Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
एज्रा 2:1 एज्रा 2:2 एज्रा 2:3 एज्रा 2:4 एज्रा 2:5 एज्रा 2:6 एज्रा 2:7 एज्रा 2:8 एज्रा 2:9 एज्रा 2:10 एज्रा 2:11 एज्रा 2:12 एज्रा 2:13 एज्रा 2:14 एज्रा 2:15 एज्रा 2:16 एज्रा 2:17 एज्रा 2:18 एज्रा 2:19 एज्रा 2:20 एज्रा 2:21 एज्रा 2:22 एज्रा 2:23 एज्रा 2:24 एज्रा 2:25 एज्रा 2:26 एज्रा 2:27 एज्रा 2:28 एज्रा 2:29 एज्रा 2:30 एज्रा 2:31 एज्रा 2:32 एज्रा 2:33 एज्रा 2:34 एज्रा 2:35 एज्रा 2:36 एज्रा 2:37 एज्रा 2:38 एज्रा 2:39 एज्रा 2:40 एज्रा 2:41 एज्रा 2:42 एज्रा 2:43 एज्रा 2:44 एज्रा 2:45 एज्रा 2:46 एज्रा 2:47 एज्रा 2:48 एज्रा 2:49 एज्रा 2:50 एज्रा 2:51 एज्रा 2:52 एज्रा 2:53 एज्रा 2:54 एज्रा 2:55 एज्रा 2:56 एज्रा 2:57 एज्रा 2:58 एज्रा 2:59 एज्रा 2:60 एज्रा 2:61 एज्रा 2:62 एज्रा 2:63 एज्रा 2:64 एज्रा 2:65 एज्रा 2:66 एज्रा 2:67 एज्रा 2:68 एज्रा 2:69 एज्रा 2:70

एज्रा 2:45 — सन्तान-गणना के संदर्भ में एक स्पष्ट अर्थ
इस पद का सीधा अर्थ है: नीचे दी गई पंक्तियाँ यह बताती हैं कि उक्त सूची में शामिल जातियाँ उसी समय के लौटे हुए यहूदियों की परंपरागत, पारिवारिक और जनजातीय रेखाओं की पहचान हैं। सरल शब्दों में कहा जाए तो यह बताता है कि लौटी हुई भीड़ के साथ किस किस्म के लोग जुड़े थे—लबाना, हगाबा, अक्कूब—ये सब यथार्थ में अलग-अलग जनजातियों, परिवारों या स्थानों के नाम हैं, जिनकी संख्या अलग-अलग थी और अब एक साथ ईश्वर के सामने लौट रहे थे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
एज्रा-पतन के बाद लौटे यहूदियों के समूह की गिनती, और विशेषकर उनके वंशावली-उल्लेख, इतिहास के ठोस पहचानों को दर्शाती है। इस संदर्भ में यह ज़रूरी है कि विभाजन के पूर्व तक यह नाम पहचाने जाते थे—हर एक के साथ एक कहानी, एक भूगोल और एक पूर्वजों की परंपरा जुड़ी होती थी। “लबाना,” “हगाबा,” और “अक्कूब” जैसे नाम एक-एक जन-समूह के परिचय कराते हैं, जो उस समय के समाज-संरचना की वास्तविकता को प्रस्तुत करते हैं।
व्याख्या के प्रमुख बिंदु
संबद्ध अंश (क्रॉस-रेफरेंसेस) और उनका छोटा स्पष्टीकरण
• नीति-उद्धरण: यह वही विचार रखते हैं जो पुनर्वासकाल के लिए यहूदियों के समूह-गठान पर लागू होते हैं; प्रत्येक जाति का अपना इतिहास है और वह परमेश्वर की योजना में स्थान पाती है।
• उल्लेखनीय क्रॉस-विवरण: एज्रा 2:59–62 में कुछ जोड़े जाने या घटाने की बात मिलती है, जो इस सूची के साथ जनजातीय पहचान की गहराई दिखाती है।
• संदर्भ-नोट: परमेश्वर के आशीर्वाद से लौटे लोगों की विविधता, एक साथ समर्पण और पूजा के स्वर को बढ़ाती है।
संविधान-आधारित छोटी थीम सूची
संशोधित निष्कर्ष
यह दृश्य यह दिखाता है कि परमेश्वर की योजना में विविधता भी एकता है। लौटी सन्तानें, भिन्न-भिन्न परिवार और जनजातियाँ—सब एक साथ आकर ईश्वर की उपासना में जब मिला देती हैं, तब समुदाय की एकता नई सुदृढ़ता पाती है। यह संदेश आधुनिक जीवन में भी है: विविध पृष्ठभूमियों के लोग मिलकर एक ठोस समुदाय बना सकते हैं, यदि वे एक दूसरे के प्रति सम्मान और परमेश्वर के मार्ग के अनुसार चलें।
शब्द-संयोजन और पूर्व-प्रकाशन उद्धरण
Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सीधे उद्धरण इस पंक्ति में संक्षेप में मिलते हैं। हलाकी इनमें से कुछ प्रविष्टियाँ समान धाराओं की हैं, परन्तु सभी एक सामान्य पाठ को समझाने में मदद करती हैं:
डायरेक्ट उद्धरण (संक्षेप): “प्रत्येक नाम एक लाख-मानव समूह की पहचान है, और उनकी वापसी एकता के लिए एक संकेत।”
नोट: उपरोक्त उद्धरण पंक्ति-सार के रूप में प्रस्तुत हैं और पूरी पंक्ति के समान नहीं हो सकता है; यदि आप विस्तृत शब्द-उद्धरण चाहें, तो प्रसिद्ध comentarists के PD (public-domain) संकलनों से देखें।
समाप्ति में, इस पद के द्वारा उद्धृत सूची से यह स्पष्ट होता है कि लौटी हुई यहूदी समाज में विविध जन-सम्प्रदाय एक साथ आकर परमेश्वर की आराधना में एकत्र हुए, जो नया-नया जीवन और पुनर्स्थापन की आशा देता है।