Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
एज्रा 2:1 एज्रा 2:2 एज्रा 2:3 एज्रा 2:4 एज्रा 2:5 एज्रा 2:6 एज्रा 2:7 एज्रा 2:8 एज्रा 2:9 एज्रा 2:10 एज्रा 2:11 एज्रा 2:12 एज्रा 2:13 एज्रा 2:14 एज्रा 2:15 एज्रा 2:16 एज्रा 2:17 एज्रा 2:18 एज्रा 2:19 एज्रा 2:20 एज्रा 2:21 एज्रा 2:22 एज्रा 2:23 एज्रा 2:24 एज्रा 2:25 एज्रा 2:26 एज्रा 2:27 एज्रा 2:28 एज्रा 2:29 एज्रा 2:30 एज्रा 2:31 एज्रा 2:32 एज्रा 2:33 एज्रा 2:34 एज्रा 2:35 एज्रा 2:36 एज्रा 2:37 एज्रा 2:38 एज्रा 2:39 एज्रा 2:40 एज्रा 2:41 एज्रा 2:42 एज्रा 2:43 एज्रा 2:44 एज्रा 2:45 एज्रा 2:46 एज्रा 2:47 एज्रा 2:48 एज्रा 2:49 एज्रा 2:50 एज्रा 2:51 एज्रा 2:52 एज्रा 2:53 एज्रा 2:54 एज्रा 2:55 एज्रा 2:56 एज्रा 2:57 एज्रा 2:58 एज्रा 2:59 एज्रा 2:60 एज्रा 2:61 एज्रा 2:62 एज्रा 2:63 एज्रा 2:64 एज्रा 2:65 एज्रा 2:66 एज्रा 2:67 एज्रा 2:68 एज्रा 2:69 एज्रा 2:70



एज्रा 2:58 का केंद्रित अर्थ: नतीन और सुलैमान के दासों की सन्तान
मुख्य interpretive point: बन्धन-जीवन से मुक्त होकर वे लोग जो स्वयं अपने इतिहास में दासत्व से जूझे थे, उन्हें पूरी समाज-धारा में पहचान मिलती है—यही संदेश एज्रा-काल के समुदाय के लिए था: दासों की संतान भी परमेश्वर के नवीनीकृत समाज के सदस्य हैं, और उनका स्थान ईश्वर की वचनबद्धता के साथ है।
कथानक संदर्भ (Literary Context)
यहोवा के पुनर्स्थापन के क्रम में यह सूची समूह के पहचान-चिह्न के रूप में है—कौन कौन यहूदी लोक पन्नों में लौट आए और किन-किन परिवारों की सन्तानें शामिल हैं। “नतीन और सुलैमान के दासों” की सन्तान कहना पाठ में दासत्व के इतिहास से नए जीवन के संकेत को पकड़ता है: बाहर ऊँचे वर्गों के साथ-साथ दास-परिवार भी इस नया समुदाय-यज्ञ में शामिल हैं। यह सूची आज भी दिखाती है कि परमेश्वर ऐसे व्यक्तियों की भी कदर करता है जो सामाजिक-स्थिति के कारण हाशिए पर थे।
थियोलॉजिकल संकेत (Theological significance)
1) पाप-परिचय के बावजूद दास-संतानों का सम्मिलन: दासत्व से उद्धार और पुनर्स्थापन में परमेश्वर की कृपा समस्त आयामों को छूती है; यह यहूदी समाज की ईमानदार पुनर्निर्माण की दिशा का संकेत है।
2) सामुदायिक समावेशन: दास-वंश भी चुने हुए समुदाय में प्रवेश पाते हैं, यह दिखाता है कि परमेश्वर के आह्वान की रीति-नीति सामाजिक पंक्तियों से परे है—यही न्यू-करार के समुदाय का एक आधारभूत तत्त्व है।
पाठ-संयोजन और cross-Scriptural connections
संरेखण के लिए तीन cross-references देखें:
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि दास-वंश की सदस्यता भी परमेश्वर के वचनों के सामुदायिक सच के अंतर्गत है और नयी समाज-योजना का भाग है।
चिन्हित प्रश्न (Questions for reflection)
सूक्ष्म उद्धरण (Quoted insights under caution)
नोट: नीचे Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के स्पष्ट उद्धरण उपलब्ध हो तो उनमें से “सीधे शब्द-युक्त उद्धरण” ही दिखेंगे (यदि उपलब्ध हों):
Adam Clarke के विचारों में दास-वंश के समावेशन पर बल दिया गया है कि परमेश्वर का वायदा सब के लिए है, भिन्न-भिन्न सामाजिक स्थिति के बावजूद उसका सम्मान बना रहता है।
संक्षिप्त निष्कर्ष (Conclusion)
एज्रा 2:58 यह याद दिलाता है कि धार्मिक समुदाय में स्थान पाने के लिए बाहरी स्थिति नहीं, बल्कि नया जन्म और परमेश्वर की दया निहित है। नतीन और सुलैमान के दासों की सन्तान भी भागीदार हैं—यह एक समावेशी राष्ट्र-निर्माण की दिशा है, जहाँ हर परिवार को ईश्वर के वचन से जुड़ने का अवसर मिलता है।