विलापगीत 3:64 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

हे यहोवा, तू उनके कामों के अनुसार उनको बदला देगा।

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विलापगीत 3:64 पद-दर-पद बाइबल टीका

विलापगीत 3:64 पर टिप्पणी

यह पद विलापगीत के समूचे भाव-संग्रह में एक नये आचार और न्याय की अपेक्षा को दर्शाता है। लेखक, जो दया और न्याय के संगम को महसूस करता है, यह बताता है कि परमेश्वर प्रत्येक क्रमिक अत्याचार और अन्याय का हिसाब लेता है और पुनः व्यवस्था करेगा। यह संदेश विशेषकर उन कठिन समयों में प्रार्थना का आधार बनता है जब प्रेम और धर्म के विरोधी शक्तियाँ अधिक आवाज उठाती हैं।

पद का अध्याय में स्थान

विलापगीत 3 में लेखक अपनी पीड़ा व्यक्त करता है, परंतु यह भी बताता है कि परमेश्वर के काम साधारण मानवीय नज़र से अपरिवर्तनीय नहीं हैं। 3:64 जैसे वाक्यों से स्पष्ट होता है कि अन्याय के प्रतिफल का न्यायी निर्धारण अवश्य होता है। यह अध्याय न्याय की इच्छुक आत्माओं के लिए आशा का स्रोत है, जहां पीड़ा के बीच भी परमेश्वर की नीति और नियंत्रण स्पष्ट रहते हैं।

मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा

मुख्य शिक्षा यह है कि प्रभु अपने लोगों के विरुद्ध फैले अन्याय को छोड़ते नहीं; वह उनका प्रतिशोध लेता है और न्याय की विहंगम योजना के अनुसार क्रिया करता है। यह मानवीय धैर्य and विश्वास को बढ़ाता है—यही वह परीक्षण है जो विश्वास को परखता है। पीड़ा के समय भी परमेश्वर के न्याय पर अटल विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि वह समय आने पर समुचित परिणाम देगा।

अनुशीलन और तुलनात्मक नज़रिया

इस पद की भावना परमेश्वर के चरित्र के साथ है—न्याय के साथ दया, कठोर परिशोधन के बीच प्रतिबद्धता। समान विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विचारों में भी न्याय और दया का संतुलन उजागर होता है: वे कहते हैं कि परमेश्वर उन व्यक्तियों के विरुद्ध कदम उठाते हैं जो दुष्कर्म करते हैं, और यह सब एक उद्देश्यपूर्ण योजना के अनुरूप है जिसमें भक्तों की सुरक्षा और सत्य की प्रतिष्ठा शामिल है। Henry कहते हैं कि क्रूरता पर कड़ी कार्रवाई परमेश्वर की सत्य-राज्य की पुष्टि है; Barnes इसे दयालु न्याय का उदाहरण मानते हैं; Clarke बताते हैं कि यह न्याय का संकल्प है ताकि बुराई समाप्त हो और धर्म का मार्ग साफ-साफ दिखाई दे। (ध्यान दें: नीचे उद्धरणों का उल्लेख केवल छोटे हिस्सों के लिए प्रस्तुत है, पूर्ण पाठ उद्धृत नहीं किया गया।)

इन टिप्पणियों के साथ, यह verse उन पर भी संकेत करता है जो दुष्कर्मों से बचना चाहते हैं कि परमेश्वर के न्याय से दूर नहीं रहना संभव नहीं; बल्कि उसे समझना और परमरूप में स्वीकार करना है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)

  • अन्याय के विरुद्ध दायित्वपूर्ण प्रतिज्ञान: यहूदा 1:15 जैसे संदर्भ न्याय की अपेक्षा को बढ़ाते हैं कि हर नज़रंदाज़ी का परिणाम होगा।
  • धैर्य और परमेश्वर की योजना: रोम 12:19-21 के अनुसार निष्ठुरता नहीं, बल्कि प्रभु के समय पर भरोसा करना चाहिए।
  • कठोराई में भी प्रेम की चुनौती: hente 1 पाप of देवदूत के विरुद्ध न्याय की पुष्टि करते हैं (संशोधित संदर्भ के संकेत)।

इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि न्याय के साथ धैर्य, प्रेम और विश्वास का संयोजन है, ताकि रोगग्रस्त समाज में भी सत्य का मार्ग खुले।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

  • अपने स्वयं के दर्द में भी न्याय के बारे में आशा बनाए रखें; परमेश्वर के समय और तरीके पर भरोसा करें।
  • अन्याय के विरोध में चुप रहने की अपेक्षा, प्रार्थना और नैतिक साहस के साथ खड़े रहें, परन्तु शास्त्र-सम्मत विनम्रता बनाए रखें।
  • कठिन परिस्थितियों में भी दयालुता और न्याय का संतुलन बनाए रखें—क्योंकि यही चरित्र-प्रेरणा है जो समाज में फिर से शांति ला सकता है।

संक्षिप्त निष्कर्ष

विलापगीत 3:64 में परमेश्वर के अनुसार अपराधियों पर न्याय स्थापित करने की इच्छा और भक्तों के लिए न्याय-आशा का संदेश एक साथ चलता है। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि दुःख के बीच भी परमेश्वर के न्याय पर विश्वास बनाए रखें और एक ऐसे समाज की प्रतिज्ञा करें जहाँ सत्य और धर्म की नीति प्रभावी हो।

सूत्र-उद्धरण (संक्षेप): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के विचारों के सारभूत बिंदु — निष्ठुर न्याय के साथ दया का संतुलन; दुष्टों के विरुद्ध परमेश्वर की कार्रवाई का महत्व; पीड़ा में भी विश्वास की स्थिरता।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

विलापगीत 3:64 समानांतर पद और संबंधित वचन

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भजन संहिता 28:4 (HINIRV) »
उनके कामों के और उनकी करनी की बुराई के अनुसार उनसे बर्ताव कर, उनके हाथों के काम के अनुसार उन्हें बदला दे; उनके कामों का पलटा उन्हें दे। (मत्ती 16:27, प्रका. 18:6,13 प्रका. 22:12)

यिर्मयाह 11:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 11:20 (HINIRV) »
परन्तु, अब हे सेनाओं के यहोवा, हे धर्मी न्यायी, हे अन्तःकरण की बातों के ज्ञाता, तू उनका पलटा ले और मुझे दिखा, क्योंकि मैंने अपना मुकद्दमा तेरे हाथ में छोड़ दिया है। (भजन 7:9, प्रका. 2:23)

2 तीमुथियुस 4:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 तीमुथियुस 4:14 (HINIRV) »
सिकन्दर ठठेरे ने मुझसे बहुत बुराइयाँ की हैं प्रभु उसे उसके कामों के अनुसार बदला देगा। (भज. 28:4, रोम. 12:19)

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