लूका 13:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

वह ख़मीर के समान है, जिसको किसी स्त्री ने लेकर तीन पसेरी आटे में मिलाया, और होते-होते सब आटा ख़मीर हो गया।”

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लूका 13:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

लूका 13:21 का सरल अर्थ

यह उद्धरण यह बताता है कि परमेश्वर का राज कैसे धीरे-धीरे फैलकर समस्त जीवन को प्रभावित कर देता है—जैसे खमीर जो आटे के हर हिस्से में फैलकर उसमें असर डाल देता है।

प्रसंगीय पृष्ठभूमि

यूहन्नी-आख्यानों के क्रम में यीशु ने चापलूसी या बहुधा अशांति के समय भी परम राज्य की वास्तविक प्रकृति को सरल उपमाओं के जरिये समझाया। यहाँ खमीर की उपमा से यह दर्शाया गया है कि परमेश्वर का राज एक गतिशील परिवर्तन है जो विश्व के अलग-अलग हिस्सों में चुपचाप और प्रभावशালী तरीके से फैलता है।

interpretive observations

  • राज्य का फैलना गुप्त रूप से शुरू होता है, पर अंततः व्यापक प्रभाव दिखाता है।
  • खमीर की मात्रा छोटी हो सकती है, पर परिणाम विशाल होते हैं; छोटे आरम्भ भी बड़ी उपलब्धियों में परिणत होते हैं।
  • यह उद्धरण नीतिगत नहीं, बल्कि परिवर्तन-कारी प्रकृति पर बल देता है—आत्म-परिवर्तन से समाजिक बदलाव तक।

संक्षिप्त विषय-वस्तु

  1. राज्य की सरलता और गुप्त आरम्भ
  2. परिवर्तन का व्यापक प्रभाव
  3. नम्र आरम्भ, विशाल परिणाम

अन्य संबंधित वचनों से संक्षिप्त सम्बद्धता

1) मत्ती 13:33 — राज्यमण्डल की उपमा में खमीर का उपमान एक ही विचार को बार-बार दोहराता है: छोटा आरम्भ विश्व-परिवर्तन के लिए पर्याप्त है।

2) योहन 3:8 — परमात्मा की क्रिया सांसारिक रूप से अदृश्य लेकिन प्रभावी होती है, जैसे श्वास के साथ उड़ा हुआ पवन।

3) मरकुस 4:26-29 — क्षेत्र-व्याप्ति का क्रम और आंतरिक उर्वरता का विचार, जो सीमाओं के पार फैलता है।

पवित्रता और व्यवहार पर उपयोगी निष्कर्ष

  • छोटे कदमों से विश्वास जीवन में गहराई भरते हैं; हर दिन के छोटे निर्णय राज को बढ़ाते हैं।
  • एकाग्रता और नम्रता से प्रेरित परिवर्तन समुदाय को भी प्रभावित करता है।

खंड-सम्बन्धी स्पष्ट उद्धरण

इस पाठ के साथ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के सहारे निष्कर्ष आत्मसात करने योग्य हैं। जहां आवश्यक हो, मैं उनके संक्षिप्त सत्य-वाक्यों को उद्धृत कर रहा हूँ:

— “राज्य का फैलाव धीरे-धीरे लेकिन निश्चित होता है; छोटा आरम्भ महान परिणाम बनता है।” (अनुकूलित सार)

— “छोटे प्रारम्भों में भी परमेश्वर का काम रहता है, और यह मानव-उत्तरदायित्व से अधिक बन सकता है।” (अनुवादित सार)

टेकअवे

खमीर की उपमा से सीख यह है कि परम राज की वास्तविक शक्ति विनम्र आरम्भ में निहित है: जो स्वयं परिवर्तन के लिए तैयार है, वह पूरे संसार को प्रभावित कर सकता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 13:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

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उसने एक और दृष्टान्त उन्हें सुनाया, “स्वर्ग का राज्य ख़मीर के समान है जिसको किसी स्त्री ने लेकर तीन पसेरी आटे में मिला दिया और होते-होते वह सब ख़मीर हो गया।”

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तुम्हारा घमण्ड करना अच्छा नहीं; क्या तुम नहीं जानते, कि थोड़ा सा ख़मीर* पूरे गुँधे हुए आटे को ख़मीर कर देता है।

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इसलिए सारी मलिनता और बैर-भाव की बढ़ती को दूर करके, उस वचन को नम्रता से ग्रहण कर लो, जो हृदय में बोया गया और जो तुम्हारे प्राणों का उद्धार कर सकता है।

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