Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
एज्रा 2:1 एज्रा 2:2 एज्रा 2:3 एज्रा 2:4 एज्रा 2:5 एज्रा 2:6 एज्रा 2:7 एज्रा 2:8 एज्रा 2:9 एज्रा 2:10 एज्रा 2:11 एज्रा 2:12 एज्रा 2:13 एज्रा 2:14 एज्रा 2:15 एज्रा 2:16 एज्रा 2:17 एज्रा 2:18 एज्रा 2:19 एज्रा 2:20 एज्रा 2:21 एज्रा 2:22 एज्रा 2:23 एज्रा 2:24 एज्रा 2:25 एज्रा 2:26 एज्रा 2:27 एज्रा 2:28 एज्रा 2:29 एज्रा 2:30 एज्रा 2:31 एज्रा 2:32 एज्रा 2:33 एज्रा 2:34 एज्रा 2:35 एज्रा 2:36 एज्रा 2:37 एज्रा 2:38 एज्रा 2:39 एज्रा 2:40 एज्रा 2:41 एज्रा 2:42 एज्रा 2:43 एज्रा 2:44 एज्रा 2:45 एज्रा 2:46 एज्रा 2:47 एज्रा 2:48 एज्रा 2:49 एज्रा 2:50 एज्रा 2:51 एज्रा 2:52 एज्रा 2:53 एज्रा 2:54 एज्रा 2:55 एज्रा 2:56 एज्रा 2:57 एज्रा 2:58 एज्रा 2:59 एज्रा 2:60 एज्रा 2:61 एज्रा 2:62 एज्रा 2:63 एज्रा 2:64 एज्रा 2:65 एज्रा 2:66 एज्रा 2:67 एज्रा 2:68 एज्रा 2:69 एज्रा 2:70
एज्रा 2:67 – गदहों की गिनती का संकेत और उसकी बाबत होशiya
मुख्य interpretive point: इस शास्त्र में ईश्वर की रीति-रिवाज से लौटे यहूदियों की भौतिक और सामाजिक पुनर्स्थापना का एक छोटा-सा लेकिन मजबूत संकेत मिलता है: असंख्य वस्तुओं के बजाय उनके पुनःस्थापना के क्रम में हर वस्तु का उद्देश्य है—उद्धारक कार्यक्रम की समग्रता और सेवा के लिए उपयुक्त साधन। गदहे इस समय के लिए सामान्य उपयोग के प्रतीक हैं, जो प्रवर्तन, जड़ता और निष्ठा-पूर्वक कार्य में सहायक ठहरते हैं; वे स्माल तत्व हैं, परन्तु उन सबमें परम पिता का निर्देश और योजना चलती है।
लिटरेरी Kontext (साहित्यिक संदर्भ)
एज्रा पुस्तक में यहूदियों की बाबुल की captivity के पश्चात वापसी और मंदिर–प्रदत्त पुनर्निर्माण की तैयारी का वर्णन है। 2:67 खासकर यह दर्शाता है कि लौटकर आये लोग अपनी समृद्धि के बजाय सुविधा-आउषधों के रूप में साधन जुटाते हैं। गदहे, संकेत के रूप में, पथ-प्रशस्त हैं—यानी वे लोग जो कड़ी मेहनत से संग्रह कर के लाए जाते हैं, वे राजा-वर्ग के नहीं, पर सेवा के योग्य उपयोग के स्वरूप हैं।
थियोलॉजीकल Significance (आत्मिक-धार्मिक महत्व)
यहाँ यहूदियों की जातीय पहचान और पूरक भौतिक-सामग्री की महत्ता एक साथ आती है: ईश्वर की योजना में भौतिक possessions भी परमेश्वर के सेवा के लिए हैं, न कि केवल दिखावे के लिए। यह स्मरणशीलता है कि हर वस्तु—गदहमोन, पशुपालक—को परमनिर्देशक के दायरे में रखने से ही उद्देश्य पूरा होता है। इस प्रकार, यह विवरण एक सामुदायिक आत्म-निर्भरता और संस्थागत व्यवस्था की ओर संकेत देता है, जहाँ हर छोटे-छोटे घटक भी मंदिर–कार्य या कारीगरी के लिए उपयोग होंगे।
Cross-References & उनके संक्षिप्त अर्थ
व्यावहारिक कड़ी: ये cross-references यह संकेत देते हैं कि भौतिक व सांसारिक साधन—गदहा, धन,—ईश्वर के उद्देश्य के लिए कैसे समर्पित किया जाना चाहिए।
Questions for Reflection (सोचने योग्य प्रश्न)
निष्कर्ष
एज्रा 2:67 हमें दिखाता है कि पुनःस्थापना के समय ईश्वर के लोग साधनों की सरलताओं में भी उद्देश्य खोजते हैं। गदहा—एक साधारण वस्तु—भी योग्य सेवा के लिए बनती है जब उसका संचालक परमेश्वर की योजना में समाहित हो। यह संकेत देता है: भौतिक वस्तुएँ, समुदायिक व्यवस्था और सेवक-भाव एक साथ चलते हैं ताकि परमेश्वर के घर, उसकी उपस्थिति के लिए एक टिकाऊ आधार बन सके।
यहाँ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार विविधता-पूर्ण संकेत एकीकृत होते हैं: छोटे-छोटे साधन भी कार्य-योजना के अंग बनते हैं; सामुदायिक पुनर्निर्माण में हर संसाधन का सही उपयोग महत्वपूर्ण है; और भौतिक-आयाम के साथ आत्मिक-उद्धार का क्रम जोड़ा जाता है।
HINIRV अनुवाद में यह पंक्ति: "और गदहे छः हजार सात सौ बीस थे"—हमारे लिए यह स्मरण है कि लौटे हुए समुदाय की जीवन-रेखा कितनी व्यावहारिक और व्यवस्थित थी, और ईश्वर के उद्देश्य के अनुरूप हर छोटी वस्तु की भूमिका कितनी महत्त्वपूर्ण थी।