Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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यहेजकेल 12:24 का संक्षिप्त अर्थ और संदर्भ
यहाहेजकेल के समय इजराइल के घराने अपने आंतरिक ख़राबी और असत्यता के कारण संकट में थे। अध्याय 12 में जो संकेत दिया गया है वह एक स्पष्ट चेतावनी है कि ईश्वर के वचनों में सत्यता की कमी और छल-छुपाव का व्यवहार अब और अधिक नहीं चलेगा। इस्वाय में भविष्यवाणी यही बताती है कि स्थिर छलावरणों के कारण वे उद्धार या ठहराव नहीं पाएंगे; सच और स्पष्ट प्रस्तुति ही जारी रहेगी।
केंद्रीय अर्थ
यह वाक्य एक निर्णायक उद्घोषणा है: भविष्य में इजराइल के घरानों में कोई भी नया झूठ या चुपके-चुपके “चिकीनी” बात फिर से नहीं चलेगी। ईश्वर के संदेश सीधे, स्पष्ट और सत्य पर टिकेंगे। इससे पूर्व जो अस्पष्टता और छल-छिपाव थे, वे समाप्त होंगे, क्योंकि ईश्वर सत्य को मानक बनाते हैं और वही आत्म-स्वीकृति का मार्ग दिखाते हैं।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबद्ध पदों से संपूर्णता
कई पुराने टिप्पणीकार मानते थे कि यह संदेश गवाह देता है कि परमेश्वर सत्य के प्रकाश में आकर स्वंय निर्णयकर्ता बनते हैं: —
• ऐंटोन्लैट (Matt. Henry) के शब्दों के अनुसार, “झूठे दर्शन से निष्कासन और सत्य के उद्घाटन का समय आया है।”
• ऐल्बर्ट बार्न्स का विचार है कि यह भविष्यवाणी आचरण में स्पष्टता लाने की ईश्वर की इच्छा को दर्शाती है, न कि पाठक को भयभीत करना।
• एडम क्लार्क भी मानते हैं कि यहाँ ईश्वर का प्रकाश अंधकार को दूर कर देगा और सत्य स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत होगा।
अन्योपयोगी संदर्भ
सम्बद्ध विचारों के लिए नीचे तीन संदर्भ देखें:
व्यावहारिक विचार
व्यावहारिक रूप से यह verse हमें यह सिखाता है कि हमारी आंतरिक मान्यताएं और बाहर की बातें एक न बांधी जाएँ। जो व्यक्ति सच-सच बोलता है, वही भय-रहित जीवन जी सकता है। चर्चाएँ में पारदर्शिता बनाए रखें, छल-छिपाव को छोड़कर सत्य को सामने रखें, ताकि ईश्वर का सत्य संदेश बिना बाधा पहुँचे।
छोटा सार
यहेजकेल 12:24 बताता है कि भविष्य के समय में ईश्वर के सत्य के सामने छिपाव, चाट-चाल और छल नहीं टिकेंगे; केवल स्पष्ट, सीधे और सत्यपूर्ण संदेश ही प्रचलित रहेंगे।