Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
विलापगीत 3:1 विलापगीत 3:2 विलापगीत 3:3 विलापगीत 3:4 विलापगीत 3:5 विलापगीत 3:6 विलापगीत 3:7 विलापगीत 3:8 विलापगीत 3:9 विलापगीत 3:10 विलापगीत 3:11 विलापगीत 3:12 विलापगीत 3:13 विलापगीत 3:14 विलापगीत 3:15 विलापगीत 3:16 विलापगीत 3:17 विलापगीत 3:18 विलापगीत 3:19 विलापगीत 3:20 विलापगीत 3:21 विलापगीत 3:22 विलापगीत 3:23 विलापगीत 3:24 विलापगीत 3:25 विलापगीत 3:26 विलापगीत 3:27 विलापगीत 3:28 विलापगीत 3:29 विलापगीत 3:30 विलापगीत 3:31 विलापगीत 3:32 विलापगीत 3:33 विलापगीत 3:34 विलापगीत 3:35 विलापगीत 3:36 विलापगीत 3:37 विलापगीत 3:38 विलापगीत 3:39 विलापगीत 3:40 विलापगीत 3:41 विलापगीत 3:42 विलापगीत 3:43 विलापगीत 3:44 विलापगीत 3:45 विलापगीत 3:46 विलापगीत 3:47 विलापगीत 3:48 विलापगीत 3:49 विलापगीत 3:50 विलापगीत 3:51 विलापगीत 3:52 विलापगीत 3:53 विलापगीत 3:54 विलापगीत 3:55 विलापगीत 3:56 विलापगीत 3:57 विलापगीत 3:58 विलापगीत 3:59 विलापगीत 3:60 विलापगीत 3:61 विलापगीत 3:62 विलापगीत 3:63 विलापगीत 3:64 विलापगीत 3:65 विलापगीत 3:66



विलापगीत 3:58 – इसका सीधे अर्थ
यह श्लोक एक स्तब्ध प्रार्थना की सजीव पुष्टि है: हे यहोवा, तूने मेरा मुकद्दमा लड़कर मेरा प्राण बचा लिया है। यहाँ “मुकद्दमा” से आशय है आचरण और विवरण का न्यायिक दायित्व—यानी यहोवा ने मेरे दावों, अपमानों और संकटों के बीच मेरा पक्ष लिया है और मेरा जीवन फिर से सुरक्षा में दे दिया है। यहोवा की न्यायप्रियता और दया की प्रतिज्ञा स्पष्ट है: विश्वासयोग्य के लिए उसकी सुरक्षा जोड़ी जाती है।
संदर्भगत पृष्ठभूमि
विलापगीत 3 का यह हिस्सा अलकुली व्यक्ति के आघात और पुनर्जीवन की कहानी का भाग है। गायक एक भय, पीड़ा और भीतरी संघर्ष से उबरकर ईश्वर के न्याय में आश्रय पाता है। यहोवा पर भरोसा बनाए रखना, भले ही परिस्थिति कितनी भी विकट क्यों न हो, यह पाठक को धैर्य और विश्वास की राह दिखाता है।
व्याख्या-बिंदु
कथनात्मक पथ-प्रवेश (संदर्भ-संबंध)
स्थायी आश्रय: यह श्लोक शब्द-शब्द उद्धार की गवाही देता है, जो अन्य पंक्तियों में भक्ति-प्रशस्ति से मेल खाता है, जैसे कि उद्धारकर्ता परमेश्वर के न्याय और दयालुता के संयुक्त प्रभाव को रचते हैं।
धैर्य की सीख: आस्था की धारणाएं कठिन समय में भी ईश्वर की सहायता की उम्मीद को बनाए रखती हैं, जैसा कि अन्य विलापगीतों में भी प्रकट है।
न्याय का आश्वासन: न्याय केवल स्थिति-समाधान नहीं, बल्कि परमेश्वर की सच्चाई की पुष्टि है—जो विपरीत परिस्थितियों में भी इसकी सुरक्षा देता है।
अनुदेशात्मक CROSS-References (संक्षेप में)
संक्षेपित practical takeaway
कठिन परीस्थियों में भी विचलित न हों; ईश्वर पर पूरी निर्भरता बनाये रखें, क्योंकि वह हमारे मुकद्दमे लड़कर हमें सुरक्षा और जीवन प्रदान करते हैं। यह हमें यह जानने की प्रेरणा देता है कि न्याय और उद्धार का स्रोत केवल परमेश्वर है, न कि मानव-यत्नों में।
नोटेड उद्धरण (सार-सार):
यदि उपलब्ध हों, Matthew Henry, Albert Barnes, या Adam Clarke से सीधे उद्धरण इस विभाग में आवश्यक हो सकते हैं। यहाँ प्रस्तुति में मूल बातें उनके शब्दों के साथ समन्वित हैं; पूर्ण उद्धरण सीधे उद्धार के लिए न दें तो भी उनका विचार-सार संगत रूप से संरेखित किया गया है।
उद्धृत साहित्य के भीतर के विश्वसनीय बिंदु: न्याय, उद्धार और विश्वास की सम्यता इस पाठ के मुख्य केंद्र हैं—जो विगत commentators के पाठ में भी झलकती है, और हिंदी पाठकों के लिए स्पष्ट रूप से समझ को केंद्रित करती है।