Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
एज्रा 8:1 एज्रा 8:2 एज्रा 8:3 एज्रा 8:4 एज्रा 8:5 एज्रा 8:6 एज्रा 8:7 एज्रा 8:8 एज्रा 8:9 एज्रा 8:10 एज्रा 8:11 एज्रा 8:12 एज्रा 8:13 एज्रा 8:14 एज्रा 8:15 एज्रा 8:16 एज्रा 8:17 एज्रा 8:18 एज्रा 8:19 एज्रा 8:20 एज्रा 8:21 एज्रा 8:22 एज्रा 8:23 एज्रा 8:24 एज्रा 8:25 एज्रा 8:26 एज्रा 8:27 एज्रा 8:28 एज्रा 8:29 एज्रा 8:30 एज्रा 8:31 एज्रा 8:32 एज्रा 8:33 एज्रा 8:34 एज्रा 8:35 एज्रा 8:36



एज्रा 8:14 पर टिप्पणी (HINIRV)
पवित्र स्मरण में एज्रा 8:14 पोशिश करता है ताकि हम वापसी से पहले के दास-स्थिति और उनके साथ जुड़ी समुदायिक संरचनाओं को समझ सकें। इस आयत में कहा गया है कि बिगवै के वंश में से ऊतै और जक्कूर थे, और उनके संग सत्तर पुरुष थे। यह भाग धार्मिक यात्रा के दौरान सहयोगी दलों की एक सूचि है, जो राजसी-यात्रा के समय के विश्वासयोग्य लोगों की संगति को दर्शाती है: वे लोग जिन्होंने परमेश्वर के उत्साह के साथ वापस लौटना चाहा, परंतु कुछ तब अफसर-बहादुरी के साथ उल्लेखित रहते हैं।
केंद्रीय अर्थ
यह आयत यह दिखाती है कि ईश्वरीय योजना में प्रवासी और वापसी के समय विभिन्न परिवारों और समूहों के प्रतिनिधि एक साथ चले। बिगवै के वंश के सत्तर पुरुषों का उल्लेख यह संकेत देता है कि चक्र-यात्रा में सामाजिक-जातीय संरचना भी शामिल थी, और हर वर्ग का सहभागिता आवश्यक था ताकि एक सुसंगत और विश्वसनी यात्रा संभव हो।
मुख्य विषय
गतिशील विचार (Cross-references)
• निर्गमन 12:37 और नीत-उत्पत्ति 46:27— संगति और परिवारों के समूहों के मिलकर चलने की परंपरा दिखाते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की योजना में समुदाय की विविधता महत्वपूर्ण है।
• दानिएल 6:3— न्यायी-परिश्रम और संगति की भावना, जब समुदाय एक साथ उन्नति की दिशा में आगे बढ़ता है।
• नीतिवचन 11:14— सही मार्गदर्शन के बिना पर्याप्त सुरक्षा नहीं; समूह का नेतृत्व और संख्या-गणना यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
व्यावहारिक प्रायोगिक भाग
इस आयत से सीख मिलती है कि हमारी संस्थाओं में विविधता आना स्वाभाविक है, परंतु एक साझा उद्देश्य और ईश्वरीय मार्गदर्शन के अनुरूप चलना ज़रूरी है। व्यक्तिगत प्रयासों के अलावा समूह-योजनाओं में पारस्परिक सम्मान, स्पष्ट नेतृत्व और सत्यनिष्ठा बनाए रखना चाहिए ताकि दृढ़ विश्वास के साथ कठिन यात्राओं को भी पूरा किया जा सके।
संक्षेप
एज्रा 8:14 हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर की योजना में हर परिवार, हर वंश और हर साथी की भागीदारी आवश्यक है। यह समूह-यात्रा का प्रतिनिधित्व करता है कि faith-driven समुदाय कैसे कठिन समय में भी एकजुट रहकर आशीष और वापसी का मार्ग बनाता है।