Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
भजन संहिता 1 भजन संहिता 2 भजन संहिता 3 भजन संहिता 4 भजन संहिता 5 भजन संहिता 6 भजन संहिता 7 भजन संहिता 8 भजन संहिता 9 भजन संहिता 10 भजन संहिता 11 भजन संहिता 12 भजन संहिता 13 भजन संहिता 14 भजन संहिता 15 भजन संहिता 16 भजन संहिता 17 भजन संहिता 18 भजन संहिता 19 भजन संहिता 20 भजन संहिता 21 भजन संहिता 22 भजन संहिता 23 भजन संहिता 24 भजन संहिता 25 भजन संहिता 26 भजन संहिता 27 भजन संहिता 28 भजन संहिता 29 भजन संहिता 30 भजन संहिता 31 भजन संहिता 32 भजन संहिता 33 भजन संहिता 34 भजन संहिता 35 भजन संहिता 36 भजन संहिता 37 भजन संहिता 38 भजन संहिता 39 भजन संहिता 40 भजन संहिता 41 भजन संहिता 42 भजन संहिता 43 भजन संहिता 44 भजन संहिता 45 भजन संहिता 46 भजन संहिता 47 भजन संहिता 48 भजन संहिता 49 भजन संहिता 50 भजन संहिता 51 भजन संहिता 52 भजन संहिता 53 भजन संहिता 54 भजन संहिता 55 भजन संहिता 56 भजन संहिता 57 भजन संहिता 58 भजन संहिता 59 भजन संहिता 60 भजन संहिता 61 भजन संहिता 62 भजन संहिता 63 भजन संहिता 64 भजन संहिता 65 भजन संहिता 66 भजन संहिता 67 भजन संहिता 68 भजन संहिता 69 भजन संहिता 70 भजन संहिता 71 भजन संहिता 72 भजन संहिता 73 भजन संहिता 74 भजन संहिता 75 भजन संहिता 76 भजन संहिता 77 भजन संहिता 78 भजन संहिता 79 भजन संहिता 80 भजन संहिता 81 भजन संहिता 82 भजन संहिता 83 भजन संहिता 84 भजन संहिता 85 भजन संहिता 86 भजन संहिता 87 भजन संहिता 88 भजन संहिता 89 भजन संहिता 90 भजन संहिता 91 भजन संहिता 92 भजन संहिता 93 भजन संहिता 94 भजन संहिता 95 भजन संहिता 96 भजन संहिता 97 भजन संहिता 98 भजन संहिता 99 भजन संहिता 100 भजन संहिता 101 भजन संहिता 102 भजन संहिता 103 भजन संहिता 104 भजन संहिता 105 भजन संहिता 106 भजन संहिता 107 भजन संहिता 108 भजन संहिता 109 भजन संहिता 110 भजन संहिता 111 भजन संहिता 112 भजन संहिता 113 भजन संहिता 114 भजन संहिता 115 भजन संहिता 116 भजन संहिता 117 भजन संहिता 118 भजन संहिता 119 भजन संहिता 120 भजन संहिता 121 भजन संहिता 122 भजन संहिता 123 भजन संहिता 124 भजन संहिता 125 भजन संहिता 126 भजन संहिता 127 भजन संहिता 128 भजन संहिता 129 भजन संहिता 130 भजन संहिता 131 भजन संहिता 132 भजन संहिता 133 भजन संहिता 134 भजन संहिता 135 भजन संहिता 136 भजन संहिता 137 भजन संहिता 138 भजन संहिता 139 भजन संहिता 140 भजन संहिता 141 भजन संहिता 142 भजन संहिता 143 भजन संहिता 144 भजन संहिता 145 भजन संहिता 146 भजन संहिता 147 भजन संहिता 148 भजन संहिता 149 भजन संहिता 150Verse
भजन संहिता 106:1 भजन संहिता 106:2 भजन संहिता 106:3 भजन संहिता 106:4 भजन संहिता 106:5 भजन संहिता 106:6 भजन संहिता 106:7 भजन संहिता 106:8 भजन संहिता 106:9 भजन संहिता 106:10 भजन संहिता 106:11 भजन संहिता 106:12 भजन संहिता 106:13 भजन संहिता 106:14 भजन संहिता 106:15 भजन संहिता 106:16 भजन संहिता 106:17 भजन संहिता 106:18 भजन संहिता 106:19 भजन संहिता 106:20 भजन संहिता 106:21 भजन संहिता 106:22 भजन संहिता 106:23 भजन संहिता 106:24 भजन संहिता 106:25 भजन संहिता 106:26 भजन संहिता 106:27 भजन संहिता 106:28 भजन संहिता 106:29 भजन संहिता 106:30 भजन संहिता 106:31 भजन संहिता 106:32 भजन संहिता 106:33 भजन संहिता 106:34 भजन संहिता 106:35 भजन संहिता 106:36 भजन संहिता 106:37 भजन संहिता 106:38 भजन संहिता 106:39 भजन संहिता 106:40 भजन संहिता 106:41 भजन संहिता 106:42 भजन संहिता 106:43 भजन संहिता 106:44 भजन संहिता 106:45 भजन संहिता 106:46 भजन संहिता 106:47 भजन संहिता 106:48



भजन संहिता 106:45 पर भाष्य—याद करने पर करुणा का बरसना
यह वचन बताता है कि परमेश्वर का प्रेम और अपनी वाचा के प्रति उनकी निष्ठा कैसे दुखी और गिरते समय भी न टूटती है। भजन 106 में बाइबल कहती है कि परमेश्वर अपने निवासियों के प्रति वचन-संरक्षित है और जब वे उसकी तरफ पलटते हैं, तो वह उनकी स्थिति देखकर दयामय बनता है। यह पद विशेष रूप से उनके हित की स्मृति और करुणा के अनुसार तरस खाने की बात प्रस्तुत करता है—यानी ईश्वर अपने लोगों के नाज़ुक हालात को देखकर अपने प्रतिज्ञात्मक प्रेम के अनुसार कार्य करते हैं।
प्रथम संदर्भ और मूल संदर्भ
यह भजन उस सामूहिक इतिहास का हिस्सा है जिसमें यहूदी जनता अपने पुरखे के चरणों में पुनः-पुनः गिरावट और परमेश्वर की दया के समन्वय को याद करती है। 106वां अध्याय नीचे की पंक्तियों में बारम्बार उथल-पुथल, पाप और उद्धार की पुनरावृत्ति का चित्रण है, फिर अंततः यह आता है कि परमेश्वर अपने दयालु संकल्प के अनुसार लौटने वालों पर करुणा बरसाते हैं। इस पद से एक बार फिर यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की करुणा पाप के कारण दृश्य कमजोर पड़ने पर भी निरंतर बनी रहती है और वह अपने वचन के अनुसार उद्धार करने में सक्षम है।
मुख्य संदेश
- परमेश्वर अपने निवासियों के हित के बारे में याद रखता है, भले ही वे अस्थिरता में क्यों न हों।
- उसकी करुणा, उसकी आशायों और वचन के प्रति उसकी पवित्र निष्ठा से प्रेरित है—यह उसकी महिमा के अनुरूप है।
- सतह पर दिखने वाले अपराध और निराशाजनक परिस्थितियाँ भी ईश्वर की करुणा के लिए अवसर बन जाती हैं, क्योंकि वह फिर से पलटने पर अत्यंत कृपा प्रदान करता है।
धारणीय थीम्स और सार
- स्मरण और प्रतिक्रिया: परमेश्वर अपने पुराने उद्धारक कर्मों और वादों को स्मरण कर करुणा दिखाते हैं।
- करुणा के अनुग्रह: लोगों की उलटफेर के बावजूद ईश्वर उनकी हत्या-उद्धार की दिशा में कृपा से आगे बढ़ते हैं।
- वाचा की विश्वसनीयता: परमेश्वर के वचनों की पवित्रता और उनकी प्रतिज्ञाओं की पवित्रता इस संदर्भ में उजागर होती है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेत-रूप में)
1) भजन 89:2—ईश्वर की करूणा और वचन की स्थिरता का मेल; यह दिखाता है कि वाचा की स्थिरता उनके करुणा-प्राप्ति का आधार है।
2) निर्गमन 34:7—ईश्वर को दया दिखाने वाला और सच्चे न्यायपूर्ण द्वार का संरक्षक; यह दर्शाता है कि करुणा और न्याय साथ चलते हैं।
3) भजन 106 के संदर्भ में 2 पंक्ति—अतीत के उद्धार के स्मरण से भविष्य की उम्मीद बढ़ती है; यह पाठकलन यह दिखाता है कि स्मरण और पवित्रता के साथ, परमेश्वर अपने लोगों का उद्धार करते हैं।
व्यावहारिक दैनंदिन मोड़—व्यक्ति-आध्यात्मिक प्रभाव
- जब जीवन कठिन हो, तब याद रखें कि परमेश्वर का हित हमारे लाभ के लिए स्मरण रहता है और वह अपनी करुणा के अनुसार हमारी ओर देख कर प्रीति दिखाते हैं।
- दिल से लौटना और प्रार्थना के बीच, हम उनके वचनों की सत्यता पर टिके रहते हैं और उनकी करुणा से नई ऊर्जा पाते हैं।
संक्षिप्त devotional reflection
मान लीजिए आप भीड़-भाड़ में उलझे हों, परंतु परमेश्वर की करुणा की आवाज आपके पीछे-पीछे है। जब आप लौटकर उनकी वचन के अनुरूप जीवन जिएँगे, तब उनका करुणामय हृदय तुरंत प्रतिक्रिया देगा—यानी तरस, उद्धार, और नया आरम्भ। आपकी स्मृति और उनकी स्मृति साथ मिलकर एक नई राह बना देंगी।