Old Testament
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1 कुरिन्थियों 5:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
मैंने अपनी पत्री में तुम्हें लिखा है*, कि व्यभिचारियों की संगति न करना।
1 कुरिन्थियों 5:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 कुरिन्थियों 5:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 थिस्सलुनीकियों 3:14 (HINIRV) »
यदि कोई हमारी इस पत्री की बात को न माने, तो उस पर दृष्टि रखो; और उसकी संगति न करो, जिससे वह लज्जित हो;

2 थिस्सलुनीकियों 3:6 (HINIRV) »
हे भाइयों, हम तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह के नाम से आज्ञा देते हैं; कि हर एक ऐसे भाई से अलग रहो, जो आलस्य में रहता है, और जो शिक्षा तुमने हम से पाई उसके अनुसार नहीं करता।

1 कुरिन्थियों 5:9—व्यभिचारियों के साथ संगति न रखने का बुलावा क्यों matters?
यह कमेंटary उस छोटे-से वाक्य के पीछे गहरे नैतिक और सामूहिक असर पर केंद्रित है: यदि ईमानदार समुदाय कुल मिलाकर पवित्रता और नैतिकता बनाए रखना चाहता है, तो ऐसे लोगों के साथ निकट सम्बन्ध बनाकर धोखा नहीं होना चाहिए जिनके जीवन में वह घृणित व्यभिचार या समान पाप खुले तौर पर चल रहा है। पवित्रता-संरक्षण और समुदाय के विश्वास की दृढ़ता के बीच यह वाक्य एक साफ दूरी की जरूरत बताता है, ताकि चमत्कारिक ईश्वर-योजनाओं के सामने बिरुद बनकर नहीं डालना।
पार्श्व संदर्भ: मूल संदर्भ और संदेश
पोलूस के चर्च में न सिर्फ व्यभिचार बल्कि ऐसे आचरणों से जुड़े अस्वीकृत व्यवहार पर भी बैठकों में स्पष्ट निर्देश देना था। पतरस-पत्रों की तरह, पॉल यह बताता है कि समुदाय की जा रही भलाई के लिए दूरी बनानी चाहिए ताकि उत्साह और पाप के बीच भ्रम न रहे। यहाँ “मेने अपनी पत्री में तुम्हें लिखा है” कहा गया है ताकि पाठक समझ जाएं कि यह कोई तात्कालिक अस्थायी चेतावनी नहीं, बल्कि चर्च-समुदाय के नियम और नैतिक मानदंड हैं।
मुख्य संदेश
यह वचन दो चीजों को स्पष्ट करता है: - समुदाय में पवित्रता बनाए रखने के लिए असंगत आचरण वालों के साथ निकट संपर्क से बचना आवश्यक है। - दूरी का उद्देश्य दयालु किन्तु स्पष्ट सुधार और पाप से अलगाव बनाकर समुदाय को सुरक्षित रखना है, न कि बहिष्कार या कठोरता के लिए.
कहानी-सीखा: ध्यान देने योग्य बिंदु
पहचान की गई पाप-स्थिति के साथ चलना समाज के लिए खतरा बन सकता है—यह केवल व्यक्तिगत धार्मिकता का प्रश्न नहीं, बल्कि समुदाय की रोशनी और लोक-आस्था पर प्रभाव डालता है। अन्याय से बचते हुए, ईश्वर के साथ एक साफ-स्वच्छ जीवन बनाए रखना सामाजिक संरचना और विश्वास-परिवार के लिए ज़रूरी है। यह नियम, हर परिस्थिति में नहीं, परन्तु सामूहिक संतोष और ईश्वरीय प्रेरणा के अनुरूप है ताकि कमरे में विश्वासियों के बीच एक सत्य की हवा बनी रहे।
बाइबल के संज्ञान के साथ cross-references
अन्यानुभव/विक्रय-चिन्ह: प्रसिद्ध पब्लिक डोमिन परामर्शों के संकलन
मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बर्न्स और एडम क्लार्क के संकलन में समान विचार मिलते हैं: पवित्र समुदाय के लिए स्पष्ट नियम आवश्यक हैं ताकि फर्क समझ में आए और पाप के दबदबे से दूर रहा जा सके। वे कहते हैं कि दूरी रखना उद्धार के लक्ष्य के साथ मेल खाता है—आत्म-संयम और सामाजिक नैतिकता की पुनर्स्थापना।
कई पंक्तियों के साथ एक संक्षिप्त निष्कर्ष
इस verse का तात्पर्य सरल है: विश्वासयोग्य समुदाय में रहने वाले हर सदस्य के लिए पवित्र आचरण एक साझा जिम्मेदारी है, और पापी आचरण वाले लोगों के साथ निकट संपर्क से बचना, ताकि समुदाय अपने पवित्र उद्देश्य से न भटके।
देवotional reflection
स्व-स्वीकृति और समुदाय के बीच संतुलन बनाते हुए, हमें आत्म-नियमन से काम लेना चाहिए। जब हम गलतियों से सचेत रहते हैं और अपने साथ चलने वालों को भी सुधरने की कोशिश के लिए प्रेरित करते हैं, तब ईश्वर की रोशनी हमारे बीच बढ़ती है। अपने जीवन की राह में वैसी दूरी बनाएं जो न तो कठोर हो, और न ही चतुराई से दूरी बना कर स्वयं को सुरक्षित समझे, बल्कि प्रेम-पूर्ण स्पष्टता के साथ परमेश्वर के सिद्धांतों के अनुसार चले।
युक्त चर्चा: यदि आप किसी पंक्ति के संदर्भ में और स्पष्ट उद्धरण देखना चाहें, तो नीचे के cross-reference-परीक्षणों को देखें और उनके अर्थ पर विचार करें।
उद्धरण नोट: नीचे 3 प्रमुख प्रचारक-उद्धरण का संकलन केवल संदर्भ हेतु है; पूर्ण ग्रंथ-उद्धरण नहीं दिए जा रहे।