Old Testament
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1 कुरिन्थियों 5:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तुम्हारा घमण्ड करना अच्छा नहीं; क्या तुम नहीं जानते, कि थोड़ा सा ख़मीर* पूरे गुँधे हुए आटे को ख़मीर कर देता है।
1 कुरिन्थियों 5:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 कुरिन्थियों 5:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 कुरिन्थियों 5:6 — घमण्ड और ख़मीर का संकेत
पद का तत्काल संदर्भ: प्रेरित पतरस (पॉल) ने कोरिंथ के विश्वासियों को समझाने के लिए यह नसीहत दी कि वे अपनी सामुदायिक पवित्रता के बारे में सतर्क रहें। यहाँ संदर्भ एक विशिष्ट समूह के भीतर घमण्ड की समस्या और उसमें निहित आत्म-आडंबर पर केन्द्रित है।
पद का अर्थ और पाठ के भीतर भूमिका
“तुम्हारा घमण्ड करना अच्छा नहीं; क्या तुम नहीं जानते, कि थोड़ा सा ख़मीर पूरे गुँधे हुए आटे को ख़मीर कर देता है।” इस कथन में घमण्ड से आशय समुदाय के भीतर के आत्म-स्वास्थ्य और पवित्रता के लिए खतरे से है। ख़मीर का चित्रण प्रायः पाप, अपवित्र विचार या अपेक्षा-प्रवृत्ति के रूप में किया गया है; एक बार उसमें बस जाने पर वह पूरे समुदाय में फैल सकता है। पॉल यहाँ यह बताने की कोशिश कर रहा है कि विश्वासघट, फूट या अनैतिक व्यवहार को रोकना चाहिए ताकि पवित्रता का वातावरण बना रहे।
ईश्वर की अगुवाई में पवित्रता का महत्व
घमण्ड या आत्म-उच्चता पवित्रता के विरुद्ध काम करती है; यह वह प्रवृत्ति है जो समुदाय के बीच विभाजन और असंतोष पैदा कर सकती है। ईश्वर का उद्देश्य है कि समुदाय एक दूसरे के लिए नम्र हो,Transparency और शुद्धता बनाए रखे। पवित्रता का यह सतर्क सम्मान विश्वास की वास्तविक प्रभावशीलता को बनाये रखता है।
महत्वपूर्ण शब्दों की व्याख्या
अन्य संबंधित आयतें
यह विचार 1 कुरिन्थियों 5 के समान अन्य स्थानों में भी मिलते हैं जिन्हें पवित्रता और सामाजिक नैतिकता पर बल देता है—जैसे खुदी हुई अशुद्धियों की रोकथाम और पाप के फैलाव के विरुद्ध सावधानी।
योग्य क्रॉस-रेफरेंस और संक्षिप्त समझ
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
हममें से प्रत्येक व्यक्तिगत रूप से और समुदाय के रूप में कैसे व्यवहार करे? घमण्ड से बचना, दूसरों के लिये विनम्रता और सम्मान बनाए रखना, और नयी नज़र से अपने आचरण की जाँच करना आवश्यक है। यह न केवल नैतिक अच्छाई है, बल्कि यीशु के अनुयायियों के बीच प्रेम और एकता को बनाए रखने का मार्ग भी है। यदि कोई छोटी गलत प्रवृत्ति भी हमारे समूह में उभरती है, तो उसे ऊँचे स्वर में नकारने के बजाय प्रेम से addressing करना चाहिए ताकि समर्पण और पवित्रता बनी रहे।
संक्षिप्त सार
1 कुरिन्थियों 5:6 में घमण्ड और ख़मीर के प्रतीकात्मक संकेत से सीख मिलती है कि समुदाय की पवित्रता सुरक्षा-भाव से बनी रहती है जब गलत प्रवृत्तियों को जल्दी पहचाना जाए और एक दूसरे के लिये नम्रता और प्रेम अपनाई जाए।
याद रखें: यह पाठ हमें समुदाय की एकता और पवित्रता के लिए सतर्क रहने की प्रेरणा देता है।
धारणा के लिए संक्षिप्त उद्धरण (विदित सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों से):
Matthew Henry (सार): "घमण्ड के बिना पवित्रता को बनाए रखना चाहिए, क्योंकि छोटा-सा flaw पूरे बंधन को प्रभावित कर सकता है।" उद्धृत विचार सार्वजनिक-डोमेन स्रोत से सारगर्भित सार है; पूर्ण वाक्य उद्धरण नीचे नहीं दिया गया है।
Albert Barnes (सार): "कड़ाई से नियमों के बारे में सतर्क रहना और घमण्ड से बचना आवश्यक है, ताकि समुदाय ईश्वर के सामने पवित्र बना रहे।" सारांश-उद्धरण
Adam Clarke (सार): "ख़मीर का संकेत यह बताता है कि छोटे दोष भी बड़े नुकसान दे सकते हैं; hence, साफ-सफाई और संयम अनिवार्य हैं।" सारांश-उद्धरण