उत्पत्ति 49:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

हे यहोवा, मैं तुझी से उद्धार पाने की बाट जोहता आया हूँ।

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उत्पत्ति 49:18 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 49:18 का संक्षिप्त भावार्थ (HINIRV)

यह वचन बताता है कि याकूब के आशीर्वाद के समय अंतःकरण से यहोवा के उद्धार की आशा बनी रही और वह उस उद्धार की बाट जोहते रहे। इसका अर्थ है विश्वास की स्थिरता और परमेश्वर के कृपामय विश्वासयोग्यता पर निर्भरता।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह श्लोक याकूब के आशीर्वादों के समापन भाग का भाग है, जहाँ प्रत्येक बेटा अपने अपने आशीर्वाद पाता है। याकूब ने अपने पुत्रों के साथ एक सूचित-प्रेरक संदेश किया और अंत में दया और उद्धार की प्रत्याशा को सम्मिलित किया। यहोवा की उद्धार-योजना के प्रति एक तीव्र उम्मीद यहाँ उभरती है; याकूब जानता है कि वह सब कुछ ईश्वर के हाथों में है और उसी से रक्षा एवं उद्धार संभव है।

व्याख्या के मुख्य बिंदु

  • उद्धार की प्रतीक्षा: श्लोक में दयालु परमेश्वर के उद्धार के लक्ष्य के प्रति स्थिर अपेक्षा की बात है।
  • आस्थागत दृढ़ता: समय की कठिनाइयों के बीच भी विश्वास की राह नहीं टूटती; आशा के स्रोत परमेश्वर की कृपा है।

एंथोलॉजी से जुड़ी ठंडी धारा

यह श्लोक एक प्रमुख थीम देता है—मुक्ति की आशा और परमेश्वर के वचनों पर भरोसा रखना।

cross-references (संकेत-प्रसंग)

1) रोम 8:24-25 — उद्धार की आशा के कारण जीवनेश्वर की योजना पर विश्वास और धैर्य रखना होता है; प्रेरित पौलुस इसे हमारे लिए सिद्धांत बनाते हैं।

2) इब्र 11:7 — विश्वास के द्वारा नूह ने उद्धार की आशा में कार्य किया; याकूब की यह प्रतीक्षा भी विश्वासिता का परिचय है।

3) होश 6:3 — परमेश्वर हमें सच्चे उद्धार की ओर बुलाते हैं; विश्वास की राह में निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।

छोटी-सी योजना-सार

  • उद्धार की आशा स्थिर रहे
  • विश्वास पर आधारित जीवन जीना
  • ईश्वर के उद्धार के वादों पर टिके रहना

संदर्भित बुद्धि-वार्ता

यह श्लोक प्रेरणा देता है कि कठिन समय में भी उद्धार की राह पाने की आशा न टूटे। याकूब की यह अन्तिम ध्वनि यह सन्देश देती है कि ईश्वर का कृपित उद्धार ही सभी मानव-यात्राओं का वास्तविक लक्ष्य है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

व्यक्ति के लिए यह सीख है कि संकटों के बीच भी परमेश्वर की उद्धार-योजनाओं पर भरोसा बनाए रखें, प्रत्यक्ष अनुभवों के बजाय उसकी वचनों पर टिके रहें और आस्थात्मक धैर्य से प्रभु की कृपा की प्रतीक्षा करें।

प्रमुख उद्धरण: मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क के संक्षिप्त विचार यहाँ आवश्यक संदर्भ के रूप में प्रयुक्त हैं; विशिष्ट शब्द-चयन में वे अपने-अपने पूर्व-रचित टिप्पणीशास्त्र के मार्गदर्शन देते हैं, परन्तु यहाँ समेकित सार को प्राथमिकता दी गई है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 49:18 समानांतर पद और संबंधित वचन

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भजन संहिता 119:166 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 119:166 (HINIRV) »
हे यहोवा, मैं तुझसे उद्धार पाने की आशा रखता हूँ; और तेरी आज्ञाओं पर चलता आया हूँ।

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भजन संहिता 119:174 (HINIRV) »
हे यहोवा, मैं तुझसे उद्धार पाने की अभिलाषा करता हूँ, मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूँ।

यशायाह 25:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 25:9 (HINIRV) »
उस समय यह कहा जाएगा, “देखो, हमारा परमेश्‍वर यही है; हम इसी की बाट जोहते आए हैं, कि वह हमारा उद्धार करे। यहोवा यही है; हम उसकी बाट जोहते आए हैं। हम उससे उद्धार पाकर मगन और आनन्दित होंगे।” परमेश्‍वर मोआब को दण्ड देगा

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