Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 कुरिन्थियों 5:10 बाइबल पद की व्याख्या
1 कुरिन्थियों 5:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यह नहीं, कि तुम बिलकुल इस जगत के व्यभिचारियों, या लोभियों, या अंधेर करनेवालों, या मूर्तिपूजकों की संगति न करो; क्योंकि इस दशा में तो तुम्हें जगत में से निकल जाना ही पड़ता।
1 कुरिन्थियों 5:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 कुरिन्थियों 5:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 कुरिन्थियों 10:27 (HINIRV) »
और यदि अविश्वासियों में से कोई तुम्हें नेवता दे, और तुम जाना चाहो, तो जो कुछ तुम्हारे सामने रखा जाए वही खाओ: और विवेक के कारण कुछ न पूछो।

यूहन्ना 17:15 (HINIRV) »
मैं यह विनती नहीं करता, कि तू उन्हें जगत से उठा ले, परन्तु यह कि तू उन्हें उस दुष्ट से बचाए रख।

1 कुरिन्थियों 5:10 — तत्काल संदर्भ और अर्थ
पद का सीधा संदर्भ बताता है कि प्रेरित पवित्र आत्मा द्वारा लिखा गया यह संदेश उन मामलों पर है जहाँ चर्च के भीतर भी सामाजिक रूप से असामान्य परस्परता दिखती है—यानी पाप के साथ घुलने-मिलने की प्रवृत्ति। पॉल स्पष्ट करते हैं कि यह नहीं कहा गया है कि आप संसार के सभी प्रकार के पापों के साथ संगति करें, ताकि आप संसार से बाहर निकल जाएं; बल्कि इसका आशय है कि संगति के कारण भ्रांतियाँ और भ्रष्टाचार आ सकते हैं।
ईश्वर और आस्था के प्रकाश में पाठ का अर्थ
यह पद यह सिखाता है कि विश्व के पापी वातावरण से दूरी रखना आवश्यक है ताकि विश्वास मजबूत रहे और पवित्रता बनी रहे। यह अनेक प्रकार के प्रयासों के बीच संतुलन बताता है: न्याय, प्रेम और आत्म-नैतिकता—इन तीनों के बीच स्पष्ट दूरी बनाए रखना, ताकि मसीही जीवन की पहचान बनी रहे।
महत्वपूर्ण शब्दों तथा चित्रों की स्पष्टता
ਸंबद्ध पाठ (Cross-references) — संक्षेप
आज के समय में व्यावहारिक अनुप्रयोग
इस वाक्य से सीख मिलती है कि ईमानदार जीवन के लिए समुदाय में पवित्रता और दूरी की एक रेखा निर्धारित करनी चाहिए। आज के संदर्भ में इसका तात्पर्य है—खुद के साथ और दूसरे विश्वासियों के साथ भी ऐसी संगति चुनना जो प्रेरित आत्मा के मार्ग के अनुरूप हो। सामाजिक दबाव, मीडिया की रंग-दृष्टि, और व्यवहार के नमूने—इन सब पर विचार कर वायरिंग करें कि आप किस प्रकार के संगति के साथ अपने विश्वास को केंद्रित रखते हैं।
হেমायां>एक संयुक्त विश्लेषण
डायरेक्ट संदर्शक कथन यह है कि गिरावट से बचने के लिए आवश्य दूरी बनाए रखना, पर प्रेम और शत्रुता के बिना अलगाव नहीं। मार्गदर्शक टिप्पणीकार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के मानक विचारों से यह स्पष्ट होता है कि पवित्रता बनाए रखना संसार से पृथक रहने की प्रेरणा देता है, ताकि चर्च किसी भी प्रकार की दूषित संगति से मुक्त रहे।
कठोर शब्दावली के बावजूद, संदेश का उद्देश्य यही है: पवित्रता की दिशा में प्रगति करते हुए, सच और प्रेम के साथ सामाजिक सहभागिता को संतुलित करें, ताकि विश्वास मजबूत रहे और दया व्यापक हो सके।
सूत्र-संदर्भ सयंत्र
रोमियों 12:2 — संसार के ढंग से न ढलकर नई सोच अपनाने की प्रेरणा।
2 कुरिन्थियों 6:14–17 — विश्वास के साथ समांतर जीवन के लिए पृथक रहने का आह्वान।
यहोशू 23:6–8 — परमेश्वर के साथ रहता विश्वास बनाये रखनें की प्रेरणा।