लूका 13:25 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब घर का स्वामी उठकर द्वार बन्द कर चुका हो, और तुम बाहर खड़े हुए द्वार खटखटाकर कहने लगो, ‘हे प्रभु, हमारे लिये खोल दे,’ और वह उत्तर दे कि मैं तुम्हें नहीं जानता, तुम कहाँ के हो?

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लूका 13:25 पद-दर-पद बाइबल टीका

संक्षिप्त परिचय

लूका 13:25 में यीशु एक गंभीर चेतावनी देते हैं: अंतिम समय में द्वार बंद होना और देर से आने वालों का बाहर रह जाना। यह वचन दर्शाता है कि उद्धार में देर नहीं करनी चाहिए और प्रभु की आवाज़ पर तत्काल उत्तर देना आवश्यक है।

प्रकरण के भीतर यह पद कहाँ खड़ा है

यह सूत्र लूका 13 के संदर्भ में आता है जहाँ यीशु उपदेश दे रहे हैं कि लोगों को पश्चाताप और आत्मनिरीक्षण के लिए तत्पर रहना चाहिए। उसी अध्याय में दीनता, दमन के साथ जीने और परमेश्वर के राज्य के अनपेक्षित आगमन की चर्चा है। यहाँ द्वार का प्रतीक परमेश्वर के राज्य में प्रवेश का द्वार है, और स्वामी का उठकर द्वार बंद कर देना अंतिम न्याय या अवसर के क्षय को दर्शाता है।

मुख्य आध्यात्मिक उपदेश

मुख्य संदेश स्पष्ट है: समय पर वचन और आह्वान का उत्तर देना जीवन-सम्बंधी प्रश्न है। केवल नाम के लिए सम्बन्ध रखने से काम नहीं चलेगा; स्वामी की पहचान और अंतर्मुखी अनुग्रह का अनुभव निर्णायक है। यह वचन सतर्कता, निरंतर विश्वास और तत्काल समर्पण का आग्रह करता है।

सम्बंधित पद और तुलना

  • मत्ती 25:10-12 — दुल्हन की आत्माओं की दृष्टान्त में भी देर से आने वालों को द्वार बंद पाना मिलता है; समान चेतावनी के साथ सतर्क रहने का आग्रह मिलता है।
  • मत्ती 7:21-23 — केवल मौखिक घोषणा से नहीं, परन्तु परमेश्वर की इच्छानुसार किए हुए कार्यों से परिचय ज्ञात होगा; "मैं तुम्हें नहीं जानता" का भाव यहीं भी मिलता है।
  • प्रकटीकरण 3:20 — प्रभु द्वार पर खड़े हैं और दस्तक देते हैं; यहाँ उत्तर देने और प्रवेश पाने का ठहराव भी है।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

1) आत्मनिरीक्षण: यह समय-सीमा की चेतावनी है — स्वयं से पूछें क्या मेरा विश्वास केवल नाम मात्र है या जीवन में परिवर्तन दिखता है।

2) तत्पर प्रतिक्रिया: जब प्रभु बुलाते हैं, विलम्ब न करें; प्रार्थना, विश्वास और आज्ञापालन तुरंत आवश्यक हैं।

3) सम्बन्ध की गहराई: केवल बाह्य अनुष्ठान या शब्द पर्याप्त नहीं; परिचय का अर्थ स्थायी संबंध और आत्मिक अनुग्रह है।

सारांश और समेकित टिप्पणी

लूका 13:25 हमें यह याद दिलाता है कि उद्धार अवसर सीमित है और उसका लाभ उठाने के लिए सतर्कता एवं तत्परता अनिवार्य है। इतिहास के आविर्भाव और भगवान के न्याय की चेतावनी के बीच यह पद व्यक्तिगत आत्मनिरीक्षण और वास्तविक समर्पण की आवश्यकता पर जोर देता है। परंपरागत टीकाकारों ने भी इसी चेतावनी को महत्व दिया है; मैथ्यू हेनरी ने कहा है कि आने वाले न्याय में विलम्ब की कोई क्षमा नहीं होगी (सटीक उद्धरण उपलब्ध होने पर उद्धृत किया जा सकता है), और अल्बर्ट बार्न्स ने सचेत किया कि बाह्य उपस्थित होना परिचय का प्रमाण नहीं है। इन दृष्टान्तों का समेकित संदेश यह है: उठो, जवाब दो और अपने संबंध को जानकर गहरा करो, क्योंकि द्वार बंद होने पर पछतावा व्यर्थ रहेगा।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 13:25 समानांतर पद और संबंधित वचन

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जब वे मोल लेने को जा रही थीं, तो दूल्हा आ पहुँचा, और जो तैयार थीं, वे उसके साथ विवाह के घर में चलीं गई और द्वार बन्द किया गया।

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परन्तु वह कहेगा, मैं तुम से कहता हूँ, ‘मैं नहीं जानता तुम कहाँ से हो। हे कुकर्म करनेवालों, तुम सब मुझसे दूर हो।’ (भज. 6:8)

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“जो मुझसे, ‘हे प्रभु, हे प्रभु’ कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है।

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