विलापगीत 3:36 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और किसी मनुष्य का मुकद्दमा बिगाड़ना, इन तीन कामों को यहोवा देख नहीं सकता।

पिछला पद
« विलापगीत 3:35

विलापगीत 3:36 पद-दर-पद बाइबल टीका

विलापगीत 3:36 का संदर्भ और अर्थ

यह पद विलापगीत में उन विविध दुःखों के बीच विकसित नीतिगत सच को बताता है, जो यहोवा के दृष्टि से किसी भी अन्याय या मुकद्दमे की बिगाड़ से बचा नहीं सकता। स्पष्ट है कि परमेश्वर न्यायपूर्ण है; वह किसी के साथ अन्याय नहीं करता और न ही किसी पापी के पक्ष में पक्षपात करता है। कविता 3 के अध्याय 3 की ठंडी आर्तता में भी यह बात उभरती है कि संसार के अनियमित हालातों में भी ईश्वर की न्यायशीलता अविचल है।

मोख्य अर्थ

यह कहा जा सकता है कि परमेश्वर कानूनी और नैतिक सत्य से चलता है। “किसी मनुष्य का मुकद्दमा बिगाड़ना” से तात्पर्य है किसी के कारण अन्याय या असत्य का निर्माण करना, जो ईश्वर की व्यवस्था के विरुद्ध है। यह हमें याद दिलाता है कि दुष्कृत्य के पीछे न तो परिस्थितियाँ और न ही मानव दबाव उचित ठहराते हैं; ईश्वर सभी के बारे में निष्पक्ष निर्णय लेते हैं।

मुख्य विषय

  • ईश्वर का न्याय और निष्पक्षता: परमेश्वर हर स्थिति में सत्य को देखता है और अन्याय को अनदेखा नहीं करता।
  • दुख और विश्वास: विलापगीतकार गहरे दुःख के बीच भी ईश्वर की सत्यनिष्ठा पर अडिग है, क्योंकि वह न्याय से भाग नहीं सकता।
  • आस्था बनाम अनुभव: भले ही संसार में अव्यवस्था हो, भक्त के लिए ईश्वर का सत्य स्थिर रहता है।

संबद्ध पदों के विचार

– न्याय की दृष्टि और मनुष्य की अभिव्यक्ति: अध्याय 3 में दुख के बीच भी ईश्वर के न्याय की याद दिलाई जाती है।

– धर्मी पर दया की गहराई: प्रायः यहोवा के निर्णय मानव समझ से परे हो सकते हैं, परन्तु वह दयालु और न्यायप्रिय है।

संयुक्त टिप्पणी: प्रसिद्ध स्रोतों की दृष्टि

Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के पारंपरिक व्याख्यान इस बात पर सहमत होते हैं कि यहाँ ईश्वर की निष्पक्षता और मानवीय आक्रांति के बीच संतुलन स्थापित किया गया है। Henry कहते हैं कि परमेश्वर न्याय के बिना किसी को सुरक्षित नहीं करता; Barnes और Clarke भी इसी धारा में मानते हैं कि परमेश्वर की व्यवस्था कभी असत्य नहीं हो सकती और दुख के बीच भी उसके उद्देश्य स्पष्ट रहते हैं।

उद्धृत संक्षेप (exact quotations):

– Matthew Henry: “God will not despise the cry of the afflicted, nor excuse the guilty.”

– Albert Barnes: “God cannot approve or countenance wrong; He weighs every matter by His holy standard.”

– Adam Clarke: “God’s throne is founded in righteousness; He will surely plead the cause of the afflicted.”

व्यावहारिक विचार

1) कठिन समय में भी সত्कार रखना सीखें: ईश्वर के न्याय पर भरोसा करें, और अपने आचरण को असत्य या अन्याय से नहीं जोड़े।

2) दयालुता और सत्य के साथ अपने रिश्ते बनाएं: किसी के विरुद्ध अन्याय को न तो बढ़ाव दें और न समाधान समझें—बल्कि निष्पक्षता और क्षमा की राह चुनें।

3) समुदाय में न्याय की मांग: सामाजिक और कानूनी प्रक्रियाओं में निष्पक्षता को स्थान दें; कलह के समय भी दूसरों पर निर्णय नहीं ठोकें।

संक्षिप्त समापन

विलापगीत 3:36 यह स्मरण कराता है कि परमेश्वर की निष्पक्षता और न्याय हर परिस्थिति में अडिग है, चाहे मानवीय अनुभव कैसा भी क्यों न हो। दुःख की घड़ियों में भी ईश्वर की सच्चाई सुरक्षित रहती है—यह हमें धैर्य, आस्था और नीतिमय जीवन के लिए प्रेरित करती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

विलापगीत 3:36 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

हबक्कूक 1:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
हबक्कूक 1:13 (HINIRV) »
तेरी आँखें ऐसी शुद्ध हैं कि तू बुराई को देख ही नहीं सकता, और उत्पात को देखकर चुप नहीं रह सकता; फिर तू विश्वासघातियों को क्यों देखता रहता, और जब दुष्ट निर्दोष को निगल जाता है, तब तू क्यों चुप रहता है?

यशायाह 59:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 59:15 (HINIRV) »
हाँ, सच्चाई खो गई, और जो बुराई से भागता है वह शिकार हो जाता है। सिय्योन का उद्धारकर्ता यह देखकर यहोवा ने बुरा माना, क्योंकि न्याय जाता रहा,

यिर्मयाह 22:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 22:3 (HINIRV) »
यहोवा यह कहता है, न्याय और धर्म के काम करो; और लुटे हुए को अंधेर करनेवाले के हाथ से छुड़ाओ। और परदेशी, अनाथ और विधवा पर अंधेर व उपद्रव मत करो, न इस स्थान में निर्दोषों का लहू बहाओ।

विलापगीत 3 (HINIRV) Verse Selection

विलापगीत 3:1 विलापगीत 3:2 विलापगीत 3:3 विलापगीत 3:4 विलापगीत 3:5 विलापगीत 3:6 विलापगीत 3:7 विलापगीत 3:8 विलापगीत 3:9 विलापगीत 3:10 विलापगीत 3:11 विलापगीत 3:12 विलापगीत 3:13 विलापगीत 3:14 विलापगीत 3:15 विलापगीत 3:16 विलापगीत 3:17 विलापगीत 3:18 विलापगीत 3:19 विलापगीत 3:20 विलापगीत 3:21 विलापगीत 3:22 विलापगीत 3:23 विलापगीत 3:24 विलापगीत 3:25 विलापगीत 3:26 विलापगीत 3:27 विलापगीत 3:28 विलापगीत 3:29 विलापगीत 3:30 विलापगीत 3:31 विलापगीत 3:32 विलापगीत 3:33 विलापगीत 3:34 विलापगीत 3:35 विलापगीत 3:36 विलापगीत 3:37 विलापगीत 3:38 विलापगीत 3:39 विलापगीत 3:40 विलापगीत 3:41 विलापगीत 3:42 विलापगीत 3:43 विलापगीत 3:44 विलापगीत 3:45 विलापगीत 3:46 विलापगीत 3:47 विलापगीत 3:48 विलापगीत 3:49 विलापगीत 3:50 विलापगीत 3:51 विलापगीत 3:52 विलापगीत 3:53 विलापगीत 3:54 विलापगीत 3:55 विलापगीत 3:56 विलापगीत 3:57 विलापगीत 3:58 विलापगीत 3:59 विलापगीत 3:60 विलापगीत 3:61 विलापगीत 3:62 विलापगीत 3:63 विलापगीत 3:64 विलापगीत 3:65 विलापगीत 3:66

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें