Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयोएल 1:19 बाइबल पद की व्याख्या
योएल 1:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे यहोवा, मैं तेरी दुहाई देता हूँ, क्योंकि जंगल की चराइयाँ आग का कौर हो गईं*, और मैदान के सब वृक्ष ज्वाला से जल गए।
योएल 1:19 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
योएल 1:19 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 50:15 (HINIRV) »
और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊँगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।”

यिर्मयाह 9:10 (HINIRV) »
“मैं पहाड़ों के लिये रो उठूँगा और शोक का गीत गाऊँगा, और जंगल की चराइयों के लिये विलाप का गीत गाऊँगा, क्योंकि वे ऐसे जल गए हैं कि कोई उनमें से होकर नहीं चलता, और उनमें पशुओं का शब्द भी नहीं सुनाई पड़ता; पशु-पक्षी सब भाग गए हैं।

आमोस 7:4 (HINIRV) »
परमेश्वर यहोवा ने मुझे यह दिखाया: और क्या देखता हूँ कि परमेश्वर यहोवा ने आग के द्वारा मुकद्दमा लड़ने को पुकारा, और उस आग से महासागर सूख गया, और देश भी भस्म होने लगा था।
योएल 1:19—मौजूदा स्थिति का आह्वान
पंक्तियाँ यह दिखाती हैं कि जब जंगल और मैदान के पेड़ आग से जल उठते हैं, तो ईश्वर के सामने हमारे प्रार्थना-गीत कितने तीव्र और आवश्यक हो जाते हैं। योएल के संदर्भ में यह एक राष्ट्रीय आपदा है, जिसे देव-निशानी और चेतावनी के रूप में पढ़ना चाहिए। परमेश्वर की सत्ता के सामने भली-भांति असतत्वपूर्ण स्थिति उभरती है; उसकी उच्चता और न्याय-दृष्टि लोगों की आत्मा में डर, विनय और लौटने की प्रवृत्ति को उजागर करती है।
ईश्वर या विश्वास के बारे में टेक्स्ट से जो मिलता है
यह वचन जंगलों और खेतों की खड़ी आग के कारण जीवन के संकट को दिखाता है—मानवीय बुनियादी संसाधन, फसलों की जात, और समुदाय की सुरक्षा खतरे में। इस विपत्ति के बीच यह पाठ आश्वस्त करता है कि परमेश्वर सुनता है और दुखित समय में मध्यस्थ बनता है। आग की भयावहता एक बहुविध चेतावनी है: ईश्वर के आदेशों की उपेक्षा, पाप–बोध, और पश्चाताप का आह्वान।
महत्वपूर्ण शब्दों/छवियों की स्पष्टता
अन्य बाइबिल संदर्भ (क्रॉस-रेफरेंसेस)
• योएल 2:12-13 में लौटने का आह्वान—दिल से और आंसुओं के साथ पश्चाताप।
• दानिएल 9:13-14—ज्वाला-भय के बीच ईश्वर की दया और उद्धार की व्यवस्था।
• यूहन्ना 3:19-21—अंधकार से प्रकाश की ओर आना और कर्मों के अनुसार सत्य की स्वीकृति।
प्रेसेंट-डे एप्लिकेशन
1) विपत्तियाँ मिलने पर आध्यात्मिक लौटना: हम अपने जीवन के क्षेत्रों—व्यवसाय, परिवार, समाज—में विश्वास और नैतिकता के पुनर्निर्माण का आग्रह करें।
2) समुदायिक प्रार्थना: आपदा के समय एक साथ इकट्ठे होकर प्रार्थना करें और आशीर्वाद के लिए परमेश्वर की सहायता मांगें।
3) फसली और पर्यावरणीय जिम्मेदारी: इस पाठ से प्रेरित होकर प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर संरक्षण और सतत उपयोग की दिशा में कदम उठाएं।
एक समेकित टिप्पणी
यह पाठ दिखाता है कि परमेश्वर की शक्ति के सामने मनुष्य कितना छोटा और निर्भर हो जाता है, पर वह साथ ही दयालु है और पश्चाताप स्वीकार करता है। मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के प्राचीन-ग्रंथ-विवेचनों में से कुछ विचार यह संकेत करते हैं कि बिपत्ति की समयावधि में एक जागृति, निर्णय, और फिर उद्धार की ओर मार्ग खुलता है।
यूकेज उद्धरण (सार): यदि आवश्यक हो तो कुछ पंक्तियाँ भाग में उद्धृत हैं—“हाँ, यहोवा सुनता है”—परन्तु पूर्ण पाठ नहीं दिया गया है।