Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 2:1 न्यायियों 2:2 न्यायियों 2:3 न्यायियों 2:4 न्यायियों 2:5 न्यायियों 2:6 न्यायियों 2:7 न्यायियों 2:8 न्यायियों 2:9 न्यायियों 2:10 न्यायियों 2:11 न्यायियों 2:12 न्यायियों 2:13 न्यायियों 2:14 न्यायियों 2:15 न्यायियों 2:16 न्यायियों 2:17 न्यायियों 2:18 न्यायियों 2:19 न्यायियों 2:20 न्यायियों 2:21 न्यायियों 2:22 न्यायियों 2:23



न्यायियों 2:16 — तत्काल संदर्भ और अर्थ
यहोवा ने यहूदियों के उन कदमों को नहीं छोड़ा जो कष्ट और गलत काम के समय भी उसकी स्तुति से निर्भर रहते हैं। इस पद में यह दर्शाया गया है कि जब इज़राइल के नेता और सामान्य लोग पाप में डूबते थे, तब भी ईश्वर उनके लिए पुनः न्यायी ठहराते थे—वे जो उन्हें लूटनेवाले के हाथ से छुड़ाते थे। यह वह समय है जब शपथभंग और व्यभिचार के कारण राष्ट्र प्रभु के प्रतिकूल पड़ाव पर था, पर परमेश्वर ने दयालुता दिखाते हुए ऐसे व्यक्तिued द्वारा उन्हें उद्धार दिलाने की व्यवस्था की।
पवित्रता और विश्वास: परमेश्वर की रक्षा
कथन "यहोवा उनके लिये न्यायी ठहराता था" यह संकेत देता है कि ईश्वर व्यक्तिगत रूप से उनके साथ सक्रिय हैं। यहाँ रक्षा और उद्धार का स्वर है—जो लोग उनके साथ समर्पण करते हैं, वे भीषण शत्रुओं के बीच में सुरक्षित रहते हैं। यह उद्धार न्याय और करुणा के मिश्रण का परिणाम है, न कि मानवीय शक्ति के कारण. यह उन लोगों पर भी लागू होता है जो लूट और अन्याय के समय संघर्ष में रहते हैं; परमेश्वर न्यायी के रूप में उभरते हैं, ताकि उनसे शांति और सामाजिक व्यवस्था बनी रहे।
महत्वपूर्ण शब्दों और रूपकों की कसावट
यहोवा की “न्याय-धर्म-कारिणी” भूमिका इस पाठ का 핵 है। न्यायी ठहरना, भले ही अस्थायी हो, यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर समय-समय पर कमजोरों के पक्ष में कदम उठाते हैं। साथ ही "लूटनेवाले के हाथ से छुड़ाते" का चित्र उन शक्तियों के विरुद्ध सुरक्षा दर्शाता है जो मानव समुदाय के लिए खतरा बन जाती हैं।
अन्य सिद्धांतक और आपसी संदर्भ
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में और उल्लेखित बिना पूर्ण-पाठ के)
— परमेश्वर के उद्धार और सुरक्षा पर जोर देने वाले अन्य संदर्भ: एक जगह जहां ईश्वर राष्ट्र को खतरे के समय उद्धार देते हैं, और एक दूसरी जगह जहां विश्वास के साथ रहने वालों को उनका उद्धार मिलता है।
आज के संदर्भ में व्यावहारिक अनुप्रयोग
इस verses से सीख मिलती है कि जीवन के कठिन समय में भी हमारा विश्वास नहीं डगमगना चाहिए। यदि हम ईश्वर पर निर्भर रहें, तो वह समय-समय पर हमें अन्याय और संकट से बचाने के लिए मार्ग दिखाते हैं—न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा, बल्कि समुदाय की स्थिरता भी। यह प्रोत्साहन देता है कि हम अपने समाज में न्याय और करुणा को बढ़ाने के लिए सक्रिय हों—चाहे वह स्थानीय विवाद का समाधान हो या आपके व्यावसायिक-यातायात के समय किसी के अधिकार की रक्षा हो।
एक संक्षिप्त सार
यहोवा तब भी उद्धारकर्ता बने जब लोग शत्रुओं के ऊपर गिरते थे, और यह प्रत्यक्ष रूप से विश्वास में खड़े रहने वाले लोगों के लिए एक प्रेरक संकेत है: परमेश्वर अपने लोगों को खतरे के बीच में भी सुरक्षित रखते हैं और न्याय के मार्ग पर उनका नेतृत्व करते हैं।