Old Testament
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योएल 3:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जाति-जाति के लोग उभरकर चढ़ जाएँ और यहोशापात की तराई में जाएँ, क्योंकि वहाँ मैं चारों ओर की सारी जातियों का न्याय करने को बैठूँगा।
योएल 3:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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योएल 3:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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योएल 3:2 (HINIRV) »
उस समय मैं सब जातियों को इकट्ठा करके यहोशापात की तराई में ले जाऊँगा, और वहाँ उनके साथ अपनी प्रजा अर्थात् अपने निज भाग इस्राएल के विषय में जिसे उन्होंने जाति-जाति में तितर-बितर करके मेरे देश को बाँट लिया है, उनसे मुकद्दमा लड़ूँगा।

यशायाह 2:4 (HINIRV) »
वह जाति-जाति का न्याय करेगा, और देश-देश के लोगों के झगड़ों को मिटाएगा; और वे अपनी तलवारें पीट कर हल के फाल और अपने भालों को हँसिया बनाएँगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरुद्ध फिर तलवार न चलाएगी, न लोग भविष्य में युद्ध की विद्या सीखेंगे। अहंकार नष्ट किया जाएगा (भज. 46:9, मीका. 4:3)

भजन संहिता 96:13 (HINIRV) »
यह यहोवा के सामने हो, क्योंकि वह आनेवाला है। वह पृथ्वी का न्याय करने को आनेवाला है, वह धर्म से जगत का, और सच्चाई से देश-देश के लोगों का न्याय करेगा। (प्रेरि. 17:31)
योएल 3:12 पर टिप्पणी—जातियाँ समय की अदालत के लिए एकत्र
मुख्य निष्कर्ष (interpretive point): पवित्र ersch ललकारता है कि सभी जातियाँ अवश्य एकत्र होकर प्रभु के विरुद्ध समीक्षा-कार्य के लिए उपस्थित होंगी; यह परमेश्वर की न्याय-व्यवस्था का विश्वव्यापी मंच है। वहाँ न्याय होगा—जहाँ हर आत्मा को उसकी राह और सत्य के अनुरूप जवाबदेही दी जाएगी।
ग्रंथीय संदर्भ और साहित्यिक संरचना
योएल के इस भाग में भविष्य की आपदा-उल्लास और दया दोनों का संतुलन मिलता है। “जाति-जाति के लोग उभरकर चढ़ जाएँ” कहकर लेखक विश्व-जातियों की समागम का दृश्य प्रस्तुत करता है: यह एक प्रकार का अग्नि-परीक्षा का क्षण है जिसमें राष्ट्र, समुदाय, और समुदायों के समूह परमेश्वर के सामने एक समान स्वीकार्यता के साथ खड़े होते हैं। “चारों ओर की सारी जातियों का न्याय करने को बैठूँगा” यह दृश्य न्याय की पूर्णता और सार्वभौम निर्णय की गवाही देता है।
थियोलॉजिकल महत्त्व
इस वचन में न्याय और दया का संयोजन प्रमुख है। परमेश्वर का न्याय सार्वभौमिक है—जाति-भेद से परे—परंतु यह न्याय बोध-समुदाय को एक साथ बुलाने का संकेत भी है। न्याय के साथ तत्क्षण द namoro और पाप-उत्पत्ति के परिणाम स्पष्ट होंगे; परन्तु यह भी शुभ संकेत है कि परमेश्वर की योजना सबके लिए उद्धार की भी राह खोलती है।
पवित्रशास्त्री स्रोतों से संक्षिप्त मिलान
Matthew Henry और Adam Clarke आदि पवित्र-टीका-लेखकों के विचारों के अनुसार, यह वचन सर्व-जातीय न्याय-आह्वान है जो परमेश्वर के राज-कार्य के पूर्ण सत्य को उजागर करता है। वे मानते हैं कि यह दावत-सी बैठक न केवल भयावह है, बल्कि वह अवसर है जब परमेश्वर हर जाति के लिए न्याय और अवसर उपलब्ध कराते हैं। (उद्धरण-नोट: नीचे उद्धरण केवल संकथन हेतु समाहित हैं।)
उद्धरण की चर्चा
यदि उद्धरण मिलें, तो यह उल्लेखित होंगे ताकि पाठक शैली-स्वर को समझ सकें। ध्यान दें कि यहाँ अनिवार्यतः पूर्ण पवित्र-ग्रंथ उद्धरण नहीं दिये जाते, बल्कि उनके स्वर से प्रेरित विचार प्रस्तुत होते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में) और उनका संक्षेप
इन संदर्भों का जोड़ पाठ में यह दर्शाता है कि परमेश्वर के राज्य के विस्तार में सभी जातियाँ भागीदारी निभाती हैं और न्याय-सत्य की पुष्टि होती है।
सोचने के प्रश्न (Reflection)
संक्षिप्त निष्कर्ष
योएल 3:12 से निकलता संदेश स्पष्ट है: परमेश्वर की न्यायसंगत कार्यवाही विश्व भर में एक समान अवसर और परीक्षण को प्रस्तुत करती है। यह पाठ हमें याद दिलाता है कि सभी जातियाँ एक तीर्थ में मिलकर परमेश्वर के न्याय को मानें—न केवल डर से बल्कि विश्वास और आशा से भी भरपूर।
नोट: प्रकाशित commentary में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संलग्न संक्षिप्त उद्धरण समय-समय पर संकेतन के रूप में जोड़े जाते हैं। यदि आवश्यक हो, मैं उद्धरण-रेफरेंस को स्पष्ट संदर्भ सहित और स्पष्ट अनुवाद में उद्धृत कर दूँगा।