व्यवस्थाविवरण 32:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

हे मूर्ख और निर्बुद्धि लोगों, क्या तुम यहोवा को यह बदला देते हो? क्या वह तेरा पिता नहीं है, जिसने तुमको मोल लिया है? उसने तुझको बनाया और स्थिर भी किया है।

व्यवस्थाविवरण 32:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

व्यवस्थाविवरण 32:6 का साक्षात अर्थ

सीधे शब्दों में यह verse ईश्वर के प्रति युवा-मनुष्यों की बुद्धिहीनता पर चोट है: क्या तुम मूर्खतापूर्वक यहोवा को बदला दे सकते हो? वह तुम्हारा पिता है जिसने तुम्हें जन्म दिया और तुम्हें स्थिर किया है। यहाँ परमेश्वर की सादगीभरी संगति और आत्म-परख के लिए आग्रह है—हमारा जीवन उसके हाथों में है, इसलिए उसकी योजना के विरुद्ध नहीं चलना चाहिए।

पृष्ठभूमि और परिप्रेक्ष्य

व्यवस्थाविवरण 32 एक काव्यात्मक भजन-उत्पत्ति है जिसमें परमेश्वर के उद्धार-कार्य और इस्राएली की अकड़-घटती हुई कहानी है। यह भजन उनके अतीत के प्रमाणों को संचित करता है—यहोवा ने उनकी रक्षा, आशीष और मार्गदर्शन किया, परन्तु उनका अनुग्रहहीन रवैया उसे चुनौती देता है। इस पंक्ति में परमेश्वर अपने लोगों से “तुम क्या कर रहे हो?” जैसे प्रश्न के साथ उनके मन के ऊँचे-ऊँचे विचारों को संबोधित कर रहे हैं।

interpretive observations

  • ईश्वर की पितृता: “तेरा पिता” शब्द यह दर्शाता है कि वह ठीक वही भूमिका निभाता है जिसे एक परम-पिता अपने बच्चों के लिए निभाता है—रक्षा, मार्गदर्शन, और जिम्मेदारी।
  • उद्धार-निर्माण: “जिसने तुमको मोल लिया है, उसने तुम्हें बनाया और स्थिर भी किया है”—यह उद्धार और स्थिति बना कर रखने के प्रमाण हैं कि ईश्वर ने उनकी सृष्टि में खास ध्येय निर्धारित किया है।
  • बुद्धिहीनता की चेतावनी: यहोवा को बदला देना ज्ञान-हीनता है; जीवन के निर्णायक क्षणों में आत्म-निर्भरता की कोशिश नुकसानदेह है।

लघु थीमैटिक सूची

  1. ईश्वर की पहचान और अधिकार: वह हमारे पिता और निर्माता है, जिसकी इच्छा मुख्य है।
  2. धारणीय जवाबदेही: हमारे निर्णय उसी के उद्देश्य के अनुरूप हों, न कि अपने-अपने स्वार्थ के अनुसार।
  3. विश्वास की स्थिरता: जीवन की अस्थिरता के बीच उसी पर टिके रहना।

संबंधित आयतें और संक्षिप्त व्याख्या

1) Salle 3:९— ईश्वर के प्रति दायित्व और उसकी कृपा को याद रखना चाहिए, ताकि हम प्रतिद्वंद्वी विचारों से दूर रहें।

2) देव-जीवन के साथ युग्मित विश्वास: ईश्वर के वचनों के अनुसार जीवन-यात्रा को चलना।

3) यहोवा की पितृत्व-शक्ति पर निर्भरता: उसके द्वारा निर्मित और स्थापित व्यक्ति के लिए सुरक्षा और मार्गदर्शन आवश्यक है।

संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष

हम जो कुछ भी करते हैं, उसका आधार यह होना चाहिए कि यह परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार है। अपने जीवन के निर्णयों में कर्तव्यपरायणता, आस्था और विनम्रता बनाए रखें, क्योंकि ईश्वर ने हमें प्रेम से बनाया है और हमारी स्थिरता भी उसी के हाथों में है।

नोट: यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-domain विचारों से प्रेरित सार-संयोजन का संयुक्त प्रस्तुति है। सटीक उद्धरण उपलब्ध हों तो नोट किया गया है:

मार्गदर्शक उद्धरण: “...” (यदि उपलब्ध) — उक्त पंक्तियाँ उपरोक्त विचारों के संकल्प से सम्बद्ध हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

व्यवस्थाविवरण 32:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यशायाह 63:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 63:16 (HINIRV) »
निश्चय तू हमारा पिता है, यद्यपि अब्राहम हमें नहीं पहचानता, और इस्राएल हमें ग्रहण नहीं करता; तो भी, हे यहोवा, तू हमारा पिता और हमारा छुड़ानेवाला है; प्राचीनकाल से यही तेरा नाम है। (यूह. 8:41)

भजन संहिता 74:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 74:2 (HINIRV) »
अपनी मण्डली को जिसे तूने प्राचीनकाल में मोल लिया था*, और अपने निज भाग का गोत्र होने के लिये छुड़ा लिया था, और इस सिय्योन पर्वत को भी, जिस पर तूने वास किया था, स्मरण कर! (व्य. 32:9, यिर्म. 10;16, प्रेरि. 20:28)

1 यूहन्ना 3:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 यूहन्ना 3:1 (HINIRV) »
देखो, पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्‍वर की सन्तान कहलाएँ, और हम हैं भी; इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि उसने उसे भी नहीं जाना।

व्यवस्थाविवरण 32 (HINIRV) Verse Selection

व्यवस्थाविवरण 32:1 व्यवस्थाविवरण 32:2 व्यवस्थाविवरण 32:3 व्यवस्थाविवरण 32:4 व्यवस्थाविवरण 32:5 व्यवस्थाविवरण 32:6 व्यवस्थाविवरण 32:7 व्यवस्थाविवरण 32:8 व्यवस्थाविवरण 32:9 व्यवस्थाविवरण 32:10 व्यवस्थाविवरण 32:11 व्यवस्थाविवरण 32:12 व्यवस्थाविवरण 32:13 व्यवस्थाविवरण 32:14 व्यवस्थाविवरण 32:15 व्यवस्थाविवरण 32:16 व्यवस्थाविवरण 32:17 व्यवस्थाविवरण 32:18 व्यवस्थाविवरण 32:19 व्यवस्थाविवरण 32:20 व्यवस्थाविवरण 32:21 व्यवस्थाविवरण 32:22 व्यवस्थाविवरण 32:23 व्यवस्थाविवरण 32:24 व्यवस्थाविवरण 32:25 व्यवस्थाविवरण 32:26 व्यवस्थाविवरण 32:27 व्यवस्थाविवरण 32:28 व्यवस्थाविवरण 32:29 व्यवस्थाविवरण 32:30 व्यवस्थाविवरण 32:31 व्यवस्थाविवरण 32:32 व्यवस्थाविवरण 32:33 व्यवस्थाविवरण 32:34 व्यवस्थाविवरण 32:35 व्यवस्थाविवरण 32:36 व्यवस्थाविवरण 32:37 व्यवस्थाविवरण 32:38 व्यवस्थाविवरण 32:39 व्यवस्थाविवरण 32:40 व्यवस्थाविवरण 32:41 व्यवस्थाविवरण 32:42 व्यवस्थाविवरण 32:43 व्यवस्थाविवरण 32:44 व्यवस्थाविवरण 32:45 व्यवस्थाविवरण 32:46 व्यवस्थाविवरण 32:47 व्यवस्थाविवरण 32:48 व्यवस्थाविवरण 32:49 व्यवस्थाविवरण 32:50 व्यवस्थाविवरण 32:51 व्यवस्थाविवरण 32:52

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