा कि मेरी प्रजा की शक्ति जाती रही, और क्या बन्धुआ और क्या स्वाधीन, उनमें कोई बचा नहीं रहा, तब यहोवा अपने लोगों का न्याय करेगा, और अपने दासों के विषय में तरस खाएगा। सरल शब्दों में: परमेश्वर अपने दूसरे धड़े के भार और दीनता के समय न्याय करेगा, अपने दासों पर दया दिखाएगा एवं उनकी-मुक्ति के लिए कदम उठाएगा।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह पुरा अध्याय व्यवस्थाविवरण के भाष्य में यहूदियों के समय के एक नाप-तौल से जुड़ा है, जब प्रमाद और अविश्वास के कारण लोक सुख-शांत न पाए, और परमेश्वर अपना लक्ष्य याद कर के दया दिखाते हैं। यहाँ परमेश्वर की न्यायप्रियता और दया दोनों एक साथ चमकती हैं: वह अत्याचारियों पर न्याय करेगा, पर दासों के लिए तरस खाएगा और उनकी सहायता देगा।

विश्लेषणात्मक बिंदु

• यहोवा की न्यायप्रियता: जब शक्ति जाती लगे और बंधन बढ़ जाए, तब परमेश्वर अपने न्याय को चालू कर देता है।

• दया और करुणा: दासों के प्रति तरस दिखना उसका प्रेमपूर्ण स्वभाव है।

• उद्धार की आशा का पुनःस्थापन: दुर्बलता के समय भी परमेश्वर मुक्ति की राह खोलते हैं।

छोटे थीमैटिक बिंदु

  • न्याय के समय में दया का प्रकाश
  • कैसे परमेश्वर अपने लोगों के साथ व्यवहार करता है
  • स्वाधीनता और बंधुत्व के आकलन में परमेश्वर की कर्म-संवेदना

संगत cross-reference (संक्षिप्त व्याख्या)

• प्रवेश: प्रकाशित 3:2–3 — प्रभु के सामने बुलाए गए परिश्रमी लोगों पर न्याय के साथ दया का योग।

• मिस्र से उद्धार: गलत रास्ते छोड़कर प्रभु के हाथ में आना, जो दयालु और न्यायप्रिय है; इससे प्रेरणा मिलती है कि दासी-बंधुओ की मुक्ति केवल कठोर निर्णय नहीं, बल्कि करुणा-युक्त क्रिया है।

• यशाय 49:24–26 — यहोवा दासों की मुक्ति के लिए स्वयं पहल करता है; यह पद यह बताता है कि दासों की सुरक्षा परमेश्वर के दिल में सर्वोच्च रहती है।

यथार्थ-प्रयोजन

इस verse से हमारी यह सीख उभरती है: ग़ुलामी और अस्मिता के समय परमेश्वर न्याय और दया दोनों दिखाते हैं। कठिन समय में भी उसकी कृपा के संकेत मिलते रहते हैं, और सत्य यह है कि उद्धार उसके हाथ में है।

योद्धात्मक निष्कर्ष

हमारे जीवन में जब परिस्थितियाँ कठिन लगें, तब हमें यह समझना चाहिए कि परमेश्वर अपने दासों के लिए तरस खाता है और उनकी मुक्ति के लिए कदम उठाता है। यह आवाज हमें आंतरिक निर्भरता और विश्वास के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित करती है।

पेयत्न विचार

मर्यादा और दया के संतुलन में विश्वास रखें; यहोवा न्याय करता भी है और दया भी दिखाता है—उसकी योजना सर्वस्वाती है।

संदर्भ-नोट: इस पवित्र वचन के स्पष्ट उद्गार से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की न्याय-प्रणाली दया के साथ एक है, और वह अपने दासों के प्रति करुणा को प्राथमिकता देता है।

उद्धृत उद्धरण (चार्ल्स, हैनरी, आडम क्लार्क पर उपलब्ध):

“जब यहोवा देखेगा कि मेरी प्रजा की शक्ति जाती रही…”

नोट: ऊपरन में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के ठीक-ठीक शब्द-उद्धरण अभी उपलब्ध पाठ में संक्षेप रूप में समाहित किए गए हैं; पूर्ण वाक्य उद्धरण साइट-विशिष्ट पाठ में संलग्न था तो उसे उद्धरण-चिह्नों से स्पष्ट किया जाएगा।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

व्यवस्थाविवरण 32:36 समानांतर पद और संबंधित वचन

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भजन संहिता 135:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 135:14 (HINIRV) »
यहोवा तो अपनी प्रजा का न्याय चुकाएगा, और अपने दासों की दुर्दशा देखकर तरस खाएगा। (व्यव. 32:36)

भजन संहिता 106:45 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 106:45 (HINIRV) »
और उनके हित अपनी वाचा को स्मरण करके अपनी अपार करुणा के अनुसार तरस खाया,

न्यायियों 2:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
न्यायियों 2:18 (HINIRV) »
जब-जब यहोवा उनके लिये न्यायी को ठहराता तब-तब वह उस न्यायी के संग रहकर उसके जीवन भर उन्हें शत्रुओं के हाथ से छुड़ाता था; क्योंकि यहोवा उनका कराहना जो अंधेर और उपद्रव करनेवालों के कारण होता था सुनकर दुःखी था*।

व्यवस्थाविवरण 32 (HINIRV) Verse Selection

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