Old Testament
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न्यायियों 12:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब यिप्तह गिलाद के सब पुरुषों को इकट्ठा करके एप्रैम से लड़ा, एप्रैम जो कहता था, “हे गिलादियों, तुम तो एप्रैम और मनश्शे के बीच रहनेवाले एप्रैमियों के भगोड़े हो,” और गिलादियों ने उनको मार लिया।
न्यायियों 12:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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न्यायियों 12:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 शमूएल 25:10 (HINIRV) »
नाबाल ने दाऊद के जनों को उत्तर देकर उनसे कहा, “दाऊद कौन है? यिशै का पुत्र कौन है? आजकल बहुत से दास अपने-अपने स्वामी के पास से भाग जाते हैं।

गिनती 32:39 (HINIRV) »
और मनश्शे के पुत्र माकीर के वंशवालों ने *गिलाद देश में जाकर उसे ले लिया, और जो एमोरी उसमें रहते थे उनको निकाल दिया।

व्यवस्थाविवरण 3:12 (HINIRV) »
“जो देश हमने उस समय अपने अधिकार में ले लिया वह यह है, अर्थात् अर्नोन के नाले के किनारे वाले अरोएर नगर से लेकर सब नगरों समेत गिलाद के पहाड़ी देश का आधा भाग, जिसे मैंने रूबेनियों और गादियों को दे दिया,
न्यायियों 12:4 — संदर्भगत पृष्ठभूमि और भावार्थ
इस प verse में यिप्तह यहूदियों के एक विश्वसनीय नेतृत्व के रूप में उभरे और गिलाद के पुरुषों ने एप्रैम से पारस्परिक दाव-प्रतिद्वंद्विता के बीच एक निर्णायक संघर्ष किया। यह दृश्य न्याय के समय के सामाजिक-जातीय तनावों को दर्शाता है, जब इस्राइल के विभिन्न विभाग एक-दूसरे के विरुद्ध उठ खड़े होते हैं और नेतृत्व का सही दिशा-निर्देश नहीं होता तब भी सेनाओं की क्रिया-प्रणाली में दायित्व और निष्ठा प्रमुख रहते हैं।
ईश्वर-विश्वास और विश्वास की परीक्षा
यह पाठ दिखाता है कि परमेश्वर के लोग कभी-कभी अपने हित के लिए भी एकता दिखाते हैं जब बाह्य दबाव बढ़ता है। यिप्तह ने गिलाद के भीतर के भाइयों की रक्षा के लिए कदम उठाए और एप्रैम के विरुद्ध संघर्श कराकर देश के एक भाग के प्रति सुरक्षा की मिसाल प्रस्तुत की। इसका मूल संदेश है—न्याय की राह में निष्ठा, सत्ता-मनमानी के विरुद्ध साहस और एकता के साथ संघर्ष करना।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्र
अनुरूप पवित्र लेखों से संकेत
इस घटना के साथ सीधे-सीधे मिलती है कि ईश्वर के लोग कभी-कभी अपने अंतर-सम्बन्धों के कारण भी परीक्षा में पड़ते हैं, पर धर्मी शक्ति और एकता से जीत संभव है। दूसरे संदर्भ उनके समान समय के हैं, जहाँ नेतृत्च और एकता द्वारा प्रतिरोध संभव हुआ—जैसे कि कुछ संघर्षों में यहूदियों की एकता के उदाहरण दिखते हैं।
अनुवाद-समझ और शब्दार्थ स्पष्टीकरण
“तब यिप्तह गिलाद के सब पुरुषों को इकट्ठा करके एप्रैम से लड़ा” में स्पष्ट है कि नेतृत्व ने एकता और संकल्प के साथ एक बाह्य विरोधी के सामने कदम उठाए। यह कहानी यह भी स्पष्ट करती है कि प्रतिरोध तब सार्थक होता है जब वह नैतिक और सामाजिक दायित्व के भीतर हो।
रोचक क्रॉस-रेफरेंसेस
इन संदर्भों से मालूम पड़ता है कि समूह के भीतर एकता और ईश्वर के मार्ग पर चलना ही सामाजिक-नैतिक संघर्षों में सफलता का आधार बनता है।
आज के लिए आवेदन
आज के पाठ के अनुसार एकता, नैतिकता और नेतृत्व की जवाबदेही कितनी महत्वपूर्ण है, इस पर विचार करें। राजनीति, समुदाय या परिवार-स्तर पर भी उतार-चढ़ाव आते हैं, पर जो लोग सत्य के साथ खड़े रहते हैं और अपने भीतर गहन नैतिकता बनाये रखते हैं, वे कठिन समय में भी संगठन और सुरक्षा ला सकते हैं।
संक्षिप्त सार
न्यायियों 12:4 में यिप्तह ने गिलाद के लोगों के साथ मिलकर एप्रैम के विरुद्ध संघर्ष किया, जो स्पष्ट संदेश देता है कि एकता, साहस और सच्चे नेतृत्व से सामाजिक उठापटक पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
हिंदी व्याख्या में नोट: उद्देश्य यह है कि पाठ की सरलता और उसके नैतिक पाठ पर जोर रहे, ताकि पाठक सीधे अर्थ समझ सकें और अपने जीवन में इसे लागू कर सकें।
उद्धृत शास्त्रीय टिप्पणियाँ (उल्लेखित स्रोतों के संक्षिप्त संकेत):
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों से संक्षेपित संकेत समाहित हैं; यदि आप इन लेखकों की विशिष्ट पंक्तियाँ चाहते हैं, मैं उन्हें संदर्भ सहित दे सकता हूँ।