विलापगीत 3:66 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

हे यहोवा, तू अपने कोप से उनको खदेड़-खदेड़कर धरती पर से नाश कर देगा।”

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विलापगीत 3:66 पद-दर-पद बाइबल टीका

विलापगीत 3:66 का संदर्भ और अर्थ

यह पद विलापगीत के एक काव्यात्मक पंक्ति में है, जहाँ कवि चलते-चलते यह उद्धोष करता है कि यहोवा अपने कोप से उन लोगों को नष्ट कर देगा जो अन्याय और विफलता के कारण परमेश्वर के साथ विमुख हो चुके हैं। इसका मुख्य स्वर यह है कि परमेश्वर का निर्णय निष्कपट और ठोस है; वह उन पर अत्यंत कड़ाई से कदम उठाता है जो उसकी दशा और दया को ठेस पहुँचाते हैं, और धरती पर उनके विपरीत परिणाम दिखेंगे। गीतकार यह दर्शाता है कि परमेश्वर के कोप और तकलीफ के समय में भी उसकी सत्ता और न्याय की स्थापित योजना बनी रहती है।

मुख्य 의미

यह बयान धार्मिक चेतावनी का ध्वनि-गुंजन है कि परमेश्वर अपने विरोधियों को उनके कर्मों के अनुसार सजा देगा और धरती से उन्हें नष्ट कर देगा। साथ ही यह दिखाता है कि परमेश्वर की न्यायप्रियता और सत्ता कभी बेकार नहीं जाती; उसकी क्रोध भी पवित्र और लक्ष्य-केंद्रित है, ताकि बुरी व्यवस्था पर समाप्ति हो और सचाई, धर्म और दया का शासन स्थापित हो।

दो प्रमुख विषय

  • युवा प्रकोप और न्याय: परमेश्वर के कोप के कारण लोग किनारे-किनारे गिरते हैं; यह दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि अविश्वास और अन्याय के मार्ग पर टिके रहने पर परिणाम कैसे भयंकर होते हैं।
  • पवित्रता की मांग: यहोवा का निर्णय उस पवित्रता के अनुरोध की पुष्टि करता है जिसमें नये करार की सत्ता और धर्म के साथ जीवन जीना आवश्यक है।

अन्य पवित्र ग्रंथों से सम्बद्ध संदर्भ

1) दानyial के संदर्भ में न्याय का प्रभारी होना: अन्य जगहों पर परमेश्वर के कोप का उद्देश्य प्रायश्चित्त और सुधार होता है, ताकि लोगों को उद्धार के रास्ते पर लौटना मिले।

2) सन्ताप और पवित्रता की माँग: पवित्रता के बिना परमेश्वर के न्याय में स्थायित्व नहीं माना जा सकता; इसलिए लोग परमेश्वर के संकेतों पर विचार करें।

3) क्षमा और सुधार के लिए आशा: कोप के साथ-साथ परमेश्वर का प्रेम और क्षमा भी प्रकाशित रहता है, ताकि विश्वासियों को सुधार के अवसर मिलें।

कठोर सत्य और व्यावहारिक विचार

यदि हम अपने जीवन में न्याय, दया और पवित्रता की कसौटी पर न चलें, तो भी परमेश्वर की योजना मानव इतिहास में स्पष्ट रहती है। यह पद हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर के आचार-व्यवहार से भटकना खतरनाक है, परन्तु उसकी करूणा और सत्य के साथ लौटना संभव और आवश्यक है।

एक छोटा-सा अनुप्रयोग

  • अपने व्यावहारिक जीवन में ईमानदारी, दया तथा क्षमाभाव को केंद्र बनाएं ताकि परमेश्वर की इच्छा हमारे कदमों में प्रतिबिंबित हो।

संक्षिप्त निष्कर्ष

विलापगीत 3:66 एक शक्ति-पूर्ण चेतावनी है कि परमेश्वर के कोप के समय में भी उसकी संहति और व्यवस्था काम करती है। यह Verse सचमुच यह सिखाता है कि निष्ठा, पवित्रता और न्याय के साथ जीवन जीना चाहिए, ताकि प्रभु की सिद्धांतपूर्ण सत्ता के सामने हमारा जीवन सुरक्षित रहे।

उद्धरण नोट: इस प्रवचन में Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण संक्षेप में एकीकृत रूप से नीचे साझा नहीं किए गए; यदि यदि उपलब्ध हों, तो वे पाठ के भीतर आवश्यक योग्यता के अनुसार संक्षेप में सम्मिलित किए जा सकते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

विलापगीत 3:66 समानांतर पद और संबंधित वचन

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तेरा कोप हम पर है, तू हमारे पीछे पड़ा है, तूने बिना तरस खाए घात किया है।

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इसलिए जब तेरा परमेश्‍वर यहोवा उस देश में, जो वह तेरा भाग करके तेरे अधिकार में कर देता है, तुझे चारों ओर के सब शत्रुओं से विश्राम दे, तब अमालेक का नाम धरती पर से मिटा डालना; और तुम इस बात को न भूलना।

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