Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयोएल 3:11 बाइबल पद की व्याख्या
योएल 3:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे चारों ओर के जाति-जाति के लोगों, फुर्ती करके आओ और इकट्ठे हो जाओ। हे यहोवा, तू भी अपने शूरवीरों को वहाँ ले जा।
योएल 3:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
योएल 3:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 13:3 (HINIRV) »
मैंने स्वयं अपने पवित्र किए हुओं को आज्ञा दी है, मैंने अपने क्रोध के लिये अपने वीरों को बुलाया है जो मेरे प्रताप के कारण प्रसन्न हैं।

सपन्याह 3:8 (HINIRV) »
इस कारण यहोवा की यह वाणी है, “जब तक मैं नाश करने को न उठूँ, तब तक तुम मेरी बाट जोहते रहो*। मैंने यह ठाना है कि जाति-जाति के और राज्य-राज्य के लोगों को मैं इकट्ठा करूँ, कि उन पर अपने क्रोध की आग पूरी रीति से भड़काऊँ; क्योंकि सारी पृथ्वी मेरी जलन की आग से भस्म हो जाएगी। (प्रकाशित. 16:1)

भजन संहिता 103:20 (HINIRV) »
हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन को मानते* और पूरा करते हो, उसको धन्य कहो!
योएल 3:11 पर टिप्पणी: चारों ओर के जाति-जातियाँ एकत्रित हों
मुख्य interpretive point—यहोवा के दिन की तैयारी में सभी जातियाँ एक साथ खड़ी हों, और परमेश्वर के चमत्कारी उद्धार और न्याय के प्रसार के लिए एक एकजुटता बनें। युद्ध-युग की आकांक्षा नहीं, बल्कि भगवत् उद्भव का क्षण है जिसमें सब ने एक साथ यहोवा के सामने आकर अपनी स्थिति और दायित्व स्वीकार किया।
साहित्यिक संदर्भ (लिटरेरी संदर्भ)
आयत 11 का पाठ यह स्पष्ट करता है कि आपदा या आक्रमण के संदर्भ में भी परमेश्वर की ओर से एक आह्वान है—जातियों को फुर्ती से आकर इकट्ठा होने का आह्वान। बंधनकारी प्रकृति के विपरीत, यहाँ एक तीव्र प्रतिक्रिया और साक्षात्कार की मांग है: यहोवा के न्याय और उद्धार के मार्ग में भागीदारी।
धार्मिक महत्व (थियोलॉजील significance)
यूहन्नीय चेतावनियों की पृष्ठभूमि में यह वाक्य यह दर्शाती है कि परमेश्वर सभी राष्ट्रों के साथ अपनी योजना में समाहित हैं। यह क्रमशः “जातियों का एकत्रीकरण” इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पश्चात्ताप, विश्वास और पथपरिवर्तन के लिए एक सार्वभौमिक निमंत्रण है। यहोवा के शूरवीरों को वहाँ ले जाने की विनंती एक प्रकार से यह दर्शाती है कि प्रभु का उद्धार सार्वभौमिक है, जात-पात से परे।
अन्यशास्त्रीय cross-references (संकेत-सम्बन्ध)
प्रश्न-पर-चिंतन (reflection questions)
संक्षिप्त निष्कर्ष
योएल 3:11 में सभी जातियों का एकत्र होना एक आंतरिक Biblically-अध्यक्ष उद्घोष है: प्रभु का दिन और उद्धार सार्वभौमिक है। ईमानदारी, पश्चाताप और बहुधर्मी सहभागिता के साथ, परमेश्वर के शत्रुतापूर्ण परिस्थितियों में भी उसकी विजय और न्याय का मार्ग खुलता है।
समूह-आविष्कार (कथनात्मक-समाप्ति)
याजकों, नेताओं और जन-समुदाय के लिए यह संदेश एक प्रेरणा है कि परमेश्वर के कदमों के अनुरूप जीवन जीना है—जात-पात से ऊपर उठकर, वह सब मिलकर उसे सामने लाएं जिसे वह नियंत्रित करते हैं।
संदर्भ उद्धृत विचार (उद्धरण अधिकृत):
यह पाठ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के सार को समेकित करता है।