एज्रा 8:31 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

पहले महीने के बारहवें दिन को हमने अहवा नदी से कूच करके यरूशलेम का मार्ग लिया, और हमारे परमेश्‍वर की कृपादृष्टि हम पर रही; और उसने हमको शत्रुओं और मार्ग पर घात लगानेवालों के हाथ से बचाया।

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एज्रा 8:31 पद-दर-पद बाइबल टीका

एज्रा 8:31 का संदर्भ और अर्थ

इस वचन में एज्रा और उसकी पहली वापसी टीम ने अहवा नदी से यात्रा शुरू की। वे यरूशलेम के लिए लौट रहे थे, और verse का केंद्र यह बताता है कि परमेश्वर ने उनके साथ कृपा दिखाई और मार्ग में होने वाले खतरों से उन्हें बचाया। यह समय राज्य-निर्माण के पहले चरणों से जुड़ा है, जब लौटे लोग सुरक्षा और सीधेसंयोजन की मांग करते थे।

मुख्य संदेश

ईश्वर की कृपा एवं देखरेख के बिना यह कठिन यात्रा संभव नहीं होती। न केवल यात्रा की सुरक्षा, बल्कि हर कदम में परमेश्वर की सहायता स्पष्ट है। इसलिए विश्वसनीयता और विवेक के साथ आगे बढ़ना चाहिए, जबकि भरोसा ईश्वर पर बनाए रखना चाहिए।

केंद्रीय थीम

  • ईश्वर की रक्षा: शत्रुओं और मार्ग में छिपे खतरों से बचाव।
  • विश्वास की परीक्षा: कठिन यात्रा के बीच परमेश्वर पर निर्भर रहना।
  • कर्मठता और विधान-सम्मतता: लौटकर देवालय-कार्य के लिए पुनः सक्रिय होना।

अनुसंगिक पद पथ

निम्न संदर्भ विचारान्वित करते हैं कि कैसे परमेश्वर अपने लोगों की सुरक्षा और मार्गदर्शन करता है: यशायाह 41:10 में कहा गया कि छलकपट नहीं, क्योंकि मैं तुम्हारे साथ हूँ; नीतिवचन 3:5-6 कहता है कि भरोसा परमेश्वर पर रखो और तुम्हारा मार्ग उसे पूछकर ढो।

प्रायोगिक आत्म-चिंतन

हम भी जब जीवन-यात्रा में हों, चाहे चुनौतीपूर्ण रास्ते हों या जोखिम भरे क्षण, तब ईश्वर की कृपा को याद करते हैं। आपकी दिनचर्या के छोटे-छोटे निर्णय—भरोसे पर आधारित हों या तर्क से संचालित—इन दोनों पर निर्भर करते हैं कि आप संकट में कहाँ ठहरते हैं। इस verse की कीर्ति यह है कि परमेश्वर हमारी सुरक्षा में सक्रिय रहता है, इसलिए दिल खोलकर हाथ बढ़ाएं तथा दीन–दिल से उनकी सहायता देखें।

क्रॉस-रेफरंस और उनके विचार

परमेश्वर के संरक्षण पर विचार देते हुए कुछ समान बाइबिल पाठ: यहोशू 1:9—“मैं तुझसे कह रहा हूँ, तुम न डरो और न थको; क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा तुझके साथ है।” प्रकाशितवाक्य 3:8—विश्वास और अस्थिरता के बीच ईश्वर के साथ रहने का इनाम।

संक्षिप्त समापन

एज्रा 8:31 हमें सिखाता है कि कठिन प्रवास भी प्रभु की कृपा से सुरक्षित होता है। भरोसा, निश्चय, और तज्जनित सुरक्षा—ये तीनों मिलकर यात्राओं को आध्यात्मिक रूप से सफल बनाते हैं। जैसे एज्रा ने प्रभु की सहायता पर निर्भर रहकर आगे का मार्ग तय किया, वैसे ही हम भी हर कदम पर उसकी कृपा के भरोसे चलें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

एज्रा 8:31 समानांतर पद और संबंधित वचन

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एज्रा 7:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
एज्रा 7:9 (HINIRV) »
पहले महीने के पहले दिन को वह बाबेल से चल दिया, और उसके परमेश्‍वर की कृपादृष्टि उस पर रही, इस कारण पाँचवें महीने के पहले दिन वह यरूशलेम को पहुँचा।

एज्रा 8:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
एज्रा 8:21 (HINIRV) »
तब मैंने वहाँ अर्थात् अहवा नदी के तट पर उपवास का प्रचार इस आशय से किया, कि हम परमेश्‍वर के सामने दीन हों; और उससे अपने और अपने बाल-बच्चों और अपनी समस्त सम्पत्ति के लिये सरल यात्रा मांगें।

एज्रा 8:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
एज्रा 8:15 (HINIRV) »
इनको मैंने उस नदी के पास जो अहवा* की ओर बहती है इकट्ठा कर लिया, और वहाँ हम लोग तीन दिन डेरे डाले रहे, और मैंने वहाँ लोगों और याजकों को देख लिया परन्तु किसी लेवीय को न पाया।

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