Old Testament
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याकूब 2:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और तुम में से कोई उनसे कहे, “शान्ति से जाओ, तुम गरम रहो और तृप्त रहो,” पर जो वस्तुएँ देह के लिये आवश्यक हैं वह उन्हें न दे, तो क्या लाभ?
याकूब 2:16 पद-दर-पद बाइबल टीका
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याकूब 2:16 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 यूहन्ना 3:16 (HINIRV) »
हमने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिए अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए।


याकूब 2:16 — संदर्भ के साथ व्याख्या
पद का सन्निकट दृश्य यह बताता है कि विश्वास के साथ व्यवहार में व्यावहारिक सहायता कितनी आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति दूसरों से केवल शब्दों में सांत्वना दे, पर वास्तविक जरूरतमंद को भोजन, ठहरने या गरमी आदि आवश्यक वस्तुओं से सहायता न दे, तो उसका प्रेम कितनी गहराई तक प्रकट होता है? याकूब यही प्रश्न उठाते हैं कि faith बिना deeds के जीवित नहीं रहता।
ईश्वर और विश्वास का संदेश
याकूब इस पाठ में चेतावनी देते हैं कि वास्तविक विश्वास केवल ভাব या कथन तक सीमित नहीं हो सकता। यदि हमारी आस्था दूसरों की भिन्न-भिन्न आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील नहीं है, तो उसका अस्तित्व संदेहपूर्ण है। यह परमेश्वर के मानवीय प्रेम के साथ संगत है, जिसमें प्रेम स्वाभाविक रूप से आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।
महत्वपूर्ण शब्दावलियाँ और चित्र
अनुसार पाठ के पारस्परिक संबंधित हिस्से
याकूब की यह शिक्षण वाणी स्पष्ट करती है कि "विश्वास और कार्य" एक साथ चलना चाहिए। कुछ समान विचार अन्य पुस्तकें से भी मिलते हैं, जैसे कि भक्तों के बीच व्यवहारिक सहायता की आवश्यकता पर जोरदार निर्देश।
संदर्भ-क्रॉस रेफ़रेंस
उल्लेखित क्रॉस रेफ़रेंस में से प्रत्येक से यह धारणा मजबूत होती है कि धर्मसत्ता सिर्फ कलमा से नहीं, बल्कि जीवन के व्यवहार से भी प्रमाणित होनी चाहिए।
आज के संदर्भ में उपयोगिता
आज के समुदायों में यह पाठ एक समकालीन मानक देता है: अगर हम किसी की वास्तविक जरूरत पर ध्यान नहीं देते, तो हमारे कथन और कृपा के शब्द खाली हो जाते हैं। यह न केवल सहायता का प्रश्न है, बल्कि रिश्तों की ईमानदारी और विश्वास की सत्यता का परीक्षण भी है। संतुष्टि के लिए जरूरी वस्तुएँ जुटाने के साथ, हमें संज्ञा-समझ और संवेदना के साथ मदद देनी चाहिए—दूसरों को गरम कपड़े, भोजन या ठहरने की व्यवस्था प्रदान करना, ताकि उनके दैनिक जीवन में वास्तविक सहायता पहुँचे।
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