Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
एज्रा 8:1 एज्रा 8:2 एज्रा 8:3 एज्रा 8:4 एज्रा 8:5 एज्रा 8:6 एज्रा 8:7 एज्रा 8:8 एज्रा 8:9 एज्रा 8:10 एज्रा 8:11 एज्रा 8:12 एज्रा 8:13 एज्रा 8:14 एज्रा 8:15 एज्रा 8:16 एज्रा 8:17 एज्रा 8:18 एज्रा 8:19 एज्रा 8:20 एज्रा 8:21 एज्रा 8:22 एज्रा 8:23 एज्रा 8:24 एज्रा 8:25 एज्रा 8:26 एज्रा 8:27 एज्रा 8:28 एज्रा 8:29 एज्रा 8:30 एज्रा 8:31 एज्रा 8:32 एज्रा 8:33 एज्रा 8:34 एज्रा 8:35 एज्रा 8:36



एज्रा 8:4 — तत्कालीन संदर्भ एवं पाठ का अर्थ
यह पद एज्रा के मंत्रिमंडल-यात्रा से पहले के माहौल का दृश्य प्रस्तुत करता है। आचार्यों के अनुसार, एज्रा 8 अध्याय में वापस लौटने से पहले यह सूची बताती है कि ईश्वर की व्यवस्था के अनुसार परमेश्वर की आवश्यकता अनुसार कितने सेवक, पुरोहित और खासकर योद्धा-समर्थक समूह यात्रा के लिए एकत्र हुए। पहत्मोआब के वंश में से जरहयाह का पुत्र एल्यहोएनै तथा उसके साथ दो सौ पुरुष शामिल थे। यह विवरण यह संकेत देता है कि मूर्तिपूजा या सामाजिक विभाजन के बीच भी परमेश्वर अपने लोगों के लिए उचित नेतृत्व और सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।
पाठ से पहले-के-आत्म-साक्ष्य: परमेश्वर की सुरक्षा और नेतृत्व
यह छोटा-सा नाम-सूची परमेश्वर की ओर से चयनित सुरक्षा-समूह का संकेत देता है। एज्रा के समय प्राथमिकता यह थी कि यह दल रास्ते की कठिनाइयों के बीच सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से यात्रा करे। यह भी दिखाता है कि परमेश्वर अपने लोग किस प्रकार समुदाय और ध्येय के साथ मिलकर चलते हैं—एक योजना के भीतर, एक नियुक्त कार्य के साथ।
शब्दार्थ और प्रतीक
अनुशंसित क्रॉस-रेफ़रेंसेज
आज के संदर्भ में पाठ की सीख
1) उद्देश्य-केन्द्रित समूह: जीवन की पथ-यात्रा में एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ चलना—परमेश्वर के निर्देशों के अनुसार योजना बनाकर, जोखिम कम करने के लिए सुरक्षा-बंध बनाना।
2) विश्वास-आधार: नाम-यात्रा में भी परमेश्वर की हिदायत और संरक्षण की आवश्यकता बनी रहती है; यह दिखाता है कि विश्वास के साथ छोटी-छोटी इकाइयों का भी बड़ा प्रभाव होता है।
3) समुदाय-समर्थन: परिवार के वंश और समुदाय के सदस्य मिलकर एक साझा लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते हैं; यह एकता और सहयोग का संदेश देता है, जिसे आधुनिक जीवन में भी अपनाया जा सकता है।
संक्षेप-समाज
एज्रा 8:4 में एक संक्षिप्त किन्तु प्रभावी सूची यह बताती है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए योजना बनाकर, योग्य नेतृत्व और सुरक्षा-कार्य के साथ, समूह की यात्रा को व्यवस्थित बनाता है। यह पाठ तत्कालीन समुदाय के लिए एक प्रेरक विधान है कि कैसे छोटे समूह मिलकर बड़े उद्देश्य को साधते हैं—विश्वास में चलना और परमेश्वर की पथ-निर्देशन में रहने के सार को दर्शाते हैं।
उद्धृत अंश (मीट्यू-हेनरी, अलबेर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क से आवश्यक संक्षेप निष्कर्ष):
“यह विभागन केवल स्रोत-संरचना नहीं है; यह सुरक्षा-बंध और उद्देश्य-निर्माण का एक प्रदर्शन है।” — मीथ्यू हेनरी के समान भाव से समाहित विचार
“जहाँ परमेश्वर की योजना और मनुष्य की कर्मठता मिलती है, वहाँ सफलता मिलती है।” — एडम क्लार्क के सारांशभाष्य से प्रेरित एक पंक्ति
“विश्वास के ठोस कदम वही होते हैं जो एक एकत्र समूह बनकर चलते हैं।” —Albert Barnes के अनुवाद-शैली का समन्वय