Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयोएल 3:13 बाइबल पद की व्याख्या
योएल 3:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हँसुआ लगाओ, क्योंकि खेत पक गया है। आओ, दाख रौंदो, क्योंकि हौज़ भर गया है। रसकुण्ड उमण्डने लगे, क्योंकि उनकी बुराई बहुत बड़ी है। (मर. 4:29, प्रका. 14:15-18)
योएल 3:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
योएल 3:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

प्रकाशितवाक्य 14:15 (HINIRV) »
फिर एक और स्वर्गदूत ने मन्दिर में से निकलकर, उससे जो बादल पर बैठा था, बड़े शब्द से पुकारकर कहा, “अपना हँसुआ लगाकर लवनी कर, क्योंकि लवने का समय आ पहुँचा है, इसलिए कि पृथ्वी की खेती* पक चुकी है।”

मरकुस 4:29 (HINIRV) »
परन्तु जब दाना पक जाता है, तब वह तुरन्त हँसिया लगाता है, क्योंकि कटनी आ पहुँची है।” (योए. 3:13)

होशे 6:11 (HINIRV) »
हे यहूदा, जब मैं अपनी प्रजा को बँधुआई से लौटा ले आऊँगा, उस समय के लिये तेरे निमित्त भी बदला ठहराया हुआ है।
येलीआह कर के संकेत: योएल 3:13 का स्पष्ट अर्थ
यह दृश्य बाग-उपज के समय का है, जब खेत पक चुके होते हैं और किसान harvest के लिए हत्थे गिन रहे होते हैं। योएल के संदर्भ में यह एक प्रतीक है: समय का आघात जल्दी आ सकता है, और धर्मी-जनों के लिए चेतावनी यह है कि आ पहुँचे खतरे से सावधान रहें। वह लोग, जो बुराई के कारण दंडित हो रहे हैं, एक क्रोधी दिन की चेतावनी सुनते हैं।
परमेश्वर और विश्वास के बारे में यह पाठ क्या बताता है
यह भाग हमारे ईश्वर के न्याय और संहार के दृष्टिकोण को दर्शाता है: जो लोग फसल की तरह अपने जीवन को उपजाते हैं, वे समय के हिसाब से निर्णय के योग्य होते हैं। परमेश्वर के सामने समय की गति तेज है—हँसुआ और रसकुण्ड जैसे चित्र यह दिखाते हैं कि दुष्टों के कार्य जल्द ही सामने आ जाते हैं, और विजयी न्याय नीचे आता है। यह संदेश आश्वस्त करता है कि परमेश्वर हर आवेशपूर्ण क्रूरता पर न्याय करेगा, और उसी पर भरोसा रखने वाले लोगों को सुरक्षित रखेगा।
प्रमुख शब्दों और चिह्नों की व्याख्या
संयुक्त क्रॉस-रेफरेंसेस
1) मरकुस 4:29 — “जब फसल पक जाए, तब वह तुरंत अग्निपरीक्षा लाती है”—यह दर्शाता है कि समय पर निर्णय और न्याय आता है।
2) प्रेरितों के प्रेरणा-ग्रंथ 14:15–18 — जीवन की दिशा में धर्म का सही महत्त्व, अर्थात् पाप-धर्म से मुक्त होकर परमेश्वर के राज्य के लिए चेतना और आशीष की आवश्यकता।
3) प्रकाशितवाक्य 14:15 — न्याय के समय के संकेत, जो यह दर्शाता है कि अंत के दिन में ईश्वर का न्याय ध्वनि-ध्वनि से आएगा और सत्यापन होगा।
आज के समय में अनुप्रयोग
- अपने जीवन के निर्णयों के लिए समय की सचेत चेष्टा रखें; जो किया जाना है, उसे देर किए बिना करें।
- बुराई के ढांचे को देख कर पलटाव लाने की कोशिश करें; क्योंकि दुष्कर्म के परिणाम कभी-कभी तबाही की शक्ल में सामने आते हैं।
- परमेश्वर के न्याय के दिन के प्रति जागरूक रहें और उसके मार्ग के अनुसार व्यवहार करें — दया, विश्वास, और निष्कपट भक्ति को अपनाएं।
संक्षेप सार
योएल 3:13 हमें यह चेतावनी देता है कि दुष्टों के कर्मों के परिणाम समय-सीमा के भीतर सामने आते हैं, और परमेश्वर के न्याय के दिन से पहले लोग अपने मार्ग को सुधार लें। यह लॉक-इन संदेश है कि धार्मिक जीवन में समय का सही उपयोग और ईश्वर के राज्य के लिए आचरण ही सच्चे फल की कुंजी है।
उद्धृत स्रोत संकेत: कुछ अनुभागों में प्रकाशित उद्धरण यदि použyaMatthewHenry, Albert Barnes, Adam Clarke के शब्द-उद्धरण हों तो उनके नाम के साथ छोड़े गए हैं।