Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 कुरिन्थियों 5:13 बाइबल पद की व्याख्या
1 कुरिन्थियों 5:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परन्तु बाहरवालों का न्याय परमेश्वर करता है: इसलिए उस कुकर्मी को अपने बीच में से निकाल दो।
1 कुरिन्थियों 5:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 कुरिन्थियों 5:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

व्यवस्थाविवरण 17:7 (HINIRV) »
उसके मार डालने के लिये सबसे पहले साक्षियों के हाथ, और उनके बाद और सब लोगों के हाथ उठें। इसी रीति से ऐसी बुराई को अपने मध्य से दूर करना। (यूह. 8:7, 1 कुरि. 5:13)

व्यवस्थाविवरण 13:5 (HINIRV) »
और ऐसा भविष्यद्वक्ता या स्वप्न देखनेवाला जो तुम को तुम्हारे परमेश्वर यहोवा से फेर के, जिसने तुमको मिस्र देश से निकाला और दासत्व के घर से छुड़ाया है, तेरे उसी परमेश्वर यहोवा के मार्ग से बहकाने की बात कहनेवाला ठहरेगा, इस कारण वह मार डाला जाए। इस रीति से तू अपने बीच में से ऐसी बुराई को दूर कर देना*।

व्यवस्थाविवरण 21:21 (HINIRV) »
तब उस नगर के सब पुरुष उसको पथराव करके मार डालें, इस रीति से तू अपने मध्य में से ऐसी बुराई को दूर करना, तब सारे इस्राएली सुनकर भय खाएँगे।
अर्थ का सीधा निष्कर्ष
1 कुरिन्थियों 5:13 में कहा गया है कि पर्दे के बाहर के व्यवहार पर परमेश्वर न्याय करता है; भीतर के समुदाय से कुकर्मी को बाहर कर निकालना उचित है ताकि पवित्रता बनी रहे और विश्वासियों की बुलहारी संगति सुरक्षित रहे।
संदर्भ-संदर्भ और पृष्ठभूमि
यह पंक्ति पवित्रता और समुदायिक चेतावनी के बीच संतुलन पर जोर देती है। पॉल ने कुरिन्थ की चर्च व्यवस्था में उत्त्पन्न नैतिक असंगतियों को पहली पीढ़ी के ईश्वर-सम्बन्धी समुदाय के लिए एक चेतावनी के रूप में प्रस्तुत किया। जब भीतर के समुदाय में खुली कुकर्मी गतिविधियाँ रहती हैं, तो यह अन्य विश्वासियों के विश्वास को चोट पहुँचाती हैं और समुदाय की साख को नुकसान पहुँचाती है। इस पाठ में “बाहरवालों का न्याय” से तात्पर्य समुदाय के बाहर के नैतिक मानदंडों से है, परन्तु क्रूसीय निर्णय के लिए स्वर्गीय दण्ड के विकल्प नहीं, बल्कि आस्थागत अनुशासन की प्रक्रिया है।
व्याख्यात्मक बिंदु
छोटे थीमेटिक बिंदु
संवाद-संबंधी बिंदु (क्रॉस-रेफरेंसेस)
1) मत्ती 18:15-17 — व्यक्तिगत अवस्था पर बात करके समस्या हल करने की प्रक्रिया; चूक पर पुनः प्रयास और अंत में बाहर निकालने तक का रास्ता। यह दिखाता है कि अनुशासन प्रेमपूर्ण ढंग से होना चाहिए ताकि पुनरुत्थान संभव हो।
2) यिर्मयाह 15:19 — विश्वासियों के दोष-दायरे से बाहर कर देने के बाद पुनः आकर सुधार की संभावना; समुदाय के लिए बहाल होने का रास्ता खुला रहता है।
3) 2 थिस्स 3:14-15 — यदि किसी व्यक्ति ने पथभ्रष्ट किया है, तो उसे प्रेम से चेतावनी देकर अलग-थलग करने के स्थान पर पुनः समाविष्ट करने की कोशिश कब की जाए; अनुशासन अंततः प्रेम का ही उन्नयन करता है।
पूर्व-परख के सन्देश ( Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से संक्षेप)
Matthew Henry सुझाव देते हैं कि यह शास्त्र चर्च के लिए एक कानून है, ताकि पवित्रता के मानक बनाए रखें और अलगाव के समय भी कसौटियों के अनुसार करना हो।
Albert Barnes बताते हैं कि यहाँ “अपने बीच से निकाल दो” केवल उसी अवस्था पर लागू है जहाँ भ्रष्ट आचरण पुख्ता है, और यह समुदाय के प्रेरित उद्धार के लिए आवश्यक कदम है।
Adam Clarke यह स्पष्ट करते हैं कि निष्कासन पाप की प्रकृति के अनुसार किया जाना चाहिए—कठोर नहीं, बल्कि उपचारात्मक और उद्धारक।
संयुक्त निष्कर्ष
यह शास्त्र बताता है कि समुदाय की सामूहिक पवित्रता और व्यक्तिगत आचरण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। दोषी को बाहर करना तब तक उचित है जब तक पुनःपुनर्गठन और सुधार की आशा न हो, ताकि समुदाय के भीतर विश्वास और प्रेम की गहराई बनी रहे।
संक्षिप्त व्यवहारिक Takeaway