Old Testament
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न्यायियों 12:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और उसके तीस बेटे हुए; और उसने अपनी तीस बेटियाँ बाहर विवाह दीं, और बाहर से अपने बेटों का विवाह करके तीस बहू ले आया। और वह इस्राएल का न्याय सात वर्ष तक करता रहा।
न्यायियों 12:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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न्यायियों 12:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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न्यायियों 10:4 (HINIRV) »
और उसके तीस पुत्र थे जो गदहियों के तीस बच्चों पर सवार हुआ करते थे; और उनके तीस नगर भी थे जो गिलाद देश में हैं, और आज तक हब्बोत्याईर कहलाते हैं।

न्यायियों 12:14 (HINIRV) »
और उसके चालीस बेटे और तीस पोते हुए, जो गदहियों के सत्तर बच्चों पर सवार हुआ करते थे। वह आठ वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा।
न्यायियों 12:9 का अभिलेखीय संदर्भ और उसका अर्थ
तत्काल स्थिति— इस पद में यह बताया गया है कि यह्राईल के शासन के एक युग में गंबरील (जैसा कि पद से संकेत मिलता है) शासन के समय विभिन्न चक्रों के बाद इजराइल का एक न्यायक परिवार एक विशिष्ट चरण में पहुंचता है। यहाँ उल्लेख है कि उनका पुत्र, जिनके नाम स्पष्ट नहीं दिए गए, का शासनिक क्रम बना और वह अपने परिवार के दायरे से बाहर विवाह कर रहा है।
यह पाठ परमेश्वर, विश्वास और शासन के बारे में जो बताता है
यहाँ स्पष्ट संदेश यह है कि ईश्वर का पसंदीदा जीवनधारा सामाजिक-परिवारिक बंधनों और आचार-विचार के साथ जुड़ा हुआ है। “न्याय” सात वर्ष तक रहा—यानी ईश्वर के स्रोत से आशीष और आदेश प्राप्त एक निर्धारित समय के लिए एक नेता और उसका घर समाज में मार्गदर्शक बनता है। यह पाठ यह भी दर्शाता है कि चक्र में, व्यक्तिगत चुनाव—जिनमें बहुओं का बाहरी विवाह शामिल है—सामाजिक संरचना और धार्मिक पवित्रता को प्रभावित करते हैं।
शब्दों और प्रतीकों की व्याख्या
अन्य सम्बन्धित पद
पुराने नियम में न्यायियों के समय की अस्थिरता और बहुविध राजा-प्रधान के बीच चक्रों का विचार यहां स्पष्ट है। जेन-सी एक रेखा धार्मिक-न्याय की स्थिरता बनाये रखती है, जबकि सामाजिक-परिवारिक गठजोड़ उस स्थिरता को प्रभावित करते हैं। नीचे दिए गए संदर्भ इन विचारों के साथ समन्वय स्थापित करते हैं:
आज के समय में अनुप्रयोग
आज के विश्व में भी परिवार और समाज-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाये रखना परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप है। यदि बाहरी सामाजिक दबाव या विवाह से जुड़े निर्णय आंतरिक नैतिकता और पवित्रता को चुनौती दें, तो धार्मिक-आस्था के आधार पर सावधानीपूर्वक निर्णय लेने चाहिए। निष्कर्षतः, हमारा उद्देश्य ईश्वर के मार्ग में स्थायित्व, सत्यनिष्ठा और समुदाय के लिए नैतिक नेतृत्व बनाए रखना है।
क्रॉस-रेफरेंसेस
1) न्याय के समय के चक्र पर ध्यान दें ताकि बाहरी पहचानों के बावजूद ईश्वर की योजना कैसे चलती है, यह समझ आये।
2) परिवार और समुदाय के बीच बंधन के महत्त्व को स्पष्ट करने वाले उद्धरण देखें; यह दिखाता है कि सामाजिक-धार्मिक व्यवस्था कैसे मिलकर राष्ट्र को दिशा देती है।
3) वर्तमान समय के लिए नैतिक नेतृत्व और निर्णय-प्रक्रिया पर विचार करें, कि कैसे व्यक्तिगत और सामाजिक मानक साथ चलते हैं।
महत्त्वपूर्ण उद्धरण सूचना: इस पाठ से Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सीधे संकलित पूर्ण वाक्य इस उत्तर में उद्धृत नहीं हैं, पर उनके मानक विचारों के अनुरूप विश्लेषण समाहित किया गया है।
सार-सार – यह पाठ यह दिखाता है कि न्याय और शासन की अवधि में परिवार की भूमिका और बाहरी सामाजिक रीतियाँ कैसे मिलकर राष्ट्र की नैतिक दिशा निर्धारित करती हैं। ईश्वर की योजना के अनुरूप सत्यनिष्ठ नेतृत्व और समुदाय की पवित्रता के लिए विवेकपूर्ण कदम आवश्यक हैं।