Old Testament
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1 कुरिन्थियों 5:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए आओ हम उत्सव में आनन्द मनायें, न तो पुराने ख़मीर से और न बुराई और दुष्टता के ख़मीर से, परन्तु सिधाई और सच्चाई की अख़मीरी रोटी से।
1 कुरिन्थियों 5:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 कुरिन्थियों 5:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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निर्गमन 12:15 (HINIRV) »
“सात दिन तक अख़मीरी रोटी खाया करना, उनमें से पहले ही दिन अपने-अपने घर में से ख़मीर उठा डालना, वरन् जो पहले दिन से लेकर सातवें दिन तक कोई ख़मीरी वस्तु खाए, वह प्राणी इस्राएलियों में से नाश किया जाए।

व्यवस्थाविवरण 16:3 (HINIRV) »
उसके संग कोई ख़मीरी वस्तु न खाना; सात दिन तक अख़मीरी रोटी जो दुःख की रोटी है खाया करना; क्योंकि तू मिस्र देश से उतावली करके निकला था; इसी रीति से तुझको मिस्र देश से निकलने का दिन जीवन भर स्मरण रहेगा। (1 कुरि. 5:8)

1 कुरिन्थियों 5:8 — तत्काल संदर्भ और मौलिक निष्कर्ष
पद का पृष्ठभूमि: यह पाठ पहली कुरिन्थियों के बीच के सभागृहीय समस्या—शहर कुरिन्था में चर्च के अंदर पवित्रता बनाये रखने की चुनौती—से जुड़ा है। प्रेरित पौलुस चूँकि पवित्र समुदाय की पवित्रता पर जोर दे रहे हैं, इसलिए उन्होंने कामचलाऊ उपहास और अनैतिक व्यवहार को दूर रखने की चेतावनी दी है। यहाँ उत्सव के संदर्भ में आग्रह है कि प्रकाशित मर्म पर सच्चे रूप में जीवित रहें और अस्थिर परंपराओं से बचें।
क्या दिखाती है यह प्रविष्टि परमेश्वर के साथ विश्वास का सत्य
यह आह्वान एक चेतावनी के साथ है कि ईश्वर-आस्था वास्तविक है तब जब हम आंतरिक रूप से परिवर्तन और नैतिक शुद्धता में जुड़ते हैं। पवित्रता के लिए सतत कट्टरता और साफ़ दिमाग चाहिए—खमीर की तरह हर चीज़ में फैलता है, चाहे वह भली-भलाई का प्रतीक हो या नहीं। इसलिए सचेत रहते हुए यह कहा गया है कि उत्सव में खुशी तब है जब हम बुराई के प्रभाव को बिना दूरी बनाए सच और सिधाई की अख़मीरी रोटी खाते हैं।
महत्वपूर्ण शब्दों/छवियों की स्पष्टता
अन्य प्रासंगिक आयतें और उनके संबंध
• याकूब 3:18 से प्रेरणा मिलती है कि शांति से बने कर्म सत्य को धारण करते हैं।
• रोम 6:22 बताता है कि पवित्रता के परिणामस्वरूप परमानंद और परमेश्वर की सेवा में वृद्धि होती है।
• मलाकी 2:15 में कहा गया है कि परमेश्वर के साथ न्यायपूर्ण जीवन के लिए आंतरिक पवित्रता अनिवार्य है।
हिंदी पाठ के अनुसार व्याख्या
पोलुस ने त्योहार के सांकेतिक उत्साह के भीतर रहते हुए समुदाय को यह याद दिलाया कि खुशी और साझा समारोह तब सर्वश्रेष्ठ रूप में संभव हैं जब हम हर तरह के दुष्ट प्रभाव से दूर रहें और सच, निर्भयता, और नैतिक अखंडता में जीवन बिताएं। यह न सिर्फ व्यक्तिगत पवित्रता है, बल्कि एक समुदाय के रूप में एक दूसरे के प्रति जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग है।
आज के संदर्भ में लागू करने योग्य बिंदु
एतिहासिक विचारों से मिलाजुला संक्षेप: 1) जेम्स मैकएन्ली के अनुसार, खमीर का चित्रण समुदाय के भीतर नैतिक संक्रमण का संकेत है; 2) एडम क्लार्क ने कहा है कि धार्मिक उत्सव तब तक पवित्र होते हैं जब उनका केंद्र सच और नैतिकता हो; 3) मैथ्यू हेन्री के अनुसार, पवित्रता के लिए जीवन का न्यायपूर्ण क्रम आवश्यक है।
मुख्य निष्कर्ष: पवित्रता के लिए उत्सव की खुशी तब सच्ची होती है जब हम बुराई के प्रभाव को रोक कर सत्य और अखंडता को अपने समुदाय का आधार बनाएं।