न्यायियों 2:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इसलिए यहोवा का कोप इस्राएलियों पर भड़क उठा, और उसने उनको लुटेरों के हाथ में कर दिया जो उन्हें लूटने लगे; और उसने उनको चारों ओर के शत्रुओं के अधीन कर दिया; और वे फिर अपने शत्रुओं के सामने ठहर न सके।

न्यायियों 2:14 पद-दर-पद बाइबल टीका

न न्यायियों 2:14 का immediate setting

यहोवा ने इस्राएलियों के नेतृत्व में समय-समय पर उनके पापों की सजग चेतावनी दी। इस पद में यहोवा का कोप उठना स्पष्ट है क्योंकि उन्होंने परमेश्वर की वफादारी को भुलाकर व्यभिचार, अविश्वास और अन्य देवताओं की आराधना की। परिणामस्वरूप परमेश्वर उन्हें लुटेरों के हाथ में सौंप देता है और चारों ओर के शत्रुओं के अधीन कर देता है। इस क्रम में यह स्पष्ट है कि पाप के परिणाम परमेश्वर की सत्ता के अधीन हैं और उनका आक्रमण सामाजिक-राष्ट्रीय ढांचे पर पड़ता है।

ईश्वर की क्रोध और विश्वास का संकेत

यह पाठ दिखाता है कि परमेश्वर अपनी मान्यताओं से समझौता नहीं करते; वह चमत्कारिक रूप से उनके प्रति दया दिखाने के साथ-साथ उनकी अवहेलना पर कार्रवाई भी करते हैं। विश्वासघात और सीधी अवहेलना के समय, परमेश्वर का क्रोध स्पष्ट होता है, ताकि यह्राइलियों को पथ में फिर लौटना सीखना चाहिए।

महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टि

  • कोप से तात्पर्य परमेश्वर कीिकडाई है कि वह पाप के विरुद्ध कदम उठाते हैं।
  • लुटेरे के हाथ इस चित्र से यह दिखता है कि पाप के परिणाम व्यक्तियों और समाज की संपत्ति, सुरक्षा और स्थिति को तहस-नहस करते हैं।
  • शत्रुओं के अधीन सभी आंतरिक और बाहरी शक्तियाँ जो यह्राइल के ऊपर शासन करती हैं—याद रखें: जन्मजात आंतरिक बाँध और बाहरी आक्रमण दोनों—दोनों एक ही निरन्तर चेतावनी की ओर संकेत करते हैं।

अन्य संदर्भों से मिलते-जुलते विचार

यशायाह और दानिए जैसे ग्रंथों में भी यह विचार मिलता है कि परमेश्वर के समक्ष पाप-नुकसान अपनापन बनाकर चेतावनी देता है। साथ ही यह भी दिखता है कि विश्वासघात और जन्मजात अस्थिरता पर परमेश्वर का न्याय कैसे चलता है, ताकि लोग तौक्यूब करें और उनकी भक्ति फिर से लौट आए।

ईश्वर-आस्था पर आज की उपयोगिता

यह verse बताता है कि पवित्र आज्ञाओं से पलायन समाज को असुरक्षित बनाता है। यदि हम परमेश्वर के आगे निष्ठा बनाकर चले, तो उसकी कृपा और सुरक्षा बनी रहती है। परन्तु जहाँ पाप बढ़ता है, वहाँ संकट आते हैं; यह पाठ आज भी यह स्पष्ट करता है कि ईश्वर की डिग्री हमारे दैनिक निर्णयों में है—जो हमें आत्म-आश्वासन और सामर्थ्य देता है कि हम विश्वास के साथ राह बनाएं।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप)

1) यहूदियों के इतिहास में पाप के परिणाम और उद्धार की निरंतर चक्रणता दिखाती है कि पुनः विश्वास में लौटना कितना आवश्यक है।

2) पुराने नियम के अन्य भागों में भी यह परिदृश्य मिलता है कि देव की पवित्रता और न्याय के कारण लोग दया-प्रेम के मार्ग पर लौटते हैं।

3) नए नियम में भी प्रभु यीशु के संदेश में आशा और चेतावनी दोनों मिलते हैं—निष्ठा बनाएं, वरना संकट आता है—परन्तु क्षमा और उद्धार भी उपलब्ध है।

एक संक्षिप्त संकल्पना

यहोवा का कोप तभी शांत होता है जब उसका पवित्र नियम मान लिया जाए और हृदय में विश्वास की पुनर्स्थापना हो। यह पाठ हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर की वफादारी के साथ निष्ठा बनाए रखना ही जीवन का रास्ता है—ताकि हम विकसित होकर देह-जीवन में भी सुरक्षित रहें।

क्लासिकल टिप्पणीकारों से प्रेरित सार: यहूदियों के इतिहास में पाप-नुकसान का चक्र बार-बार दोहराता है, परन्तु विश्वास-उद्धार की राह भी स्पष्ट रहती है; हर बार ईश्वर की करुणा और व्यवस्था का संतुलन बना रहता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

न्यायियों 2:14 समानांतर पद और संबंधित वचन

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2 राजाओं 17:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 17:20 (HINIRV) »
तब यहोवा ने इस्राएल की सारी सन्तान को छोड़कर, उनको दुःख दिया, और लूटनेवालों के हाथ कर दिया, और अन्त में उन्हें अपने सामने से निकाल दिया।

व्यवस्थाविवरण 31:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 31:17 (HINIRV) »
उस समय मेरा कोप इन पर भड़केगा, और मैं भी इन्हें त्याग कर इनसे अपना मुँह छिपा लूँगा, और ये आहार हो जाएँगे; और बहुत सी विपत्तियाँ और क्लेश इन पर आ पड़ेंगे, यहाँ तक कि ये उस समय कहेंगे, 'क्या ये विपत्तियाँ हम पर इस कारण तो नहीं आ पड़ीं, क्योंकि हमारा परमेश्‍वर हमारे मध्य में नहीं रहा?'

व्यवस्थाविवरण 32:30 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 32:30 (HINIRV) »
यदि उनकी चट्टान ही उनको न बेच देती, और यहोवा उनको दूसरों के हाथ में न कर देता; तो यह कैसे हो सकता कि उनके हजार का पीछा एक मनुष्य करता, और उनके दस हजार को दो मनुष्य भगा देते?

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