Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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यहेजकेल 12:23 का स्पष्ट उद्देश्य
इस वाक्य का सीधा अर्थ है: परमेश्वर यह कह रहा है कि जन-गणना के तरीके, समय-चक्र, और भविष्य की त्रुटिपूर्ण भविष्यवाणियाँ अब निरर्थक नहीं रहेंगी; पृथ्वी पर होने वाला घटनाक्रम साक्षात् सामने आयेगा, और जो बातें दर्शन-प्रतीति तक सीमित थीं, वे वास्तविक अनुभव बनकर सामने आएंगी। संदर्भ में यह संदेश यहूदा-यूदाइ इतिहास के भीतर संदेह और निराशा के समय का उत्तर है: देवदत्त संदेश देता है कि उथल-पुथल के दौर के बाद परमेश्वर अपने उद्देश्य को स्पष्ट करेगा, और लोग नये वास्तविक समय में सत्य को पहचानेगे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यहेजकीय्रिप्त यहुओहा के प्रवचनों के बीच है जहाँ प्रेषित भविष्यवाणी के पात्रों के लिए दर्शन, संकेत और उनके प्रतिनिधित्व पर प्रश्न उठते हैं। अध्याय 12 में यहोवा यह कहता है कि यह्रूप-रेखा, जो कभी-कभी “यह कहावत” के रूप में बनती है, अब बन्द की जाएगी—यानी यह मानक नहीं रहेगा कि भाग-लौटने के संकेत क्षणिक या मिथ्या हैं। इसके साथ ही यह कहा जा रहा है कि समय निकट है: दर्शन और संकेत सच होकर दिखाई देंगे।
व्याख्यात्मक अवलोकन
कुछ सुविचारित विचार (पूर्वलीन टिप्पणीकारों से संजोया गया)
Matthew Henry से: यह चेतावनी यह नहीं बताती कि भविष्यवाणियाँ बदलेंगी, बल्कि यह कि उन के पूर्ण सत्य को अब समय की कसौटी पर पक्का किया जाएगा—लोगों को अपने हृदय-विश्वास को पुनः नवीकृत करने की आवश्यकता है।
Albert Barnes से: दिये गए वाक्य से संकेत मिलते हैं कि परमेश्वर के नापसंदित ‘कथनों’ को समाप्त कर दिया जाएगा, ताकि सत्य स्पष्ट और सर्वथा भरोसेमंद बन जाए।
Adam Clarke से: यह संदेश दर्शाता है कि प्रभु अपनेSelections और संकेतों को सरल-सीधे बना देगा, ताकि संदेहियों के लिए भी स्पष्ट हो सके कि समय कब और क्यों निकट है।
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप और संगत तर्क)
- पवित्रशास्त्र में समय की समाप्ति के संकेतों के साथ “दर्शन की सारी बातें पूरी होने पर” की भाषा मिलती है, जो विश्वासियों को जागरूक और भविष्यवाणी के पूर्ण वास्तविक दायरे की याद दिलाती है।
- कोई बात—केवल प्रतीकात्मक संकेत नहीं—बल्कि पूरा सत्य बनकर सामने आने की कसौटी पर खरी उतरेगी।
- एक अन्य संदर्भ, जहां परमेश्वर अपने लोगों को उनकी स्थिति के अनुरूप चेतावनी देता है कि वे जाँच-परख करें और विश्वास में दृढ़ रहें।
इन क्रॉस-रेफरेन्स का अर्थ यह है कि शास्त्री यह सूचित करते हैं कि भविष्यवाणी के पूर्ण प्रभाव के साथ वास्तविक अनुभव जुड़ते हैं, और यहूल-विश्वासियों के लिए एक आंतरिक पुनर्निर्माण का अवसर बनता है।
व्यावहारिक takeaway
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहहेजकेल 12:23 हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर वक्त के दायरे को स्पष्ट कर देगा। यहोवा के उद्देश्य के अनुसार, दर्शन-प्रतीतियाँ अब साक्षात घटनाओं के रूप में सामने आएंगी, और लोगों को सत्य की गहराई में उतरकर अपने विश्वास की पुष्टि करनी होगी।