Old Testament
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योएल 3:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए सुनो, मैं उनको उस स्थान से, जहाँ के जानेवालों के हाथ तुम ने उनको बेच दिया, बुलाने पर हूँ, और तुम्हारा दिया हुआ बदला, तुम्हारे ही सिर पर डाल दूँगा।
योएल 3:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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योएल 3:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 43:5 (HINIRV) »
मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूँ; मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊँगा, और पश्चिम से भी इकट्ठा करूँगा। (यहे. 36:24, जक. 8:7)

यिर्मयाह 23:8 (HINIRV) »
परन्तु वे यह कहेंगे, 'यहोवा जो इस्राएल के घराने को उत्तर देश से और उन सब देशों से भी जहाँ उसने हमें जबरन निकाल दिया, छुड़ा ले आया, उसके जीवन की सौगन्ध।' तब वे अपने ही देश में बसे रहेंगे।”

2 थिस्सलुनीकियों 1:6 (HINIRV) »
क्योंकि परमेश्वर के निकट यह न्याय है, कि जो तुम्हें क्लेश देते हैं, उन्हें बदले में क्लेश दे।
यहोवा का इशारा: दुष्टों के लिए न्याय और दयालुता की पुनर्रचना
सीधे अर्थ का संकेत: योएल 3:7 बताता है कि देवता उन लोगों को बुलाकर, जिन्होंने उनके संदिग्ध विश्राम को तोड़ा और अन्याय किया है, उन जगहों से वापस बुलाते हैं जहाँ से उन्होंने दूसरों को बेच दिया था। यहाँ उद्धार और दायित्व एक साथ जुड़ते हैं: दुष्टों के कर्मों के परिणाम उनके सिर पर लौटेंगे।
प्रसंगिक पृष्ठभूमि
यहोवा के दायित्वों के लिए यह समय बोधक है—योरम और अन्य जातियों के बीच हुए उत्पीड़न के परिदृश्य में यह वादा है कि न्याय और प्रतिशोध दोनों एक साथ मिलेंगे। जो लोग पुराने दुष्कर्मों के बाद भी चुप रहते हैं, वे प्रभु की सच्चाई से बच नहीं पाएंगे। यह उद्धार की बात नहीं है, बल्कि असत्य के परिणामों की स्पष्ट चेतावनी है ताकि लोग पश्चात्ताप करें।
interpretive observations
थीमेटिक सूची
संदर्भित क्रॉस-रेफरेंसे
1) योएल 2:32 — प्रभु के पवित्र ग्रहण और उद्धार के लिए आह्वान; यह संकेत देता है कि वह दयालुता से भरा है परन्तु न्याय भी है।
2) निर्गमन 20:13-15 — हत्या-चोरी जैसे आंतरिक नैतिक नियम जो समाज के संतुलन को बनाए रखते हैं; इस verse में भी दायित्व और कानूनी व्यवस्था का सम्मान दिखता है।
3) मत्ती 5:39 — प्रतिशोध के बजाय प्रेम और क्षमा की शिक्षा; यह क्रॉस-रेफरेंस दर्शाता है कि बाईं राह पर भी प्रभु के विचार परिवर्तन ला सकते हैं।
छोटे व्यावहारिक निष्कर्ष
- अन्याय के विरुद्ध खड़े रहें, परंतु दया और क्षमा के मार्ग को भी न भूलें।
- अपने कृत्यों के दुष्परिणामों से बचने के लिए सत्य और न्याय के मार्ग पर चलना सीखें।
संक्षिप्त एकीकृत व्याख्या
यह पदकथन एक सख़्त सच का उद्घाटन है: गलती करने वालों के लिए एक समय-सीमा में न्याय निर्धारित है, ताकि दोषी व्यक्ति की स्थिति में बदलाव आ सके। परन्तु यह संदेश केवल दंड तक सीमित नहीं है; परमेश्वर की बुलाहट में सुधार और पुनर्निर्माण का भी संकेत है—वे लोग जो अन्याय में लिप्त रहे, उन्हें भी अपने पथ से पलटना चाहिए। इस दृष्टिकोण में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के चर्चनों के संकेत मिलते हैं जो कहते हैं कि न्याय के साथ देव प्रेम और क्षमा का मार्ग भी खोलता है।
महत्त्वपूर्ण उद्धरण (संक्षेप में):
— “जो कुछ किया गया है, वह सिर पर लौटेगा” के विचार में Clarke और Barnes के कुछ टिप्पणियाँ justice के साथ mercy की आवश्यकता को पुष्ट करती हैं।