Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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न्यायियों 2:21 पर टिप्पणी (हिन्दीिनिर्विHINIRV)
पद का सरल अर्थ यह है कि यहोशू के जीवनकाल के बाद भी ईश्वर उन जातियों को विद्युत नहीं करेगा जो भूमि पर इधर-उधर रहे थीं, ताकि उनके विरुद्ध प्रभु अपने लोगों के पवित्रपन और विश्वासघात से बचाते रहें। यह वचन उस काल को सम्हालता है जब यहूदीNation परमेश्वर के दिशा-निर्देशन के बिना आगे बढ़ती जाती है, और परमेश्वर कानून के अनुसार उन अनदेखी बाधाओं को संभालने के लिए “जो छोड़ दी गई थीं” की व्यवस्था स्थापित करता है। इस घटनाक्रम का उद्देश्य यह है कि ईश्वर अपने लोगों के बीच परीक्षा, जागृति और निर्भरता बनाए रखे।
मूल अभिप्राय और केंद्रीय अर्थ
यह हिस्सा इस बात की पुष्टि करता है कि परमेश्वर अपने वचन के अनुसार कर्मों के परिणामों को रोक नहीं देता, बल्कि वह उन जातियों पर नियंत्रण रखता है जिन्हें यहोशू के समय भूमि के बंटवारे के साथ छोड़ दिया गया था। इसका मुख्य संदेश है—जब गाँठें भविष्य के लिए खुली रहती हैं, तब भी परमेश्वर अपने लोगों की नैतिक और आध्यात्मिक सुरक्षा के लिए सक्रिय रहते हैं; वे उन जातियों के सामने से नहीं हटते जिन्हें यहोशू के समय छोड़ दिया गया था, ताकि उनके रास्ते में प्रत्यक्ष परीक्षा लोढ़ बनती रहे।
मुख्य विषय
Related passages (संक्षिप्त संदर्भ और अर्थ)
1) व्यवस्थात्मक नियंत्रण: पुराने नियम की इसी प्रकार की धारणा यह दर्शाती है कि परमेश्वर अपनी योजना के अनुसार रुक-रुक कर निर्देश देता है।
2) निर्भरता की मांग: यह वचन हमारे लिए स्मरण कराता है कि हमारे जीवन में परमेश्वर के नियंत्रण के बगैर कुछ भी संभव नहीं है।
3) पवित्रता बनाम संसार: जातियों को छोड़ना और उनका विरोध, हमारे आत्मिक सफर में नैतिक स्पष्टता की आवश्यकता को दर्शाते हैं।
व्यावहारिक विचार
आज के पाठक के लिए इसका संदेश है—जब हम अपनी परिस्थितियों में कठिनाइयों के बीच बढ़त देखते हैं, तब भी परमेश्वर के मार्ग में स्थिर रहें। आत्म-निरीक्षण करें: क्या मेरी आस्था और कर्म परमेश्वर के निर्देश के अनुरूप हैं? क्या मैं किसी बाहरी दबाव के कारण प्रस्तुत सत्य से मुंह मोड़ रहा हूँ? यहोशू की पीढ़ी की तरह, हमें भी विश्वास में सजग और निष्ठावान रहने की आवश्यकता है।
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त संदर्भ) और उनका प्रभाव
- निर्भरताकी परीक्षा: स्पष्ट चेतावनी मिली कि विश्वास के बिना परिश्रम सजग रखें।
- पवित्रता के मार्ग: पृथ्वी के अधिग्रहण के समय पवित्र रहना परमेश्वर के वचनों के अनुरूप है।
संक्षेप में निष्कर्ष
न्यायियों 2:21 यह बताता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए निरंतर नियंत्रण और मार्गदर्शन रखता है, ताकि वे संसार की नकारात्मक शक्तियों से प्रभावित होकर पथ से विचलित न हों। यह वचन हमें यह सिखाता है कि आस्था, नैतिकता और समर्पण के साथ जीवन बिताने से ही हम परमेश्वर की वाणी के अनुसार आगे बढ़ सकते हैं।
होनहार उद्धरणों के लिए नोट
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