उत्पत्ति 8:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्या पक्षी, क्या पशु, क्या सब भाँति के रेंगनेवाले जन्तु जो पृथ्वी पर रेंगते हैं; जितने शरीरधारी जीव-जन्तु तेरे संग हैं, उन सबको अपने साथ निकाल ले आ कि पृथ्वी पर उनसे बहुत बच्चे उत्‍पन्‍न हों; और वे फूलें-फलें, और पृथ्वी पर फैल जाएँ।”

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उत्पत्ति 8:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 8:17 — तत्कालीन संदर्भ और पाठ का सार

यह आयत Noah के जलपरे कथा के प्रवाह में है, जब ईश्वर ने बाढ़ के बाद सारी पृथ्वी को पाट देने के आदेश को पुनः स्थापित किया। विश्वस्त तूफान के बाद यह वचन दिखाता है कि परमेश्वर ने पृथ्वी को पुनर्जीवित करने और मानव जाति के साथ पृथ्वी के जीवन को बहाल करने की योजना दोहराई।

ईश्वर के विश्वासयोग्यता का संकेत

यह वचन भगवान की इच्छा–शक्ति को स्पष्ट करता है कि पृथ्वी की पुनर्जीवन केवल भाग्य पर नहीं छोड़ दी जाएगी, बल्कि उनके ईरादे के अनुसार होगी। परमेश्वर ने जो कुछ भी बनाया है, वह शांत, सुव्यवस्थित और बहुविध जीवन के लिए अवसर देता है; हर प्रकार के जीव-जंतु—पक्षी, पशु, और रेंगने वाले—सब को उनके स्थान और प्रसार के साथ पृथ्वी पर रहने की अनुमति मिलती है। इससे परमेश्वर की व्यवस्था और संरक्षण का वर्णन साफ़ झलकता है।

प्रमुख शब्द और चित्रों की व्याख्या

  • पक्षी, पशु, रेंगनेवाले जीव - पृथ्वी पर विविधता का प्रतीक: ईश्वर ने सारी विविधता को बनाए रखा है ताकि स्थायित्व और पुनर्जन्म संभव हो।
  • अपने साथ निकाल ले आ - Noah से कर्तव्य की पूर्ति का आह्वान। प्रभु के निर्देश पर पृथ्वी की भरपूरता का विस्तार उनके संरक्षण और आशीष के साथ जुड़ा है।
  • पृथ्वी पर फैल जाएँ - पुनः जीवन और प्रसार की प्रकिया: पृथ्वी में विभाजन नहीं बल्कि बहुरूपी जीवन का संवर्धन।

संबंधित आयतें (कथन-गणना के साथ)

  • उत्पत्ति 9:1-3 — परमेश्वर के पुनः आशीर्वाद और जीवन के लिए अनुमति का पुनरुक्ति। प्राणी-जीवन का संरक्षण और उनके आचरण के निर्देश।
  • यहोशू 24:16 — जीवन के निर्णय में आत्म-निष्ठा का आग्रह और परमेश्वर की प्रभुता स्वीकारना।
  • भजन 104:24-25 — प्रकृति की विविधता और परमेश्वर की अद्भुत योजना के कारण भाव-विचार.

इन cross-refs से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर ने प्रकृति के प्रत्येक प्राणी के लिए स्थान निर्धारित किया है और जीवन के प्रवाह को बाधाओं के बावजूद थामे रखा है।

आज के लिए अनुप्रयोग

— ईश्वर की विश्वव्यापी योजना में प्रत्येक जीव का स्थान और उद्देश्य मान्य है। हमें प्राणी-जीवन के साथ करुणा और सम्मान रखना चाहिए, और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीना सीखना चाहिए।

— भरोसा रखें कि परमेश्वर अपनी व्यवस्था में स्थिरता बनाकर रखता है, भले ही हम विश्व के सामने भयभीत या अस्थिर महसूस करें।

एक संयुक्त दृष्टिकोण

इस वचन में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकारों के द्वार से प्रकट विचार मिलते हैं: परमेश्वर ने पत्ते-पत्ते की तरह विविध जीव-जगत को पुनः जीवन में लाने की क्षमता और जिम्मेदारी Noah के कंधों पर डाली—यही जीवन का प्रमुख संदेश है: आशीष, संरक्षण, और दायित्व.

कहावत के रूप में याद रहे—“प्रकृति की विशालता और जीवन का बहाव” God के क्रम का अंग है, जिसे आत्म-विश्वास के साथ स्वीकारना चाहिए।

नोटेशन: उद्धरण संकेत

जहाँ आवश्यक हो, नीचे दिए गए अनुभागों में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट शब्द उद्धृत किए गए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 8:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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उत्पत्ति 1:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 1:22 (HINIRV) »
परमेश्‍वर ने यह कहकर उनको आशीष दी*, “फूलो-फलो, और समुद्र के जल में भर जाओ, और पक्षी पृथ्वी पर बढ़ें।”

यिर्मयाह 31:27 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 31:27 (HINIRV) »
“देख, यहोवा की यह वाणी है, कि ऐसे दिन आनेवाले हैं जिनमें मैं इस्राएल और यहूदा के घरानों के बाल-बच्चों और पशु दोनों को बहुत बढ़ाऊँगा।

उत्पत्ति 9:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 9:1 (HINIRV) »
फिर परमेश्‍वर ने नूह और उसके पुत्रों को आशीष दी* और उनसे कहा, “फूलो-फलो और बढ़ो और पृथ्वी में भर जाओ।

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