Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 कुरिन्थियों 5:2 बाइबल पद की व्याख्या
1 कुरिन्थियों 5:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और तुम शोक तो नहीं करते, जिससे ऐसा काम करनेवाला तुम्हारे बीच में से निकाला जाता, परन्तु घमण्ड करते हो।
1 कुरिन्थियों 5:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 कुरिन्थियों 5:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
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प्रकाशितवाक्य 2:20 (HINIRV) »
पर मुझे तेरे विरुद्ध यह कहना है, कि तू उस स्त्री इजेबेल को रहने देता है जो अपने आप को भविष्यद्वक्तिन कहती है, और मेरे दासों को व्यभिचार करने, और मूर्तियों के आगे चढ़ाई गई वस्तुएँ खाना सिखाकर भरमाती है। (प्रका. 2:14)

2 कुरिन्थियों 7:7 (HINIRV) »
और न केवल उसके आने से परन्तु उसकी उस शान्ति से भी, जो उसको तुम्हारी ओर से मिली थी; और उसने तुम्हारी लालसा, और तुम्हारे दुःख और मेरे लिये तुम्हारी धुन का समाचार हमें सुनाया, जिससे मुझे और भी आनन्द हुआ।

गिनती 25:6 (HINIRV) »
जब इस्राएलियों की सारी मण्डली मिलापवाले तम्बू के द्वार पर रो रही थी*, तो एक इस्राएली पुरुष मूसा और सब लोगों की आँखों के सामने एक मिद्यानी स्त्री को अपने साथ अपने भाइयों के पास ले आया।
मुख्य interpretive बिंदु
1 कुरिन्थियों 5:2 का पाठ इस बात को उजागर करता है कि पवित्र समुदाय के भीतर गम्भीर पाप के प्रति शारीरिक आलोचना मात्र नहीं, बल्कि उस पाप के विरुद्ध उचित कदम उठाने की प्रेरणा उत्पन्न होनी चाहिए। यहाँ अधीनस्थ तथ्य यह है कि एक ऐसा कार्य जो समाज के बीच करना अत्यंत अपमानजनक माना गया, उसे लेकर भी समूह का समन्वय और विनयपूर्ण जिम्मेदारी साझा रहनी चाहिए। लेखक स्पष्ट करते हैं कि एक पापी के साथ घमण्ड नहीं, बल्कि चर्च-समुदाय की पवित्रता बनाए रखना प्राथमिकता है, ताकि वह पंक्तिबद्धता टूटे नहीं और सामाजिक समरसता बना रहे।
पाठ की साहित्यिक संदर्भ में समझ
पौलस्त opties जन्म से, कुरिन्थी चर्च में अनियमितता के कई केस सामने आये थे। यहाँ 5chapter के संदर्भ में एक स्पष्ट मामला है जहाँ एक सदस्य के द्वारा नग्न पाप किया गया है और उसे सार्वजनिक रूप से नहीं निभाया गया। पवित्रता और समुदाय की प्रतिष्ठा के प्रश्न पर लेखक दृढ़ हैं: न केवल पाप का निष्कासन आवश्यक है, बल्कि घमण्ड बनना भी एक निदर्श है, जो उपचार के मार्ग को असफल कर देता है।
पदार्थ-गतिविधि और theological significance
इस वाक्य के पीछे एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है—किसी पापी के बारे में समुदाय की प्रतिक्रिया मर्मस्पर्शी हो, परन्तु उद्धार की आशा भी बनी रहे। सुसमाचार में पाप और अपराध के प्रति शुद्धता और प्रेम की balancing है। यदि समुदाय पापी पर घमण्ड करे, तो वह भंग होता है और पवित्रता के उद्देश्यों पर चोट लगती है। इसलिए शोक व्यक्त करने की वक़्त वह न हो जो पापी को समाज से काट दे, बल्कि वह हो जो पाप के परिणाम का गम्भीरता से एहसास कराए और सुधार के मार्ग दिखाए।
बाइबलीय cross-सम्बन्ध (संकेतित संदर्भ)
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि पाप के लिए क्षमायोग्यता जरूरी है, पर उसका परिणाम समाज की शुद्धता और पुनर्संयोजन के लिए भी आवश्यक है।
पाठ-परिशोधन और प्रश्न-आत्मनिरीक्षण
संक्षिप्त निष्कर्ष
1 कुरिन्थियों 5:2 समुदाय की पवित्रता और प्रेम-निष्ठा के संतुलन की माँग करता है। पापी के बारे में उचित कदम उठाने के साथ-साथ घमण्ड से बचना ज़रूरी है ताकि उपचार और सुधार संभव हो सके, और समुदाय दृढ़तापूर्वक धार्मिक उद्देश्यों को 維 बनाए रखे।
टीका-उद्धृत अंश (public-domain)");
नीचे प्रस्तुत टिप्पणीकारों के समानांतर विचारों से जुड़ने के लिए, इन विधाओं से मिलता-जुलता सार समाहित है:
Matthew Henry (public-domain) के विचारों का संकल्प: "Where sin is grown in the church, zeal for discipline is often wanting;" (अनुवाद सार) — पाप के विरुद्ध दंड की उत्साहपूर्ण_READY का अभाव कभी-कभी नज़र आता है।
Albert Barnes (public-domain) के दृष्टिकोण में कहा गया है कि चर्च में पाप के निष्कासन के साथ प्रेम-पूर्ण सुधार का मार्ग बना रहना चाहिए।
Adam Clarke (public-domain) ने पाप के विरुद्ध दृढ़ कदम और समुदाय की पवित्रता के बीच संतुलन पर बल दिया है।
नोट: ऊपर के विचार public-domain commentary के सार हैं; यदि आप प्रत्येक commentary के स्पष्ट वाक्यों के छोटे-छोटे उद्धरण देखना चाहें, वे सीमित हैं और पूर्ण टेक्स्ट उद्धरण यहाँ नहीं दिये जाते।