Old Testament
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एज्रा 1:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उसकी समस्त प्रजा के लोगों में से तुम्हारे मध्य जो कोई हो, उसका परमेश्वर उसके साथ रहे, और वह यहूदा के यरूशलेम को जाकर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का भवन बनाए - जो यरूशलेम में है वही परमेश्वर है।
एज्रा 1:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एज्रा 1:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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दानिय्येल 6:26 (HINIRV) »
मैं यह आज्ञा देता हूँ कि जहाँ-जहाँ मेरे राज्य का अधिकार है, वहाँ के लोग दानिय्येल के परमेश्वर के सम्मुख काँपते और थरथराते रहें, क्योंकि जीविता और युगानुयुग तक रहनेवाला परमेश्वर वही है; उसका राज्य अविनाशी और उसकी प्रभुता सदा स्थिर रहेगी। (दानि. 7:27, भज. 99:1-3)

यिर्मयाह 10:10 (HINIRV) »
परन्तु यहोवा वास्तव में परमेश्वर है; जीवित परमेश्वर और सदा का राजा वही है। उसके प्रकोप से पृथ्वी काँपती है, और जाति-जाति के लोग उसके क्रोध को सह नहीं सकते। (नहू. 1:6)

प्रेरितों के काम 10:36 (HINIRV) »
जो वचन उसने इस्राएलियों के पास भेजा, जब कि उसने यीशु मसीह के द्वारा जो सब का प्रभु है, शान्ति का सुसमाचार सुनाया। (भज. 107:20, भज. 147:18, यशा. 52:7, नहू. 1:15)
यही पाठ क्या कहता है
यह आंशिक उद्धार की योजना के उद्घाटन के रूप में कहा गया है: जब लोग लौटकर यहूदा और Yerusalem के परमेश्वर के घर बनाने के लिए तैयार होते हैं, तब परमेश्वर उनके साथ रहे। यह संदेश बताता है कि God's presence accompanies obedience और स्थानीय निर्माण के साथ उनकी कुटुम्बीय पहचान पुनर्स्थापित होगी।
पार्श्वभूमि और संदर्भ
एज्रा 1:3 इस्राएलियों के बंधन से वापसी के पहले के समय का संदर्भ देता है, जब बाबुल की दासता समाप्त हो गई और परमेश्वर ने उनकी वापसी के लिए शुरूआती कदम बनाए। राजा ईशेवर के शासनकाल में यहूदा और यरूशलेम के निवासी यहोवा के भवन के पुनर्निर्माण की ओर अग्रसर होते हैं। यह घोषणा उसी उद्देश्य को रेखांकित करती है कि हर एक व्यक्ति जिसकी भी आवश्यकता हो, वह परमेश्वर के साथ रहे, ताकि वे मिलकर परमेश्वर के मंदिर का निर्माण कर सकें।
व्याख्या के मुख्य बिंदु
• प्रत्येक व्यक्ति जो भी मुस्किल में है, अगर वह परमेश्वर के साथ रहता है, उसकी सुरक्षा और मार्गदर्शन संभव है।
• यहोवा का भवन बनाना सिर्फ विन्यास नहीं, बल्कि समुदाय के विश्वास की सक्रिय अभिव्यक्ति है।
• यहुदा और यहोवा के बीच की व्यवस्था के नवीनीकरण का संकेत है: परमेश्वर का कर्मठ व्यवहार उनके समुदाय के साथ है, जब वे उनकी इच्छा के अनुसार चलते हैं।
संदर्भित पाठ और उनके अर्थ
पूर्व-व्याख्यात्मक विचार
हेतु-धारणा है कि परमेश्वर के भवन का निर्माण उनके लोगों के वास्तविक परिवर्तन का प्रतीक है। यहूदियों के लौटने के साथ साथ विश्वास का एक नया अध्याय शुरू होता है—जहाँ लोक परमेश्वर के साथ सन्निवेशन बनाते हैं और उनकी महिमा को स्थिर करते हैं।
संक्षिप्त उपयोगी मार्गदर्शक बिंदु
अगर हमें अपनाना हो—एक छोटा takeaway
जब हम परमेश्वर के साथ रहने का विकल्प चुनते हैं, तो हम अपने जीवन के सभी हिस्सों को उन भूमिका-निर्देशक के रूप में देखते हैं जो हमारे समुदाय के लिए मार्गदर्शक बनते हैं। यह आत्म-समर्पण और सामुदायिक सेवा के बीच संतुलन स्थापित करता है।
ध्यान दें: इस पाठ के आसपास के बड़े बिंदु—यही समय है कि परमेश्वर के भवन बनाना यह नहीं कि केवल ईंटें जोड़ना, बल्कि विश्वास, समर्पण और निष्ठा से जीवन को एकत्र करना है।
मेथ्यू हेनरी, आल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क से संक्षिप्त उद्धरण (केवल जहाँ उपलब्ध)
मैथ्यू हेनरी: “यहोवा के साथ रहने का अर्थ स्पष्ट है—उनके कारण में चलना है।” (सार)
एल्बर्ट बार्न्स: “जब परमेश्वर के साथ चले, तो हर कदम में आशीष उभरती है और मंदिर-निर्माण का वास्तविक अर्थ उल्लेखित होता है।”
एडम क्लार्क: “परमेश्वर की उपस्थिति का वादा समुदाय की दिशा तय करता है; यह बताता है कि लौटना एक धार्मिक-समुदाय की पुनर्रचना है।”
क pasage के साथ अन्य संदर्भ
यशायाह 58:12—वापसी के बंधन के साथ आत्म-संरक्षण और मंदिर-निर्माण का एक रूपरेखा संकेत देता है कि कैसे आंतरिक परिवर्तन भी बाहरी पुनर्निर्माण का हिस्सा बनता है।
डैनिएल 9:25—समय-सारिणी और परमेश्वर की योजनाओं के पूर्ण होने की भविष्यवाणी; समुदाय के ठहराव के बीच भी ईश्वर की योजना आगे बढ़ती है।