भजन संहिता 106:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तो भी उसने अपने नाम के निमित्त उनका उद्धार किया, जिससे वह अपने पराक्रम को प्रगट करे।

भजन संहिता 106:8 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 106:8 - Overview

यह पद यह सिखाता है कि परमेश्वर अपने नाम के निमित्त और अपने पवित्र प्रतिज्ञाओं के कारण उद्धार करता है, ताकि उसकी सामर्थ्य और धर्मी उद्धार सार्वजनिक रूप से प्रगट हो। भजनकार यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर की करुणा और वफादारी उसकी महिमा के लिए एक उपकरण बन जाते हैं, ताकि प्रजा का इतिहास उसकी महिमा से परिपूर्ण रहे।

पद का अध्याय में स्थान

भजन संहिता 106 में इज़राइल के इतिहास की पुकार और उसकी पापों के कारण उत्पन्न कठिनाइयों का पुनरुत्थान है, फिर भी केंद्रित संदेश यह है कि परमेश्वर कृपा और सामर्थ्य से कदम बढ़ाकर उद्धार करता है। इस छोटे-से प्रसंग में उद्धार का उद्देश्य केवल स्वार्थपूर्ण राहत नहीं, बल्कि परमेश्वर के नाम की महिमा और उसकी शक्तिशाली कला को दिखाना है।

मुख्य आध्यामिक पाठ

इस verse का मूल पाठ यह है कि परमेश्वर ने उद्धार किया ताकि वह अपने पराक्रम को प्रगट करे। इसका अर्थ है कि उद्धार एक दया-उद्धार है जो परमेश्वर की महानता और न्याय के एक साथ काम करने का परिणाम है। यह बताता है कि उद्धार केवल व्यक्तिगत संतुष्टि नहीं, बल्कि परमेश्वर की सत्तात्मक roya और उसकी सतत् प्रतिज्ञाओं की पुष्टि है।

अनुसंधान–पुलहल (Cross-references) और संक्षिप्त जोड़

  • निर्गमन 14:4 – परमेश्वर अपनी पहचान और सामर्थ्य स्पष्ट करने के लिए महान उद्धार देता है; उद्धार उसकी महिमा के लिए होता है।
  • यशायाह 43:12 – वह मोहित करता है और उसके हाथों से उद्धार का प्रमाण रहता है ताकि जो भी देखे वे विश्वास करें।
  • रोमियों 11:36 – सब कुछ परमेश्वर के द्वारा है और उसी के लिए है; उद्धार उसकी महिमा के चिह्न बनते हैं।

इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि उद्धार की घड़ी परमेश्वर की महिमा, उसकी प्रतिज्ञाओं और उसकी पवित्रता के बिल्कुल अनुरूप चलती है।

मुख्य संदेश का पारिवारिक अनुप्रयोग

हम मांगते हैं कि हम भी अपने जीवन में परमेश्वर के नाम के निमित्त चिह्न बनें। कठिनाई आते ही हमारे लिए उद्धार की आशा है कि परमेश्वर अपने सामर्थ्य से हमारी सहायता करेगा, ताकि लोग उसकी करुणा और शक्ति को अनुभव करें। इस वचन के अनुसार जीवित विश्वास वही है जो परमेश्वर के प्रकट होने की चाह में स्थिर रहता है, चाहे स्थिति कैसी भी हो।

स्थिर संदर्भ, संक्षिप्त अनुभूति

यह verse बाइबल में क्रिया-शक्ति के स्वरूप की पुष्टि करता है—उद्धार परमेश्वर की सच्ची महिमा दिखाने का एक तरीका है। यह याद दिलाता है कि हम कभी-कभी अपने उपाय से हार मानते हैं, पर परमेश्वर के उद्धारकारी कदम उसकी महिमा के लिए निर्धारित होते हैं और हमारे विश्राम का स्रोत होते हैं।

संक्षिप्त सार

भजन संहिता 106:8 यह बताता है कि परमेश्वर अपने नाम के निमित्त उद्धार करते हैं ताकि उनकी पराक्रम की महिमा प्रकट हो। यह पाठ हमें याद दिलाता है कि हर उद्धार ईश्वर की आस्था-योग्यता का प्रमाण है और हमारी स्थितियाँ भी उसके सामर्थ्य से पुनरुत्थान पा सकती हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 106:8 समानांतर पद और संबंधित वचन

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निर्गमन 9:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 9:16 (HINIRV) »
परन्तु सचमुच मैंने इसी कारण तुझे बनाए रखा है* कि तुझे अपना सामर्थ्य दिखाऊँ, और अपना नाम सारी पृथ्वी पर प्रसिद्ध करूँ। (प्रका. 9:17)

यहेजकेल 20:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 20:9 (HINIRV) »
तो भी मैंने अपने नाम के निमित्त* ऐसा किया कि जिनके बीच वे थे, और जिनके देखते हुए मैंने उनको मिस्र देश से निकलने के लिये अपने को उन पर प्रगट किया था उन जातियों के सामने वे अपवित्र न ठहरे।

यहेजकेल 20:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 20:14 (HINIRV) »
परन्तु मैंने अपने नाम के निमित्त ऐसा किया कि वे उन जातियों के सामने, जिनके देखते मैं उनको निकाल लाया था, अपवित्र न ठहरे।

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