Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 2:1 न्यायियों 2:2 न्यायियों 2:3 न्यायियों 2:4 न्यायियों 2:5 न्यायियों 2:6 न्यायियों 2:7 न्यायियों 2:8 न्यायियों 2:9 न्यायियों 2:10 न्यायियों 2:11 न्यायियों 2:12 न्यायियों 2:13 न्यायियों 2:14 न्यायियों 2:15 न्यायियों 2:16 न्यायियों 2:17 न्यायियों 2:18 न्यायियों 2:19 न्यायियों 2:20 न्यायियों 2:21 न्यायियों 2:22 न्यायियों 2:23



यातना के चक्र: न्यायियों 2:10 का स्पष्टार्थ
सीधे कहें तो यह वचन बताता है कि पीढ़ी-पर-पीढ़ी परमेश्वर की वफ़ादारी और स्मरण कितनी कमज़ोर पड़ गई थी—यहाँ तक कि अगली पीढ़ी उन चमत्कारों और क़दमों को भुलाने लगी जो परमेश्वर ने इस्राएल के लिए किए थे।
पार्श्व-प्रस्तावना
न्यायियों 2:10 वह नज़ीर बनाकर दिखाता है कि भुलक्कड़ता कब बढ़ती है: पूर्वजों ने Yahweh के साथ जो किया वह पीढ़ी-प्रतिष्ठित स्मृति बन गया, पर दूसरी पीढ़ी उसे पहचान नहीं पाती। यह संदेश प्रेरित करता है कि आध्यात्मिक स्मृति एक निरंतर, उत्तरदायित्वपूर्ण कार्य है, न कि आसानी से मिलने वाला उत्तराधिकार।
व्याख्यात्मक अवलोकन
मुख्य विषय-वस्तु
अनुशंसित संदर्भ और उनका सार
यहां से जुड़ाव:
योद्धा-घटना से सीख
यह Passage बताता है कि सतह के आराम में रहकर भी परमेश्वर की सफलता और चमत्कारों से परिचित रहना जरूरी है। परिवारों में आध्यात्मिक शिक्षा, आराधना के नियमित अवसर, और पवित्र कर्मों की स्मृति बनाए रखना समाज को भय और विकल्पों से सुरक्षित रखता है।
पाठ से छोटी-सी प्रायोगिक सलाह
सीधी परिशिष्ट उद्धरण (टुकड़ों के लिए)
क्या हिंदी पवित्रअनुवाद में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त निष्कर्ष उपलब्ध हैं? नीचे संक्षेप में उल्लेख दिए गए हैं:
कुल मिलाकर, न्यायियों 2:10 हमें स्मृति की निरंतरता और आध्यात्मिक जागृति का महत्व बताती है—यहोवा की महान कार्यों को याद रखना और उन पर विश्वास बनाए रखना, ताकि अगली पीढ़ियाँ भी उसी भरोसे से जी सकें।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेपExplanation)
1) प्रेरित-उद्धरण 13:36: प्रेरितों के स्मरण से जुड़ाव—प्रेरणा के कारण इतिहास की समीक्षा।
2) यशायाह 43:18-19: नई राहें खोजने का आदेश—पूर्व घटनाओं को छोड़ कर नवीन आस्था।
3) 1 पतरस 1:8-9: विश्वास की स्थिरता और उद्धार का परिणाम—आर्थिक नहीं, आत्मिक टिकाऊपन।