Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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लूका 13:14 का संक्षेपिक व्याख्या और संदर्भ
इस पद में आराधनालय के एक नेता का आक्रोश उभरता है, जब यीशु ने सब्त के दिन रोगी चंगा किया। यीशु ऐसा कार्य करके व्यवस्था के मानक पर टिके हुए मानक को चुनौती देते हैं कि सिर्फ कर्मकांड और दिन-रात्रि के पालन से धर्मपूर्णता मिलती है। वह इस घटना के माध्यम से यह दर्शाते हैं कि परमेश्वर का करुणामय प्रचार और चिकित्सा कार्य मानव का भला करने के उद्देश्य से है, न कि सब्त की परंपरागत रोक-टोक के कारण पथभ्रष्ट करने के लिए। इस संदर्भ में यीशु की शिक्षा यह है कि परमेश्वर के दया-कार्य कभी भी मानवीय नियमों के ऊपर नहीं रहते, बल्कि वे लोगों के उद्धार के लिए उजागर होते हैं।
मुख्य अर्थ और केंद्रीय संदेश
यीशु का चंगा करना सब्त के दिन किया गया—यह दिखाता है कि救 सहायता और उपचार परमेश्वर के दिल की दिशा है, और धार्मिक निरीक्षण का अंधकार नहीं। प्रभु ने इसे उदाहरण के रूप में दिया कि धर्म का उद्देश्य सचमुच मनुष्यों की भलाई है, न कि merely परंपराओं की रक्षा।
दो प्रमुख थीम
संबंधित आयतें
1) निर्गम 20:9-10 तथा व्यच 5:13-14— विश्राम के आदेश की संरचना दिखाते हैं, परन्तु यीशु यहाँ कर्म-उद्धार को उच्च मानक बनाकर बताते हैं कि परमेश्वर का आराम और उद्धार मानव हित के साथ जुड़ा है।
2) मरकुस 2:27-28— “सब्त मनुष्य के लिए बना है; मनुष्य सब्त के लिए नहीं।” यह समान देहाती रिकॉर्ड सबसे स्पष्ट विवेचित पाठ है कि सब्त का लक्ष्य दूरी नहीं, बल्कि उद्धार और कल्याण है।
व्यावहारिक चिंतन
- हम अक्सर धार्मिक परंपराओं की पकड़ में आकर लोगों की ज़रूरतों के प्रति संवेदनशील नहीं रहते। इस पद के अनुसार हमें प्रभु के दिल को अपनाते हुए, दया-कार्य और उपचार को मार्गदर्शक बनाना चाहिए।
- समुदाय में कानूनी दृढ़ता के बीच संवेदनशीलता और करुणा बनाए रखना चाहिये—खासकर उन अवसरों पर जब व्यक्ति का सम्बन्ध परमेश्वर के साथ ज्यादातर जुड़ता हो।
छोटा समापन
यह संदेश देता है कि धार्मिक अभ्यास को मानवता के उद्धार के पथ से पृथक नहीं करना चाहिए। प्रभु यीशु के सक्रिय करुणा में अशुद्ध-छूटे भी उपचार पाते हैं, और यही परमेश्वर के राज्य का वास्तविक चिह्न है।
कंटेक्स्ट-वार cross-references
- निर्ग. 20:9-10 और व्योम 5:13-14 का स्मरण, जहाँ विश्राम और पारस्परिक आज्ञाओं की ठोस संरचना दिखती है।
- मरकुस 2:27-28, यीशु का स्पष्ट वक्तव्य कि सब्त मानव के लिए बना है, न कि मानव सब्त के लिए।
नोट: इस पंक्ति के लिए मैथ्यू हेन्री, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के संक्षिप्त उद्धरण यदि उपलब्ध हों तो नीचे उद्धृत प्रविष्टियों के रूप में शामिल हैं।
उद्धरण नोट: यदि उपलब्ध हों, नीचे θεम दृश्य में सटीक वाक्यों के रूप में उद्धरण दिए जाते हैं—
“कर्म के नियम ने मानवदृष्टि को उपेक्षा में डाल दिया है; पर परमेश्वर की करुणा के कारण रोगी चंगा होता है।”