Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
एज्रा 8:1 एज्रा 8:2 एज्रा 8:3 एज्रा 8:4 एज्रा 8:5 एज्रा 8:6 एज्रा 8:7 एज्रा 8:8 एज्रा 8:9 एज्रा 8:10 एज्रा 8:11 एज्रा 8:12 एज्रा 8:13 एज्रा 8:14 एज्रा 8:15 एज्रा 8:16 एज्रा 8:17 एज्रा 8:18 एज्रा 8:19 एज्रा 8:20 एज्रा 8:21 एज्रा 8:22 एज्रा 8:23 एज्रा 8:24 एज्रा 8:25 एज्रा 8:26 एज्रा 8:27 एज्रा 8:28 एज्रा 8:29 एज्रा 8:30 एज्रा 8:31 एज्रा 8:32 एज्रा 8:33 एज्रा 8:34 एज्रा 8:35 एज्रा 8:36



एज्रा 8:35 पर दृष्टिकोण
यह पद उन लोगों के बारे में है जो बेबीलोन की captivity से लौटकर ईब्राहिम-परिवार के साथ भगवान के सामने आते हैं। उन्होंने परमेश्वर के बैठक-स्थल के लिये होमबलि और भिन्न प्रकार की बलिदानी चढ़ाने की व्यवस्था की—यह एक धार्मिक पुनःस्थापना का दृश्य है जिसमें समुदाय की केन्द्रीय आस्था और पूजा की पुनःस्थापना स्पष्ट होती है।
पद का अध्याय के संदर्भ में अर्थ
चूँकि यहा-हँकार नहीं है कि कौन-सी कठोर व्यवस्था लागू थी, पर यह स्पष्ट है कि लौट आए हुए लोग अपने पूर्वजों की तरह ईश्वर के लिये पूर्णसमर्पण दिखाते हैं: बारह बछड़े, छियानबे मेढ़े, सतहत्तर मेम्ने और बारह बकरे—ये सब होमबलि और पापबलि के लिए समर्पित थे। यह सामूहिक निर्माण और युग-गत्य के बीच की एक लैंगिक-सम्पन्न पूजा का संकेत है, जिसमें समुदाय एक साथ आकर अपने परमेश्वर के प्रति निष्ठा व्यक्त करता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अनुशीलन और सुसंगत संदर्भ
यह घटना बराबर से तलाशी लेने पर यह दिखाती है कि वैकल्पिक बलिदान स्वीकार्य थे जब समुदाय ने लौटकर सामूहिक पूजा की व्यवस्था स्थापित की। समझने योग्य दृष्टि से अन्य ग्रंथ भी इसी विचार को पुष्ट करते हैं कि परमेश्वर के साथ निष्ठा और पवित्र आयोजन एक साथ चलते हैं:
लगभग सूत्रीकरणीय पाठ निष्कर्ष
कैसे लागू करें: जैसा कि लौटे हुए लोग सामूहिक बलिदान के द्वारा परमेश्वर के सामने अपनी निष्ठा दिखाते हैं, वैसे ही आज के पाठक भी अपनी आस्थाओं को साझा करें—खुद-खुद के बजाय समुदाय के साथ, जो चीजें पवित्र हैं उन्हें पहले स्थान दें, और परमेश्वर के दरबार में विनम्रता के साथ लौटें। यह प्रमुख विचार है कि धर्म-कर्म एक व्यक्तिगत अनुभव होने के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी सूचक है।
कुल योग और अनुपूरक संकेत
क्रॉस-रेफरेंस: एकीकृत समझ के लिये नीचे के संकेत देखें—
महत्वपूर्ण उद्धरण: यहाँ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की निशानियाँ मिलती हैं, परंतु यहाँ वे सीधे पद के लिए पूर्ण उद्धरण नहीं दे रहे हैं; उनके विवेचन के भीतर यह संदेश मिलता है कि सामूहिक बलिदान और पवित्रता के पुनःस्थापन की महत्ता है।
संक्षेप में, एज्रा 8:35 यह स्मरण कराता है कि लौटे हुए लोग परमेश्वर के लिये एक साथ एक सुसंगत आस्था-यात्रा शुरू करते हैं—एकमात्र परमेश्वर के सामने समर्पण के साथ, पहले की कमज़ोरियों से सीख लेते हुए और एक नई, पवित्र समुदाय के निर्माण की ओर अग्रसर होते हैं।