Old Testament
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निर्गमन 27:12 — पश्चिम तक के आँगन की चौड़ाई
पश्चिम की ओर आँगन की चौड़ाई पर पचास हाथ के पर्दे और उनके खम्भे-दस, खाने-भी दस
स्थिति का परिचय
यह वाक्य भी祭पूर्व-भवन के आँगन के किसी भाग के निर्माण-वर्णन का हिस्सा है। पवित्र भवन के बाहरी आँगन में पर्दों और खम्भों की व्यवस्था बताती है कि how vast और कैसे खुलेपन के साथ परमेश्वर का निवास-स्थल मानव सामर्थ्य के अनुसार संरक्षित और सीमित किया गया है। पश्चिम की ओर पर्दों की चौड़ाई स्पष्ट करती है कि बाह्य आंगन को कैसे समरूप और नियंत्रित रखा गया है ताकि आस्थावान लोग प्रवेश करते समय एक निर्धारित क्रम और पवित्रता का अनुभव करें.
कथा से सीख: परमेश्वर की व्यवस्था और विश्वास
यह विवरण सुरक्षा, सीमा और पवित्रता के एक संतुलन को दर्शाता है। पर्दों की संख्या और खम्भों की गिनती बताती है कि प्रभु ने हर भाग पर व्यवस्था रखी है—उचित दूरी, स्थिरता और योजना। इसका उद्देश्य यह है कि प्रेरित और भक्त, आस्तन, प्रवेश करते समय परमेश्वर के παρουσία और मान्यता के साथ व्यवहार करें।
महत्त्वपूर्ण शब्द-चित्र
अनुशंसा पाठ और क्रॉस-रेफरेंसे
− इत्यास में आँगन के दूसरे भागों के निर्माण-विवरण देखें, जैसे प्रवेश-द्वार और दक्षिण/उत्तर की दीवारें, ताकि समग्र योजना समझ में आए।
− उद्धृत संदर्भ: जैसा कि परिशुद्ध योजना और पूजा-नियमों में है, जहां-जहां पर्दों और खम्भों की व्यवस्था का उल्लेख है वहाँ विश्वास और पवित्रता का संयोजन दृष्टिगोचर होता है।
क्रॉस-रेफरेंसे:
आज के लिए अनुप्रयोग
हमारे जीवन में भी परमेश्वर के सामने एक निर्धारित क्रम और सीमा का सम्मान आवश्यक है—नहीं तो सहज तौर पर पहुँच कायम नहीं रहती। आस्था का पर्दा-चौड़ाई बताती है कि दृढ़ विश्वास और समुदाय-जीवन के लिए सही निर्देशन, अनुशासन और पवित्रता अनिवार्य है। नया निर्माण, जो पवित्रता और स्वागत दोनों का संदेश देता है, वह हमारे रिश्तों में भी स्पष्ट and सुरक्षित क्षेत्र निर्मित करता है—जहां ईश्वर के शब्द की गूंज और सेवक-निष्ठा बनी रहती है।
संक्षिप्त समेकन
निर्गमन 27:12 में पश्चिम की ओर पचास हाथ के पर्दे और उनके खम्भे-10, खाने-भी 10—यह बना रहा एक संरचित आँगन-योजना जो सुरक्षा, पवित्रता और समुदाय के बीच संतुलन बनाती है। यह प्रभु की व्यवस्था की साक्षी है, ताकि भक्त विश्वास के रास्ते पर स्थिर रहें और ईश्वर के सामने विनीत बने रहें।
कठिन उद्धरण (यदि उपलब्ध) — Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संWeekend:
इस Commentary में सीधे शब्दों के उद्धरण नहीं दिए गए हैं; यदि आप चाहें तो मैं इन विश्वसनीय पब्लिक-डोमेन टीका-रेखाओं से छोटे-छोटे अनुच्छेद उद्धृत कर सकता/सकती हूँ—पर अभी यह सामान्य सार प्रस्तुत करता है।