लूका 3:26 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और वह मात का, और वह मत्तित्याह का, और वह शिमी का, और वह योसेख का, और वह योदाह का,

पिछला पद
« लूका 3:25
अगला पद
लूका 3:27 »

लूका 3:26 पद-दर-पद बाइबल टीका

लूका 3:26 का महत्व और संदर्भ

यह वाक्य स्पष्ट रूप से दिखाता है कि यीशु के जन्म-वर्षों से जुड़ी परंपरागत दैवीय पिता-संरचना के भीतर भी, ईश्वर की योजना कितनी सूक्ष्म और व्यापक है। शिशुकाल के इतिहास में जिन नामों का उल्लेख किया गया है, वे एक एक करके यह दिखाते हैं कि मानव इतिहास और दाऊदी सत्ता से ऊपर उठकर परमेश्वर की योजना चल रही है। यह verse विशेष रूप से दिखाता है कि परमेश्वर ने किन-किन राजाओं, जननी-वंशों और राष्ट्रों के बीच अपने लक्ष्य को स्थापित किया है ताकि मसीह के आगमन के मार्ग स्पष्ट हो सकें।

मौलिक संदर्भ

यह पद लूका के gospel में युशाय-वंशावली के प्रसंग से जुड़ा है, जहाँ प्रेरित लूका यीशु के पूर्व के क्रम और उनके जन्म से पहले के ऐतिहासिक-पारिवारिक विवरणों का उल्लेख करते हैं। बीच-बीच में वह यह बताता है कि यीशु का जन्म ईश्वर की योजना के पाठ के अनुरूप हुआ है, न कि मानव-योजना से स्वतंत्र।

प्रमुख संदेश

इस verse में अलग-अलग नामों का क्रम दर्शाता है कि मसीह-वर्तमान से पूर्व के लोगों के साथ भी परमेश्वर ने किस प्रकार संबंध बनाए रखा। ये नाम, जो पुराने वंश के प्रतीक हैं, यह संकेत करते हैं कि ईश्वर की वाचा और उद्धार-योजना बहुवर्षी और बहुवंशीय है, और यह सभी के लिए खुला है।

बाइबल से जुड़े विषय

  • आस्तित्व और नियति: परमेश्वर के कर्तव्य और बुलावे हर पीढ़ी के लिए होते हैं।
  • विश्वास की पंक्ति: इतिहास के हर मोड़ पर ईश्वर ने अपनी निष्ठा सिद्ध की है।
  • जातीय-पारिवारिक इतिहास का उद्धार-आगमन से संबंध: मसीह का आगमन एक विश्व-गुरुत्वाकर्षण है जो सभी राष्ट्रों को जोड़ता है।

क्रॉस-रेफरेंस और उनके तात्पर्य

1) मरकुस आदि में पवित्र वंशावली के संकेत देते हुए एक ही पंक्ति में कई नामों का उल्लेख—यह स्पष्ट करता है कि उद्धारकर्ता इतिहास के सभी हिस्सों को समाहित करते हुए आता है।

2) मत्ती 1 की वंशावली—ईसा के पूर्वजों की सूची बताती है कि परमेश्वर कैसे क्रमबद्ध रूप से इतिहास को आगे बढ़ाते हैं ताकि उद्धार का उद्देश्य पूरा हो सके।

3) इब्रानी 2:10-13 जैसे पाठ उद्धार के व्यापक दायरे को प्रकट करते हैं—यशाय की भविष्यवाणी के अनुरूप न केवल यहूदियों बल्कि विश्व के सभी लोगों के लिए भी मसीह का जन्म है।

युक्त CROSS-हिम्मती समझ

किसी भी जाति या किसी भी समय की परवाह किए बिना, परमेश्वर अपनी योजना के अनुसार काम करता है; यह हमारे लिए आश्वासन है कि इतिहास एक धुन की तरह चलता है जिसमें हर नोट का अर्थ है।

व्यावहारिक चिंतन

हमारे जीवन के छोटे-छोटे प्रसंगों में भी ईश्वर का उद्देश्य छिपा हो सकता है। धैर्य रखें, विश्वास रखें, और देखें कि कैसे समय-समय पर वे लोग जिनके नाम यहाँ आते हैं, हमारे लिए उद्धार के मार्ग को नमूदार करते हैं।

संक्षिप्त आत्म-प्रेरणा

परमेश्वर हर पीढ़ी के लिए योजनाबद्ध है। यदि आपके जीवन में असमंजस हो, तो यह देखें कि कैसे पुरानी अमानतें और इतिहास मिलकर उद्धार की एक नई दिशा बनाते हैं। आप भी इस योजना के सहभागी बनें; विश्वास से आगे बढ़ें और ईश्वर की वाचा पर टिके रहें।

टिप्पणी और उद्धरण

यहाँ उपलब्ध प्राचीन पवित्र टिप्पणीकारों से संक्षिप्त सन्निवेश निम्नानुसार है:

  • Matthew Henry के अनुसार: यदि पाठ के इन नामों के पीछे आध्यात्मिक अर्थ हो, तो यह संकेत है कि प्रभु की निष्ठा और वाचा हर उत्तरआत्मक और जातीय क्रम से ऊपर उठकर है।
  • Albert Barnes के अनुसार: यह सूची वास्तविक ऐतिहासिक-वंशावली है जो यह दर्शाती है कि यीशु का आना सर्वसमावेशी उद्धार है, न कि केवल एक विशेष समुदाय के लिए।
  • Adam Clarke के अनुसार: वंशावली का यह भाग यह बताती है कि परमेश्वर ने इतिहास के विलक्षण मोड़ कर्तव्य के अनुसार नियत किया है ताकि मसीह का जन्म सत्यापित हो सके।

याद रहे: ऊपर उद्धृत तीनों टिप्पणीकारों से सटीक शब्दों के पूर्ण वाक्य यहां नहीं दिए गए हैं, पर उनकी विचारधारा और प्रमुख निष्कर्ष यह हैं कि वंशावली की यह पंक्ति यह संकेत देती है कि उद्धार का कार्य ईश्वर की सतत् निष्ठा का प्रमाण है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 3:26 समानांतर पद और संबंधित वचन

इस बाइबल अंश से संबंधित समानांतर वचन चित्र अभी उपलब्ध नहीं हैं।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें